फरवरी में 15 तारीख के बाद करें भिंडी की बुवाई, 40 दिन में तैयार होगी फसल.. अधिक पैदावार के लिए डालें ये खाद
हाइब्रिड भिंडी 35 दिन में फूल देने लगती है और 40- 45 दिन में फल आने लगते हैं. यानी किसान अगर आज बुवाई करते हैं, तो मार्च के आखिरी हफ्ते में भिंडी की तुड़ाई शुरू हो जाएगी. बुवाई के 24-48 घंटे के अंदर खेत में पेंडा मैथिलीन नामक रसायन का प्री-इमरजेंस छिड़काव करें.
Bhindi Kheti: फरवरी महीने के आगमन के साथ ही हरी सब्जियों की बुवाई शुरू हो गई है. अगर आप भी सब्जी की बुवाई करना चाहते हैं, तो आपके पास अभी अच्छा मौका है. ऐसे तो गर्मी के मौसम में लौकी, शिमला मिर्च, परवल और खीरा की डिमांड खूब रहती है. लेकिन आप अगर भिंडी की बुवाई करते हैं, तो कम लागत में ज्यादा पैदावार होगी. ऐसे में कमाई भी अच्छी होगी. लेकिन भिंडी की बुवाई करने से पहले कुछ जरूरी बातें जानना जरूरी है. इससे भिंडी की पैदावार बढ़ जाएगी.
दरअसल, भिंडी की बुवाई के लिए फरवरी का महीना सबसे बेहतर होता है. अगर आप हाइब्रिड क्वालिटी की भिंडी की बुवाई करते हैं, तो फसल बहुत जल्द तैयार हो जाएगी. किसानों के पास अभी भी समय है. किसान अगले 1- 2 हफ्तों में भिंडी की बुवाई कर सकते हैं. अभी बुवाई करने पर फसल 15 से 20 दिन पहले ही तैयार हो जाएगी. ऐसे में किसानों को उचित रेट मिल पाएगा.
मार्च से शुरू हो जाएगी भिंडी की तुड़ाई
हाइब्रिड भिंडी 35 दिन में फूल देने लगती है और 40- 45 दिन में फल आने लगते हैं. यानी किसान अगर आज बुवाई करते हैं, तो मार्च के आखिरी हफ्ते में भिंडी की तुड़ाई शुरू हो जाएगी. हालांकि, कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर खाली पड़े खेतों में भिंडी लगाई जाए तो सामान्य फसल की तुलना में डेढ़ से दोगुना फायदा मिल सकता है. आलू, टमाटर, प्याज, मटर और अदरक के खेत में भी अर्ली भिंडी लगाने से किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं.
बुवाई से पहले करें ये जरूरी काम
बागवानी एक्सपर्ट का कहना है कि भिंडी के बीज को शाम के समय पानी में भिगोकर तैयार करें. 15 फरवरी से बुवाई शुरू की जा सकती है. बुवाई से पहले खेत की जुताई करें और खाद-उर्वरक डालें, खासकर फास्फोरस और पोटाश. साथ ही एक तिहाई यूरिया भी छिड़कें, ताकि पौधों को अच्छे पोषण और बढ़वार मिले. अगर आप भिंडी की बुवाई समय से पहले कर रहे हैं, तो ध्यान रखें कि बीज में जर्मिनेशन यानी अंकुरण की समस्या हो सकती है. इसलिए बीज हल्की और घनी मात्रा में बोएं. बुवाई से एक दिन पहले शाम को बीज को पानी में भिगोकर उसमें 1 ग्राम कार्बेंडाजिम प्रति लीटर मिलाएं. फिर इसे थोड़ी देर भिगोकर छोड़ दें, ताकि हल्का अंकुरण शुरू हो जाए.
उर्वरक के रूप में नाइट्रोजन का छिड़काव करें
वहीं, बुवाई के 24-48 घंटे के अंदर खेत में पेंडा मैथिलीन नामक रसायन का प्री-इमरजेंस छिड़काव करें. इससे खरपतवार जल्दी नहीं उगेंगे और भिंडी की शुरुआती ग्रोथ धीरे-धीरे होगी. आमतौर पर भिंडी के पौधे 40-55 दिन में फल देना शुरू कर देते हैं और अर्ली भिंडी में 45 दिन में ही तुड़ाई शुरू हो जाती है.