सूखे से पीड़ित रहने वाले और कम सिंचाई सुविधाओं वाले इलाके के किसानों के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने खरीफ फसलों की बुवाई को लेकर सलाह जारी की है. राज्य के कृषि विभाग ने कहा कि किसान शुरूआती तेज बारिश के धोखे में ना आएं. खासकर कम सिंचाई सुविधा वाले इलाकों के किसान सावधान रहें, क्योंकि जिन हिस्सों में दो दिनों में ज्यादा बारिश देखी गई है लेकिन वहां पर मिट्टी में पर्याप्त नमी नहीं आ पाई है. इससे बुवाई में जल्दबाजी से बीज अंकुरण में दिक्कत हो सकती है.
किसान खरीफ फसलों की बुआई में जल्दबाजी न करें
मध्यप्रदेश कृषि विभाग ने किसानों को खरीफ फसलों की बुआई में जल्दबाजी न करने की सलाह दी है. विभाग का कहना है कि अभी कुछ दिनों से कुछ हिस्सों में ज्यादा बारिश देखी गई है. लेकिन, बुंदेलखंड समेत अन्य सूखा वाले इलाकों में किसानों को फसलों की बुवाई में सावधानी बरतने की जरूरत है. क्योंकि, कृषि वैज्ञानिकों ने अभी मिट्टी में पर्याप्त नहीं होने की आशंका जताई है.
4 इंच की गहराई में मिट्टी की नमी जरूरी
कृषि विभाग ने जारी कृषि सलाह में किसानों से कहा है कि जब तक खेतों में करीब 4 इंच यानी एक बालिश्त की गहराई तक मिट्टी में पर्याप्त नमी न हो जाए, तब तक बुआई करना जोखिम भरा हो सकता है. उन्होंने कहा कि जिन किसानों के पास सिंचाई सुविधाएं नहीं हैं उन्हें ज्यादा सावधानी बरतनी होगी. क्योंकि, अलनीनो के असर से अगर अगले कुछ दिनों में ठीक बारिश नहीं हुई तो अभी बोए गए बीजों का अंकुरण नहीं हो पाएगा.
कम पानी लागत और जल्दी तैयार होने वाली फसलें बोयें
कृषि सलाह में कहा गया है कि जिन हिस्सों में बीते कुछ दिनों में ठीक बारिश हुई है और वहां के किसानों के पास सिंचाई की सुविधा है तो वे पहले मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए ढैंचा या सनई की बुआई हरित खाद के रूप में कर सकते हैं. इसके बाद खरीफ फसलों की बुवाई करें. कृषि सलाह में यह भी कहा गया है कि कम पानी लागत वाली और जल्दी तैयार होने वाली फसलों की बुवाई करें.
सोयाबीन के 70 फीसदी अंकुरण वाले बीजों का करने की सलाह
कृषि विभाग ने किसानों को सोयाबीन बीज का अंकुरण परीक्षण करने और 70 फीसदी से अधिक अंकुरण क्षमता वाले बीजों का ही उपयोग करने की सलाह दी है. इसके अलावा वर्षा जल संचय के लिए खेत तालाब, पोखर और सोक्ता पिट जैसे उपाय अपनाने तथा फसल बीमा कराने की भी अपील की गई है.
मध्य प्रदेश में के 26 जिलों में मौसम का हाल
मध्य प्रदेश में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश ने बारिश का आंकड़ा सामान्य के करीब पहुंचा गया है. प्रदेश में अब तक करीब 7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य वर्षा से केवल 1 फीसदी कम है. मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों के दौरान गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर और छतरपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि प्रदेश के 26 अन्य जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है.