402 करोड़ की लागत से सूक्ष्म सिंचाई योजना की शुरुआत, अब हर खेत को मिलेगा भरपूर पानी

हरियाणा सरकार ने 402.41 करोड़ रुपये की सौर ऊर्जा आधारित माइक्रो सिंचाई योजना शुरू की है. इसमें महेंद्रगढ़ को सबसे अधिक 114.78 करोड़ रुपये मिले हैं. योजना से 94 गांवों के 8,926 किसानों को लाभ मिलेगा. इसका उद्देश्य बारिश और भूजल पर निर्भरता कम कर ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा देना है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 3 Aug, 2026 | 10:06 AM

Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य में सौर ऊर्जा आधारित सूक्ष्म सिंचाई (माइक्रो इरिगेशन) को बढ़ावा देने के लिए 402.41 करोड़ रुपये की नई योजना शुरू की है. इस योजना में सबसे बड़ा हिस्सा महेंद्रगढ़ जिले को मिला है. जिले के लिए 114.78 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. महेंद्रगढ़ हरियाणा के उन जिलों में शामिल है, जहां खेती काफी हद तक बारिश पर निर्भर है और भूजल स्तर भी लगातार नीचे जा रहा है. ऐसे में इस योजना से किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी और उनकी अनिश्चित मॉनसून पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी.

महेंद्रगढ़ हरियाणा के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में राजस्थान की सीमा से लगा जिला है. यहां सालाना 500 मिमी से भी कम बारिश होती है, जो राज्य में सबसे कम वर्षा वाले इलाकों में शामिल है. इसी वजह से यहां की खेती लंबे समय से मॉनसून पर निर्भर रही है. खरीफ सीजन में किसान मुख्य रूप से बाजरा और दलहन, जबकि रबी सीजन में गेहूं, सरसों और चना की खेती करते हैं.

भूजल दोहन की दर 135.74 फीसदी पहुंच चुकी है

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, महेंद्रगढ़ के नारनौल और नांगल चौधरी समेत छह विकास खंड ऐसे हैं, जहां भूजल का दोहन उसकी उपलब्धता से भी अधिक हो चुका है. राज्य के भूजल प्रकोष्ठ (Ground Water Cell) ने इन्हें ‘अति-शोषित’ श्रेणी में रखा है. पूरे हरियाणा में भी स्थिति चिंताजनक है. राज्य के 143 में से 88 ब्लॉक अति-शोषित श्रेणी में हैं. केंद्रीय भूजल बोर्ड के अनुसार, हरियाणा में भूजल दोहन  की दर 135.74 फीसदी पहुंच चुकी है, यानी राज्य हर साल प्रकृति द्वारा रिचार्ज होने वाले पानी से कहीं अधिक भूजल निकाल रहा है.

हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाया

गिरते भूजल स्तर और सिंचाई की समस्या को देखते हुए हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति ने माइक्रो इरिगेशन एंड कमांड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MICADA) के तहत चार सामुदायिक सौर ऊर्जा आधारित माइक्रो सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है. ये परियोजनाएं भिवानी, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जिलों में लागू की जाएंगी. इनका उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना, भूजल पर निर्भरता कम करना और पानी का अधिक कुशल उपयोग सुनिश्चित करना है.

आधुनिक तकनीक के जरिए खेती

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक तकनीक के जरिए खेती को मजबूत बनाने के लिए काम कर रही है. उनका कहना है कि सरकार ऐसी कृषि व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिससे किसानों की अनियमित बारिश और गिरते भूजल  पर निर्भरता कम हो. महेंद्रगढ़ में इस परियोजना के तहत नहरों से पानी लेकर ड्रिप और स्प्रिंकलर आधारित माइक्रो सिंचाई की सुविधा दी जाएगी. इन प्रणालियों को चलाने के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होगा, जिससे डीजल और बिजली पर होने वाला खर्च कम होगा और भूजल का दोहन भी घटेगा.

योजना के तहत महेंद्रगढ़ को 114.78 करोड़ रुपये मिले

यह योजना भिवानी, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ के 20 ब्लॉकों, 61 नहर आउटलेट, 94 गांवों और 11,040 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करेगी. इससे करीब 8,926 किसानों को लाभ मिलेगा. योजना के तहत महेंद्रगढ़ को 114.78 करोड़ रुपये, झज्जर को 114.68 करोड़ रुपये, भिवानी को 95.78 करोड़ रुपये और कुरुक्षेत्र को 77.17 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 3 Aug, 2026 | 10:05 AM

लेटेस्ट न्यूज़