प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान की स्थिति में सरकार नुकसान की भरपाई करती है. राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि मक्का और धान की फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को प्रति बीघा 60 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. वहीं, टमाटर की फसल खराब होने पर किसानों को मुआवजे के रूप में 2 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा. हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वह 15 जुलाई से पहले पीएम फसल बीमा योजना के तहत आवेदन फॉर्म भरकर जरूर जमा कर दें.
फसल बीमा आवेदन करने की अंतिम तिथि
हिमाचल प्रदेश में फसलों का बीमा करवाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई जा रही है. सोलन जिले में मक्का और धान की फसल का बीमा करवाने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 तय की गई है. वहीं, टमाटर की फसल का बीमा करवाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है. बता दें कुछ जिलों में 15 जुलाई अंतिम तिथि है, लेकिन ज्यादातर जिलों के किसानों को 31 जुलाई तक आवेदन करने का मौका दिया गया है. अपने जिले के कृषि और उद्यान विभाग से किसान संपर्क कर सकते हैं.
फसल बीमा कहां कराएं किसान
सोलन जिले के कृषि उप निदेशक डॉ. देव राज कश्यप ने मीडिया को बताया कि इच्छुक किसान फसलों का बीमा अपने नजदीकी लोकमित्र केन्द्र के माध्यम से करवा सकते हैं. किसान अपनी जमाबंदी, आधार कार्ड, बैंक पास बुक, बिजाई प्रमाण पत्र आदि लेकर लोकमित्र केन्द्रों में जाकर बीमा करवा सकते है. उन्होंने कहा कि किसान ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी बीमा के लिए आवेदन कर सकते हैं.
टमाटर के लिए 2 लाख रुपये मुआवजा
सोलन जिले के कृषि उप निदेशक ने बताया कि मक्का और धान की फसल के लिए 60 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है. मक्का तथा धान की फसल का बीमा करवाने के लिए किसानों को 96 रुपए प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी. उन्होंने कहा कि टमाटर की फसल के लिए 02 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है. किसानों को टमाटर की फसल के लिए 800 रुपए प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी.
फसल कटाई के दो सप्ताह बाद नुकसान होने पर भी मिलेगा मुआवजा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत कम वर्षा, सूखा, बाढ़, सैलाब, भूमि कटाव, ओलावृष्टि और फसल कटाई के बाद दो सप्ताह तक होने वाले नुकसान को कवर किया जाता है. उन्होंने कहा कि ऋणी किसानों के लिए यह योजना ऐच्छिक की गई है. उप निदेशक ने किसानों से आग्रह किया कि अपनी मक्का, धान व टमाटर की फसल का बीमा करवाएं ताकि फसलों का नुकसान होने की स्थिति में उन्हें कृषि बीमा कंपनियों से मुआवजा मिल सके.