फसल नहीं, ‘मुनाफे की मशीन’ है मक्का! एक बीज से दवा, प्लास्टिक और ईंधन तक, किसानों की बदलेगी किस्मत

Maize Farming: मक्का को हम अक्सर सिर्फ भुट्टा या रोटी के रूप में देखते हैं, लेकिन असल में यह हमारी ज़िंदगी के हर कोने में मौजूद है. मक्का से दवाइयां बनती हैं, क्रीम-साबुन तैयार होते हैं, पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाने वाला प्लास्टिक बनता है और गाड़ियों के लिए ईंधन भी तैयार किया जाता है. खाने के साथ-साथ मक्का रोज़गार, उद्योग और किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी मदद करता है.

नोएडा | Updated On: 11 Feb, 2026 | 05:20 PM

Corn Based Products: मक्का को ज्यादातर लोग सिर्फ खाने की फसल समझते हैं. भुट्टा, मक्के की रोटी, दलिया या कॉर्नफ्लेक्स के रूप में यह हर घर में खाया जाता है. लेकिन मक्का की पहचान सिर्फ खाने तक सीमित नहीं है. आज मक्का खेतों से निकलकर फैक्ट्रियों, लैब, कॉस्मेटिक कंपनियों और ऊर्जा के कामों तक पहुंच चुका है. यही वजह है कि पूरी दुनिया में मक्का से हजारों तरह के सामान बनाए जा रहे हैं.

पर्यावरण के लिए फायदेमंद मक्का का प्लास्टिक

आजकल प्लास्टिक हर जगह इस्तेमाल होता है, लेकिन इससे पर्यावरण को काफी नुकसान भी होता है. इसी समस्या का हल मक्का से बनने वाला बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक है. यह प्लास्टिक मक्का के स्टार्च से बनाया जाता है और इस्तेमाल के बाद आसानी से गल जाता है. इससे मिट्टी और पानी को कम नुकसान पहुंचता है. अब पैकेजिंग, कैरी बैग और बोतलों में भी इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है.

दवाइयों में भी काम आता है मक्का

दवाइयों की दुनिया में भी मक्का बहुत काम का माना जाता है. गोलियां बनाने में मक्का के स्टार्च का इस्तेमाल किया जाता है. दवाइयों पर दिखने वाला सफेद पाउडर अक्सर मक्का से ही बनता है. मक्का से मिलने वाले पोषक तत्व पेट, दिल और आंखों के लिए अच्छे होते हैं. इसी वजह से दवा बनाने वाली कंपनियां मक्का का ज्यादा इस्तेमाल कर रही हैं.

कॉस्मेटिक्स में बढ़ता इस्तेमाल

मेकअप से जुड़े प्रोडक्ट्स में भी मक्का का काफी इस्तेमाल होता है. मक्का का तेल और स्टार्च त्वचा के लिए सेफ होते हैं. फेस क्रीम, लोशन, साबुन और पाउडर में मक्का से बने पदार्थ मिलाए जाते हैं. इससे त्वचा मुलायम रहती है और एलर्जी का खतरा कम होता है. इसलिए नेचुरल और हर्बल प्रोडक्ट्स में मक्का की मांग बढ़ रही है.

खाने-पीने में पहले से मशहूर

खाने की चीजों में मक्का पहले से ही लोगों की पसंद है. मक्के का आटा, कॉर्न ऑयल, पॉपकॉर्न, कॉर्नफ्लेक्स और स्नैक्स हर उम्र के लोग खाते हैं. मक्का स्वाद के साथ शरीर को ताकत भी देता है, इसलिए यह बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए फायदेमंद है.

इसके साथ ही मक्का से कपड़े और फाइबर भी बनाए जाते हैं. इसके डंठल से मजबूत रेशा निकाला जाता है, जिससे बैग, रस्सी, कारपेट और सजावटी सामान बनते हैं. मक्का का फाइबर टिकाऊ होता है और पर्यावरण को नुकसान भी नहीं पहुंचाता.

ईंधन के रूप में भी इस्तेमाल

मक्का से एथेनॉल बनाया जाता है, जिसे पेट्रोल में मिलाया जाता है. इससे प्रदूषण कम होता है और किसानों को अच्छा दाम मिलता है. कई देशों में गाड़ियां मक्का से बने ईंधन पर चल रही हैं.

कुल मिलाकर मक्का अब सिर्फ एक फसल नहीं है, बल्कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. खेती से लेकर उद्योग और रोजगार तक, हर जगह मक्का फायदेमंद साबित हो रहा है. इसी वजह से मक्का को ‘भविष्य की फसल’ कहा जा रहा है.

Published: 11 Feb, 2026 | 07:20 PM

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