स्ट्रॉबेरी किसान जरूर अपनाएं ये सीक्रेट टिप्स… पाएं बड़े, लाल, रसदार फल, बाजार से मिलेगा बंपर मुनाफा!

Strawberry Farming: स्ट्रॉबेरी की खेती में सिर्फ पानी और धूप देना ही काफी नहीं है. बड़े, लाल और रसदार फल पाने के लिए सही किस्म का चयन, मिट्टी का पोषण, संतुलित खाद और समय पर सिंचाई बेहद जरूरी है. अगर ये सभी चीजें सही तरीके से की जाएं, तो आपकी स्ट्रॉबेरी न केवल खूबसूरत दिखेगी बल्कि स्वाद और वजन में भी बेहतरीन होगी. आइए जानते हैं कुछ एक्सपर्ट के सुझाए गए आसान और असरदार टिप्स.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 15 Jan, 2026 | 08:22 PM
1 / 6बड़े और अच्छे रंग वाले फलों के लिए चैंडलर, कैमारोसा, स्वीट चार्ली और विंटर डॉन जैसी उन्नत किस्मों का चयन करें. क्षेत्र और जलवायु के अनुसार किस्म का चुनाव फल के आकार और वजन पर बड़ा असर डालता है.

बड़े और अच्छे रंग वाले फलों के लिए चैंडलर, कैमारोसा, स्वीट चार्ली और विंटर डॉन जैसी उन्नत किस्मों का चयन करें. क्षेत्र और जलवायु के अनुसार किस्म का चुनाव फल के आकार और वजन पर बड़ा असर डालता है.

2 / 6हल्की, भुरभुरी और जैविक पदार्थों से भरपूर मिट्टी सबसे बेहतर होती है. मिट्टी का पीएच 5.5-6.5 होना चाहिए और खेत तैयार करते समय सड़ी हुई गोबर या वर्मी कम्पोस्ट डालें, जिससे पौधों को पर्याप्त पोषण मिलेगा.

हल्की, भुरभुरी और जैविक पदार्थों से भरपूर मिट्टी सबसे बेहतर होती है. मिट्टी का पीएच 5.5-6.5 होना चाहिए और खेत तैयार करते समय सड़ी हुई गोबर या वर्मी कम्पोस्ट डालें, जिससे पौधों को पर्याप्त पोषण मिलेगा.

3 / 619:19:19 एनपीके घुलनशील खाद को 1-1.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर 10-15 दिन के अंतराल पर ड्रिप या फोलियर स्प्रे करें. फूल आने से पहले पोटाश की मात्रा बढ़ाना फल के आकार और वजन के लिए फायदेमंद होता है.

19:19:19 एनपीके घुलनशील खाद को 1-1.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर 10-15 दिन के अंतराल पर ड्रिप या फोलियर स्प्रे करें. फूल आने से पहले पोटाश की मात्रा बढ़ाना फल के आकार और वजन के लिए फायदेमंद होता है.

4 / 6कैल्शियम नाइट्रेट (1 ग्राम प्रति लीटर) और बोरॉन (0.2 ग्राम प्रति लीटर) का छिड़काव फल को बड़ा, सख्त और समान रूप से विकसित करने में मदद करता है.

कैल्शियम नाइट्रेट (1 ग्राम प्रति लीटर) और बोरॉन (0.2 ग्राम प्रति लीटर) का छिड़काव फल को बड़ा, सख्त और समान रूप से विकसित करने में मदद करता है.

5 / 6फल के विकास के समय नियमित और नियंत्रित सिंचाई बहुत जरूरी है. ड्रिप सिंचाई से मिट्टी में उचित नमी बनी रहती है और फल का आकार छोटा या बिगड़ा नहीं होता.

फल के विकास के समय नियमित और नियंत्रित सिंचाई बहुत जरूरी है. ड्रिप सिंचाई से मिट्टी में उचित नमी बनी रहती है और फल का आकार छोटा या बिगड़ा नहीं होता.

6 / 6पॉली मल्च या भूसे की मल्चिंग से मिट्टी का तापमान स्थिर रहता है और नमी बनी रहती है. समय-समय पर फफूंदनाशक और कीटनाशक का संतुलित उपयोग करें, ताकि पौधे स्वस्थ रहें और फलों का विकास सही ढंग से हो.

पॉली मल्च या भूसे की मल्चिंग से मिट्टी का तापमान स्थिर रहता है और नमी बनी रहती है. समय-समय पर फफूंदनाशक और कीटनाशक का संतुलित उपयोग करें, ताकि पौधे स्वस्थ रहें और फलों का विकास सही ढंग से हो.

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Published: 15 Jan, 2026 | 08:22 PM

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