मार्केट में आई खरबूज की नई किस्म, अब कम लागत में ज्यादा पैदावार.. शेल्फ लाइफ भी ज्यादा

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों के लिए ‘पंजाब अमृत’ नाम की नई खरबूज किस्म पेश की है. यह किस्म बेहतर स्वाद, अधिक मिठास, लंबी शेल्फ लाइफ और ज्यादा उत्पादन के लिए जानी जाती है. विशेषज्ञों के अनुसार किसान इसका बीज खुद तैयार कर सकते हैं, जिससे लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ेगा.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 24 May, 2026 | 07:59 AM

Watermelon New Variety: खरबूज की खेती करने वाले किसानों के लिए खुशखबरी है. कृषि वैज्ञानिकों ने खरबूज की एक ऐसी खास किस्म विकसित की है, जिसकी बुवाई करने पर किसानों को कम लागत में ज्यादा पैदावार मिलेगी. इस खास किस्म का नाम पंजाब अमृत है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह किस्म बेहतर उत्पादन और अच्छी गुणवत्ता के कारण किसानों के लिए अधिक लाभदायक साबित हो सकती है. विशेषज्ञों ने कहा कि ‘पंजाब अमृत’ खरबूजे की यह नई किस्म स्वाद, गुणवत्ता और मिठास के मामले में काफी बेहतर है. इसके साथ ही इसकी शेल्फ लाइफ (भंडारण अवधि) भी अन्य किस्मों की तुलना में अधिक है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए ज्यादा समय मिल सकता है.

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब के किसानों की आय बढ़ाने और उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाला खरबूजा  उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), संगरूर ने नई खरबूज किस्म ‘पंजाब अमृत’ पर एक फील्ड डे का आयोजन किया था. यह कार्यक्रम पीएयू, लुधियाना के सब्जी विज्ञान विभाग के तकनीकी सहयोग से आयोजित किया गया. इस दौरान किसानों को ‘पंजाब अमृत’ किस्म की विशेषताओं और इसके फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने बताया कि यह किस्म बेहतर उत्पादन और अच्छी गुणवत्ता के कारण किसानों के लिए अधिक लाभदायक साबित हो सकती है. कार्यक्रम में किसानों को नई तकनीकों और उन्नत खेती के तरीकों से भी अवगत कराया गया.

फसल विविधीकरण को बढ़ावा

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए सब्जी विज्ञान विभाग के प्रमुख एवं प्रधान सब्जी प्रजनक डॉ. सतपाल शर्मा ने कहा कि सब्जियों की खेती के माध्यम से फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना समय की जरूरत है. उन्होंने किसानों को पीएयू द्वारा विकसित नई सब्जी किस्मों को अपनाने के लिए प्रेरित किया. डॉ. शर्मा ने विशेष रूप से खरबूजे और आलू की उन्नत किस्मों  के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ये नई किस्में अधिक उत्पादन देने वाली हैं, गुणवत्ता में बेहतर हैं और पंजाब की जलवायु व कृषि परिस्थितियों के लिए उपयुक्त हैं. इससे किसानों को अच्छी पैदावार के साथ बेहतर आय प्राप्त करने में मदद मिल सकती है.  डॉ. सतपाल शर्मा ने नई खरबूज किस्म ‘पंजाब अमृत’ की विशेषताओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसके पौधों की बेलें मजबूत और मध्यम से लंबी होती हैं तथा पत्तियां गहरे हरे रंग की होती हैं.  इसके फल अंडाकार-गोल आकार के होते हैं और उनकी बाहरी सतह जालीनुमा (नेटेड) होती है, जबकि फल पर धारियां नहीं होतीं.

भंडारण अवधि भी अन्य किस्मों के तुलना में ज्यादा

उन्होंने कहा कि यह किस्म स्वाद, गुणवत्ता और मिठास के मामले में काफी बेहतर है तथा इसकी भंडारण अवधि भी अन्य किस्मों की तुलना में अधिक है. उन्होंने बताया कि इस किस्म की नवंबर महीने में प्लास्टिक मल्चिंग के साथ लो-टनल तकनीक के जरिए भी बुवाई की जा सकती है. यह किस्म लोकप्रिय बॉबी हाइब्रिड को कड़ी टक्कर देती है. इसकी खास बात यह है कि किसान इसका बीज खुद तैयार कर सकते हैं और इसका बीज बॉबी हाइब्रिड की तुलना में सस्ता भी है.

सब्जी फसलों में एकीकृत कीट प्रबंधन की जानकारी दी गई

कार्यक्रम के दौरान किसानों को सब्जी उत्पादन की उन्नत तकनीकों की भी जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक खेती  के तरीकों, गुणवत्तापूर्ण बीजों के चयन, पोषक तत्व प्रबंधन और समय पर कृषि कार्यों के महत्व पर चर्चा की. किसानों को बताया गया कि इन आधुनिक तकनीकों को अपनाकर वे बेहतर गुणवत्ता वाली फसल के साथ अधिक उत्पादन और मुनाफा हासिल कर सकते हैं, कार्यक्रम के दौरान कीट विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. हरपाल सिंह ने सब्जी फसलों में एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) और रोग नियंत्रण के बारे में जानकारी दी.

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Published: 24 May, 2026 | 07:46 AM

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