खेत की मेड़ पर लगाएं ये खास पौधे, मधुमक्खी पालन में बढ़ेगा शहद उत्पादन और होगी ज्यादा कमाई
मधुमक्खी पालन में शहद की पैदावार बढ़ाने के लिए आसपास फूलों और पेड़ों की मौजूदगी बहुत जरूरी होती है. खेत की मेड़, बगीचे या खाली जमीन पर अलग-अलग मौसम में खिलने वाले पौधे लगाकर किसान मधुमक्खियों के भोजन का इंतजाम कर सकते हैं और उत्पादन बढ़ा सकते हैं. इससे शहद की गुणवत्ता और कमाई बढ़ती
Honey Production: उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे बड़ा शहद उत्पादक राज्य बन चुका है. यहां देश के कुल शहद उत्पादन का 30 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा तैयार होता है. बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण परिवार खेती के साथ मधुमक्खी पालन जोड़कर अच्छी कमाई कर रहे हैं. अगर आप भी मधुमक्खी पालन शुरू करना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि खेत की मेड़ पर कौन-कौन से फूल और पौधे लगाने से शहद उत्पादन बढ़ता है. क्योंकि सीधा नियम है-जहां फूल ज्यादा, वहां शहद ज्यादा.
साल भर फूल, तभी बढ़ेगा शहद
मधुमक्खियां फूलों से रस और पराग इकट्ठा करती हैं. जितने ज्यादा तरह के फूल होंगे, शहद उतना अच्छा बनेगा. कई विशेषज्ञों के अनुसार अलग-अलग मौसम में खिलने वाले पौधे जरूर लगाने चाहिए. सरसों, सूरजमुखी, सदाबहार और गेंदा जैसे पौधे मधुमक्खियों को बहुत पसंद आते हैं. सर्दियों में जब सरसों के खेत पीले फूलों से भर जाते हैं, तो मधुमक्खियां बड़ी संख्या में वहां पहुंचती हैं. सरसों के फूलों में ज्यादा रस होता है, जिससे शहद जल्दी बनता है. खेत की मेड़ या खाली जमीन पर ऐसे पौधे लगाकर आप मधुमक्खियों के लिए साल भर भोजन का इंतजाम कर सकते हैं.
सरसों मधुमक्खी पालन
सरसों और सूरजमुखी से डबल फायदा
सरसों मधुमक्खी पालन के लिए सबसे फायदेमंद फसल मानी जाती है. इसका शहद हल्के रंग का और स्वाद में मीठा होता है. बाजार में इसकी अच्छी मांग रहती है. अगर किसान सरसों की खेती के साथ मधुमक्खी पालन करें, तो कमाई बढ़ सकती है. सूरजमुखी भी मधुमक्खियों के लिए बहुत अच्छा पौधा है. इसके बड़े फूलों में भरपूर पराग और रस होता है. इससे शहद उत्पादन बढ़ता है और सूरजमुखी के बीजों की पैदावार भी अच्छी होती है. तिल, धनिया और सौंफ जैसी फसलें भी मधुमक्खियों के लिए अच्छा भोजन देती हैं और जल्दी तैयार हो जाती हैं.
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फलदार पेड़ों से बढ़ेगी कमाई
अगर आपके खेत या बगीचे में आम, लीची या अमरूद के पेड़ हैं, तो यह मधुमक्खी पालन के लिए बहुत अच्छा है. जब इन पेड़ों में फूल आते हैं, तो मधुमक्खियां परागण करती हैं. इससे फलों की पैदावार 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ सकती है. लीची के फूलों से बना शहद खास खुशबू और स्वाद के लिए जाना जाता है. बाजार में इसकी कीमत सामान्य शहद से ज्यादा मिलती है. इसलिए बागवानी और मधुमक्खी पालन को साथ-साथ करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है.
सही पौधे लगाकर शहद उत्पादन बढ़ाने का आसान देसी तरीका.
नीम, सहजन और देसी फूल न भूलें
नीम, शीशम और सहजन जैसे पेड़ भी मधुमक्खियों के लिए फायदेमंद होते हैं. नीम के फूलों से बना शहद औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है. सहजन में लंबे समय तक फूल आते रहते हैं, जिससे मधुमक्खियों को ऑफ-सीजन में भी भोजन मिलता है. तुलसी, गेंदा और सदाबहार जैसे छोटे पौधे गमलों या बगीचे में आसानी से लगाए जा सकते हैं. ये लगभग पूरे साल फूल देते हैं.
कई पेड़ भी मधुमक्खियों के लिए फायदेमंद होते हैं.
सबसे जरूरी बात यह है कि खेत में कीटनाशकों और रसायनों का कम इस्तेमाल करें, क्योंकि ज्यादा दवाइयां मधुमक्खियों के लिए नुकसानदायक होती हैं. अगर किसान सही पौधे लगाकर प्राकृतिक तरीका अपनाएं, तो मधुमक्खियां स्वस्थ रहेंगी, बक्सों की संख्या बढ़ेगी और शहद का उत्पादन भी लगातार बढ़ता रहेगा. थोड़ी समझदारी से आपका खेत सच में मीठा मुनाफा दे सकता है.