धान खरीद के तीन महीने बीत जाने के बाद भी नहीं हुआ भुगतान, आर्थिक संकट से जूझ रहे किसान

तमिलनाडु के मदुरै में 50 से अधिक किसानों को सांबा धान बेचने के कई महीने बाद भी भुगतान नहीं मिला है. करीब 1 करोड़ रुपये की राशि बकाया है. किसानों का कहना है कि इससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है, जबकि कृषि विभाग ने अगले सप्ताह तक सभी बकाया भुगतान जारी करने का भरोसा दिया है.

Kisan India
नोएडा | Published: 14 Jul, 2026 | 06:45 AM

Tamil Nadu Paddy Farmers: तमिलनाडु के मदुरै जिले में 50 से अधिक किसान अब भी अपनी फसल का भुगतान मिलने का इंतजार कर रहे हैं. इन किसानों ने जनवरी में नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन (NCCF) को सांबा धान बेचा था, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें पूरी रकम नहीं मिली है. भुगतान में देरी के कारण किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मदुरै में सांबा धान खरीद के लिए NCCF ने वडीपट्टी, शोलावंदन और अन्य इलाकों में करीब 10 प्रत्यक्ष खरीद केंद्र खोले थे. किसानों के विरोध प्रदर्शन के बाद NCCF ने 1,700 से अधिक किसानों का भुगतान कर दिया, लेकिन किसान नेता एम. तिरुपति के अनुसार अब भी 50 से ज्यादा किसानों का बकाया भुगतान जारी नहीं किया गया है. किसान नेता एम. तिरुपति ने कहा कि मार्च में धान बेचने वाले कई किसानों  को भी अब तक भुगतान नहीं मिला है. वहीं, सरकारी अधिकारियों का भी कहना है कि करीब 50 किसानों का भुगतान अभी बाकी है. हर खरीद केंद्र पर औसतन 10 किसानों का पैसा अटका हुआ है. कुल बकाया राशि करीब 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई

किसानों का कहना है कि भुगतान में लंबी देरी से उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है. उन्हें फसल ऋण  चुकाने और अगली खेती की तैयारी के लिए इस पैसे की जरूरत है. वहीं, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि धन की कमी नहीं है. भुगतान में देरी किसानों के बैंक खातों से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण हुई है. अधिकारियों ने बताया कि NCCF के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं और उम्मीद है कि अगले सप्ताह तक सभी किसानों के खातों में बकाया राशि भेज दी जाएगी.

समय पर भुगतान मिलना सबसे जरूरी

अधिकारियों के मुताबिक, भविष्य में NCCF को धान खरीद की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना कम है. अब धान की खरीद  केवल तमिलनाडु सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन (TNCSC) के माध्यम से कराई जा सकती है. इस बीच, भारतीय किसान संघ के नेता एन. एस. पार्थसारथी ने TNCSC से मांग की है कि भविष्य में धान खरीद के दौरान भुगतान में देरी न हो, इसके लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए. उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर भुगतान मिलना सबसे जरूरी है, क्योंकि भुगतान में देरी का सीधा असर उनकी आजीविका और अगली फसल की तैयारी पर पड़ता है.

24 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान

वहीं, पिछले हफ्ते धान भुगतान से जुड़ा मामला आंध्र प्रदेश से आमने आया था. आंध्र प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री नादेंदला मनोहर ने कहा था कि राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में 74 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीद की है. सरकार ने किसानों से 31,000 करोड़ रुपये का धान खरीदा और 11.53 लाख किसानों को भुगतान किया. उन्होंने कहा कि 95 फीसदी किसानों के बैंक खातों में 24 घंटे के भीतर भुगतान भेज दिया गया.

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Published: 14 Jul, 2026 | 06:45 AM

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