दीमक का खेतों में ‘गुप्त हमला’! जड़ों को कर रही है खोखला, ये 2 तरीके अपनाए नहीं तो फसल जाएगी हाथ से

Termite Control: दीमक खेती की एक गंभीर समस्या है, जो फसलों की जड़ों को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचाती है और अक्सर इसका पता देर से चलता है. यह खासकर सूखे और अंधेरे वातावरण में तेजी से फैलती है. इसके नियंत्रण के लिए रासायनिक और जैविक दोनों तरीके असरदार होते हैं. साथ ही खेत की गहरी जुताई करना और मिट्टी में सही नमी बनाए रखना भी बहुत जरूरी है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 8 May, 2026 | 06:30 PM

Pest Control Tips: खेती-किसानी में दीमक एक ऐसी खतरनाक समस्या है, जो दिखाई दिए बिना ही फसलों की जड़ों को अंदर से खोखला कर देती है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद के अनुसार, यह कीट खासतौर पर उन पौधों को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है जिनमें सेल्यूलोज की मात्रा अधिक होती है. मिट्टी के अंदर रहने के कारण इसका पता जल्दी नहीं चलता और तब तक फसल को भारी नुकसान हो चुका होता है.

दीमक कैसे करती है फसलों को नुकसान?

दीमक को अंधेरा और सूखा वातावरण बहुत पसंद होता है, इसलिए यह ज्यादातर जमीन के अंदर ही सक्रिय रहती है. जब खेतों में नमी कम हो जाती है, तो दीमक तेजी से फैलने लगती है. यह कीट पौधों की जड़ों को काटकर उन्हें नुकसान पहुंचाती है, जिससे पौधे कमजोर हो जाते हैं और धीरे-धीरे सूखने लगते हैं. इसका सीधा असर फसल पर पड़ता है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, दीमक से बचाव के लिए सबसे पहले मिट्टी की स्थिति को समझना जरूरी है. जहां खेत ज्यादा सूखे रहते हैं, वहां इसका खतरा अधिक होता है. इसलिए खेत की नियमित निगरानी और समय पर उपचार बेहद जरूरी है.

रासायनिक नियंत्रण से त्वरित राहत

दीमक पर तुरंत नियंत्रण के लिए रासायनिक उपाय काफी असरदार माने जाते हैं. किसान खेत में भरपूर पानी (फ्लड इरिगेशन) के साथ क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी का उपयोग कर सकते हैं.

  • लगभग 2 से 3 लीटर दवा प्रति हेक्टेयर
  • सिंचाई के पानी के साथ मिलाकर प्रयोग
  • 5-6 इंच पानी के साथ खेत में डालने से दीमक के झुंड नष्ट हो जाते हैं

इस विधि से मिट्टी के अंदर छिपी दीमक तेजी से खत्म होती है और फसल सुरक्षित रहती है.

जैविक उपाय: किसानों के लिए सुरक्षित विकल्प

जैविक खेती करने वाले किसानों के लिए बेवेरिया बेसियाना (Beauveria bassiana) एक प्रभावी विकल्प है. यह एक फफूंद आधारित जैविक उपचार है, जो दीमक के संपर्क में आते ही उसे संक्रमित कर देती है.

इसके इस्तेमाल की विधि:

  • 3 किलो बेवेरिया बेसियाना को 75 किलो सड़ी गोबर की खाद में मिलाएं
  • 10 दिनों तक इसे तैयार होने दें और रोज हल्का पानी छिड़कें
  • फिर इसे खेत की जुताई के समय मिट्टी में मिला दें

यह प्रक्रिया दीमक को जड़ से खत्म करने में मदद करती है.

रोकथाम ही सबसे बेहतर समाधान

दीमक से बचाव के लिए केवल उपचार ही नहीं, बल्कि रोकथाम भी जरूरी है. बुवाई से पहले खेत की गहरी जुताई करें ताकि छिपे हुए कीट नष्ट हो सकें. साथ ही जैविक खाद का उपयोग करने से मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है और दीमक की संभावना कम हो जाती है.

दीमक खेती के लिए एक गंभीर खतरा है, लेकिन सही समय पर पहचान और वैज्ञानिक तरीकों से इसका नियंत्रण संभव है. रासायनिक और जैविक दोनों उपायों को अपनाकर किसान अपनी फसलों को सुरक्षित रख सकते हैं और उत्पादन में नुकसान से बच सकते हैं.

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Published: 8 May, 2026 | 06:30 PM
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