स्ट्रॉबेरी की खेती से किसानों की बदली किस्मत, इस साल 3 करोड़ से अधिक कमाई की है उम्मीद
मार्केट में स्ट्रॉबेरी की मांग तेजी से बढ़ती जा रही है. स्ट्रॉबेरी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद फल है. इसमें विटामिन सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं.
Strawberry Farming: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब क्षेत्र में अब खेतों की तस्वीर तेजी से बदल रही है. जहां कभी बड़े पैमाने पर गेहूं और गन्ने की खेती होती थी, वहां अब स्ट्रॉबेरी की लाल फसल नजर आने लगी है. यहां पर किसान करीब 500 बीघे में स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं. इससे किसानों को अच्छी कमाई हो रही है. इस साल किसानों को 3 करोड़ से अधिक इनकम होने की उम्मीद है. खास बात यह है कि स्ट्रॉबेरी की खेती न सिर्फ किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि पूरे इलाके की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे रही है.
इस सीजन में धौला कुआं, पांवटा साहिब, सूरजपुर, पुरुवाला, माजरा और बेहराल समेत कई गांवों के करीब 400 किसानों ने लगभग 500 बीघा जमीन पर स्ट्रॉबेरी की खेती की. सीमित जमीन से ज्यादा मुनाफा मिलने की वजह से किसानों का रुझान तेजी से इस फसल की ओर बढ़ रहा है. इस साल स्ट्रॉबेरी की खेती से करीब 3.5 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है, जिससे यह फसल इलाके में किसानों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बनती जा रही है.
300 रुपये प्रति किलो तक है कीमत
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, निचले सिरमौर क्षेत्र का मौसम स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए काफी अनुकूल माना जाता है, यही वजह है कि हर साल किसान इसकी खेती बढ़ा रहे हैं. स्ट्रॉबेरी के पौधे नवंबर में लगाए जाते हैं और कुछ महीनों बाद इसकी तुड़ाई शुरू हो जाती है. किसानों के मुताबिक, सीजन की शुरुआत में स्ट्रॉबेरी को बाजार में काफी अच्छे दाम मिले और इसकी कीमत 200 से 300 रुपये प्रति किलो तक रही.
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गर्मी ने स्ट्रॉबेरी किसानों की चिंता बढ़ा दी
हाल के हफ्तों में बढ़ती गर्मी ने स्ट्रॉबेरी किसानों की चिंता बढ़ा दी है. किसानों का कहना है कि तापमान बढ़ने से फलों का आकार छोटा होने लगा है. वहीं तेज धूप की वजह से पकी हुई स्ट्रॉबेरी खेतों में जल्दी खराब भी हो रही है, जिससे फसल को नुकसान पहुंच रहा है. स्थानीय किसान नेक राम ने कहा कि पारंपरिक फसलों की तुलना में स्ट्रॉबेरी की खेती किसानों के लिए कहीं ज्यादा फायदेमंद साबित हो रही है. उनके अनुसार, किसान औसतन एक बीघा में स्ट्रॉबेरी से 1 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई कर रहे हैं. वहीं किसान बलवीर चौधरी ने कहा कि गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों से अब ज्यादा मुनाफा नहीं मिलता. गेहूं की खेती से एक बीघा में मुश्किल से करीब 5 हजार रुपये की आय होती है, जबकि गन्ने की फसल से करीब एक साल बाद औसतन 1 लाख रुपये प्रति बीघा की कमाई हो पाती है.
स्ट्रॉबेरी खाने के हैं कई फायदे
मार्केट में स्ट्रॉबेरी की मांग तेजी से बढ़ती जा रही है. स्ट्रॉबेरी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद फल है. इसमें विटामिन सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. यह दिल को स्वस्थ रखने, पाचन बेहतर करने और त्वचा में निखार लाने में भी सहायक होती है. कम कैलोरी होने की वजह से स्ट्रॉबेरी वजन घटाने और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में भी मददगार मानी जाती है.