Tip Of The Day: आज लगाया ये पेड़ तो बुढ़ापे में मिलेंगे करोड़ों! 15 साल में बदल जाएगी किस्मत, सरकार दे रही सपोर्ट

Sandalwood Farming: चंदन की खेती आज के समय में किसानों के लिए सबसे सुरक्षित और मुनाफेदार लॉन्ग-टर्म निवेश बनकर उभर रही है. बजट 2026 में सरकार के समर्थन के बाद सफेद चंदन की संगठित खेती को बढ़ावा मिल रहा है. कम देखभाल, मिश्रित खेती की सुविधा और 12-15 साल में करोड़ों की संभावित कमाई इसे बुढ़ापे की पक्की पेंशन जैसा विकल्प बनाती है.

नोएडा | Published: 8 Feb, 2026 | 02:02 PM

Chandan Ki Kheti: आज के दौर में खेती सिर्फ रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का जरिया नहीं रह गई है, बल्कि यह भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनती जा रही है. जहां पारंपरिक फसलें हर मौसम में सीमित आमदनी देती हैं, वहीं कुछ खास फसलें ऐसी भी हैं, जो लंबे समय में किसानों को करोड़पति बना सकती हैं. ऐसी ही एक खेती है चंदन की खेती, जिसे आज लगाया जाए तो आने वाले 12-15 साल बाद यह बुढ़ापे की पक्की पेंशन बन सकती है.

चंदन कोई साधारण पेड़ नहीं, बल्कि एक ऐसा लॉन्ग-टर्म एसेट है जिसकी कीमत समय के साथ लगातार बढ़ती जाती है. जैसे-जैसे पेड़ की उम्र बढ़ती है, उसकी खुशबू, क्वालिटी और बाजार में मांग भी बढ़ती जाती है. यही वजह है कि चंदन को आज ‘हरी पूंजी’ के रूप में देखा जा रहा है.

बजट 2026 में चंदन की खेती को मिला बड़ा समर्थन

बजट 2026 में केंद्र सरकार ने हाई वैल्यू वाली फसलों पर खास फोकस किया है, जिसमें चंदन की खेती को भी अहम स्थान मिला है. सरकार का लक्ष्य भारतीय चंदन इको-सिस्टम को फिर से मजबूत करना है. इसके लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर संगठित चंदन खेती को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है.

सरकार सिर्फ पेड़ लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि चंदन की कटाई के बाद लकड़ी और तेल की प्रोसेसिंग के लिए भी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है. इससे किसानों को बेहतर दाम और बाजार की सुविधा मिल सकेगी.

मिश्रित खेती से मिलेगी लगातार आमदनी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सफेद चंदन की खेती मिश्रित खेती के साथ सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होती है. चंदन के साथ अगर किसान दूसरी फसलें लगाते हैं तो 12-15 साल तक उन्हें नियमित आमदनी मिलती रहती है. इससे परिवार के खर्च आसानी से चलते रहते हैं और चंदन तैयार होने पर एकमुश्त बड़ा मुनाफा हाथ आता है.

चंदन की खेती के लिए कैसी हो जमीन?

चंदन का पौधा अकेले नहीं बढ़ता. इसके साथ होस्ट प्लांट लगाना जरूरी होता है. अरहर को सबसे बेहतर होस्ट प्लांट माना जाता है, जिससे चंदन का विकास तेजी से होता है.

एक एकड़ में कितने पौधे लगते हैं?

कमाई का पूरा गणित समझिए

चंदन की लकड़ी से फर्नीचर, औषधियां, इत्र और तेल तैयार किए जाते हैं, जिसकी देश-विदेश में भारी मांग है.

क्या कटाई के लिए सरकारी अनुमति जरूरी है?

सफेद चंदन की खेती के लिए कोई खास कानूनी रोक नहीं है, लेकिन पेड़ काटने से पहले वन विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य होता है, जैसे अन्य पेड़ों के लिए नियम लागू होते हैं.

कुल मिलाकर, चंदन की खेती उन किसानों के लिए सुनहरा मौका है जो कम देखभाल में लंबी अवधि का बड़ा मुनाफा चाहते हैं. सही योजना और धैर्य के साथ यह खेती भविष्य की आर्थिक सुरक्षा की सबसे मजबूत गारंटी बन सकती है.

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