फरवरी में करें टमाटर की इन किस्मों की बुवाई, 2 महीने बाद होगी बंपर पैदावार.. बस इस खाद का करें इस्तेमाल

हाइब्रिड टमाटर की खेती के लिए दोमट या बलुई दोमट मिट्टी अच्छी मानी गई है. बुवाई करने से पहले खेत की अच्छी तरह से 2 से 3 बार जुताई कर लें. इसके बाद पाटा चलाकर खेत को समतल कर लें, ताकि जलभराव नहीं हो. वहीं, मिट्टी का पीएच मान  6.0-6.8 आदर्श रहता है. अगर किसान चाहें, तो प्रति एकड़ 10-15 टन गोबर या वर्मी कंपोस्ट डाल ससकते हैं.

नोएडा | Updated On: 10 Feb, 2026 | 02:18 PM

Tomato cultivation: टमाटर एक ऐसी सब्जी है, जिसकी पूरे साल मार्केट में मांग रहती है. इसके चलते इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव होते रहता है. बरसात के मौसम में टमाटर काफी महंगा हो जाता है. कई बार तो इसकी कीमतें 100 रुपये किलो के पार पहुंच जाती हैं. ऐसे में टमाटर की खेती करने वाले किसानों की अच्छी कमाई होती है. अगर आप भी टमाटर उगाना चाहते हैं, तो आपके पास अभी अच्छा मौका है. फरवरी महीने में टमाटर की बुवाई करने पर दो से तीन महीने बाद टमाटर का उत्पादन शुरू हो जाता है. ऐसे में आप बरसात में टमाटर बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकते  हैं. अगर आप हाइब्रिड टमाटर की बुवाई करते हैं, तो और ज्यादा पैदावार होगी. तो आइए आज जानते हैं टमाटर की खेती करने का सही तरीका क्या है.

दरअसल, फरवरी का महीना टमाटर की खेती के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. इस महीने न ज्यादा ठंड रहती है और न ही अधिक गर्मी पड़ती है. इसलिए इस मौसम में हाइब्रिड टमाटर की बुवाई किसानों के लिए फायदेमंद हो सकती है. किसान फरवरी के दूसरे हफ्ते में टमाटर की नर्सरी  तैयार कर सकते हैं. बुवाई के 25-30 दिन बाद नर्सरी में पौधे तैयार हो जाते हैं. अगर किसान चाहें, तो मार्च के पहले पखवाड़े में बुवाई कर सकते हैं.

एक एकड़ के लिए 80-100 ग्राम बीज पर्याप्त

लेकिन नर्सरी तैयार करने से पहले टमाटर की खेती में सही वैरायटी का चुनाव बहुत जरूरी है. कमजोर या रोग-संवेदनशील वैरायटी  फसल को नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए मजबूत और रोग-प्रतिरोधक हाइब्रिड वैरायटी चुनें. लोकप्रिय किस्मों में अविनाश-2, रेड गोल्ड, शक्तिमान, अधिराज, पूसा हाइब्रिड-4, 501, 2535, स्वर्ण संपदा और स्वर्ण बैभव शामिल हैं. हमेशा प्रमाणित कंपनी के बीज का उपयोग करें. एक एकड़ के लिए लगभग 80-100 ग्राम बीज पर्याप्त होगा.

दोमट या बलुई दोमट मिट्टी अच्छी होती है

हाइब्रिड टमाटर की खेती के लिए दोमट या बलुई दोमट मिट्टी अच्छी मानी गई है. बुवाई करने से पहले खेत की अच्छी तरह से 2 से 3 बार जुताई कर लें. इसके बाद पाटा चलाकर खेत को समतल कर लें, ताकि जलभराव नहीं हो. वहीं, मिट्टी का पीएच मान  6.0-6.8 आदर्श रहता है. अगर किसान चाहें, तो प्रति एकड़ 10-15 टन गोबर या वर्मी कंपोस्ट डाल ससकते हैं. इससे टमाटर के पौधों का विकास तेजी से होता है. अगर किसान चाहें, तो रासायनिक खाद के रूप में नाइट्रोजन 80-100 किलो, फॉस्फोरस 50-60 किलो और पोटाश 60-80 किलो प्रति एकड़ दें.

इतने दिन पुराने पौधों की करें रोपाई

ध्यान देने वाली बात यह है कि किसान नर्सरी के 25  से 30 दिन पुराने पौधों की रोपाई करें. रोपाई करने से पहले खेत में अच्छी तरह से बेड बना लें. बेड पर पौधों से पौधों की दूरी 60×45 सेमी या 75×60 सेमी रखें, जिससे एक एकड़ में लगभग 10-12 हजार पौधे लग सकते हैं. रोपाई हमेशा शाम के समय करें और तुरंत हल्की सिंचाई करें. इस तरह रोपाई के दो से तीन महीने बाद टमाटर की तुड़ाई शुरू हो जाएगी. टमाटर हल्का लाल होने पर ही तोड़ें और हर 4-7 दिन में फसल की तुड़ाई करें. एक पौधे से 15- 30 किलो तक टमाटर मिल सकते हैं.

Published: 10 Feb, 2026 | 02:15 PM

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