प्याज बुवाई के समय खेत में फॉस्फोरस के साथ डालें ये खाद, फसल की तेजी से होगी ग्रोथ.. बड़े-बड़े होंगे कंद

देशभर में रबी प्याज की बुवाई शुरू हो गई है. बंपर पैदावार और बड़े कंद के लिए बुवाई के समय सही पोषक तत्व, नियमित सिंचाई और खाद प्रबंधन जरूरी है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, कंपोस्ट खाद और समय पर यूरिया का प्रयोग करने से प्याज की ग्रोथ और उपज में तेजी आती है.

नोएडा | Updated On: 31 Jan, 2026 | 07:06 PM

Onion Farming: बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित लगभग पूरे देश में रबी प्याज की बुवाई शुरू हो गई है. अलग-अलग राज्यों के किसान अलग-अलग किस्मों के प्याज की बुवाई कर रहे हैं. लेकिन बहुत से किसानों को ये मालूम नहीं है कि बुवाई के दौरान खेत में कौन-कौन से पोषक तत्व डालें, ताकि बंपर पैदावार हो और कंद के साइज भी बड़े हो सकें. पर ऐसे किसानों को अब चिंता करने की जरूरत नहीं है. आज हम प्याज के लिए कुछ हम पोषक तत्वों के बारे में चर्चा करने जा रहे हैं, जिसे बुवाई के दौरान खेत में डालने पर मिट्टी की उर्रवरा शक्ति बढ़ जाएगी. इससे पैदावार में भी बढ़ोतरी होगी.

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, प्याज की पैदावार और साइज बढ़ाने के लिए किसान खेतों में नाइट्रोजन और फॉस्फोरस  युक्त उर्वरकों का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे प्याज की फसल की ग्रोथ अच्छी होती है और गांठ का विकास तेजी से होता है. इन उर्वरकों को आसानी से खेतों में प्रयोग किया जा सकता है, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन मिल सकता है.

प्याज के लिए सिंचाई भी है जरूरी

किसान अपने खेतों की नियमित सिंचाई करके भी प्याज की फसल को बेहतर बना सकते हैं. पर्याप्त और संतुलित पानी मिलने से प्याज की ग्रोथ अच्छी होती है, क्योंकि प्याज की खेती में नमी बहुत जरूरी होती है. अगर खेत की मिट्टी सूख जाएगी तो प्याज का विकास रुक सकता है, इसलिए संतुलित सिंचाई और उर्वरक दोनों जरूरी हैं. नाइट्रोजन की पूर्ति के लिए किसान अमोनियम सल्फेट या अमोनियम नाइट्रेट  का इस्तेमाल कर सकते हैं. कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि प्याज लगाने के तीन सप्ताह बाद, प्रति 20 फीट की पंक्ति में एक कप की दर से इन उर्वरकों का प्रयोग किया जा सकता है, जिससे फसल की बढ़वार बेहतर होती है.

प्रति एकड़ 3 से 4 टन कंपोस्ट खाद डालें

प्याज की खेती में खरपतवार नियंत्रण बेहद जरूरी है, इसलिए खेतों को साफ रखना चाहिए. अगर खेत में घास-फूस रहेगी तो डाले गए उर्वरक पौधों तक पहुंचने की बजाय खरपतवार में चले जाएंगे. साथ ही, यह भी ध्यान रखें कि कहीं प्याज के पौधे सूख तो नहीं रहे हैं. अगर पौधे कमजोर या मुरझाते दिखें, तो तुरंत इलाज करें और सही मात्रा में खाद दें. अगर प्याज की फसल  को 30 दिन हो चुके हैं, तो खड़ी फसल में यूरिया का छिड़काव किया जा सकता है. इसके साथ प्रति एकड़ 3 से 4 टन कंपोस्ट खाद मिलाने से फसल की बढ़वार अच्छी होती है और प्याज की उपज बढ़ती है.

Published: 31 Jan, 2026 | 06:50 PM

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