तमिलनाडु सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन (TNCSC) ने नए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान की खरीद शुरू कर दी है. इस साल डेल्टा जिलों से करीब 9 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है. यह लक्ष्य पिछले साल की तुलना में कम है, क्योंकि कावेरी के पानी की कमी से इस बार कुरुवई धान की खेती का रकबा घट गया है. नया खरीफ मार्केटिंग सीजन 1 सितंबर से शुरू होकर 31 अगस्त 2027 तक चलेगा. पिछले सीजन में TNCSC ने नौ डेल्टा जिलों में करीब 7 लाख एकड़ में हुई कुरुवई धान की खेती से लगभग 13 लाख टन धान खरीदा था.
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल करीब 4.8 लाख एकड़ में कुरुवई धान की खेती हुई है और इसी आधार पर 9 लाख टन खरीद का लक्ष्य तय किया गया है. लक्ष्य तय करते समय अलग-अलग जिलों में खेती के रकबे और औसत पैदावार को ध्यान में रखा गया है. TNCSC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कावेरी का पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण इस साल धान खरीद का लक्ष्य पिछले साल की उपलब्धि से करीब 25 फीसदी कम रखा गया है.
धान के MSP में बढ़ोतरी, तमिलनाडु सरकार ने भी दिया अतिरिक्त प्रोत्साहन
केंद्र सरकार ने इस साल बारीक किस्म के धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,461 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म के धान का 2,441 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. इसके अलावा तमिलनाडु सरकार ने किसानों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया है. बारीक किस्म के धान पर 289 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म पर 159 रुपये प्रति क्विंटल का प्रोत्साहन दिया जाएगा.
तमिलनाडु में करीब 500 सरकारी केंद्रों पर होगी धान खरीद
1 सितंबर से तमिलनाडु के अलग-अलग जिलों में करीब 500 सरकारी प्रत्यक्ष खरीद केंद्रों (DPC) पर धान की खरीद शुरू हो गई है. पिछले साल धान की ज्यादा आवक को देखते हुए 900 से ज्यादा केंद्र चलाए गए थे. TNCSC के अधिकारियों के मुताबिक, इस साल भी अगर खरीद केंद्रों पर धान की आवक बढ़ती है तो धान की बोरियों को तुरंत भंडारण केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा धान सुखाने वाली पर्याप्त मशीनें, बोरियां और तिरपाल भी उपलब्ध कराए गए हैं.
निजी व्यापारियों को कम दाम पर धान न बेचें किसान
सरकारी धान खरीद केंद्रों पर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अगर कोई कर्मचारी किसानों से रिश्वत मांगता है तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी और उसकी जगह जल्द ही नया कर्मचारी तैनात किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि किसानों से खरीदे गए धान का भुगतान सात दिनों के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में भेज दिया जाएगा. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे कम दाम पर निजी व्यापारियों को धान बेचने के बजाय सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी उपज बेचें.