सरकार का बड़ा फैसला, अब 7 सुपरफाइन धान पर मिलेगा बोनस, जानें कौन सी हैं किस्में

तेलंगाना सरकार ने सात सुपरफाइन धान किस्मों पर ही बोनस देने का फैसला किया है, ताकि किसानों को अधिक मुनाफा मिल सके और निर्यात योग्य धान की खेती को बढ़ावा मिले. सरकार का दावा है कि बोनस योजना के बाद सुपरफाइन धान का रकबा बढ़ा है. किसान आयोग ने भी इन किस्मों की खेती बढ़ाने और जागरूकता अभियान चलाने की सिफारिश की है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 18 Jun, 2026 | 02:11 PM

तेलंगाना सरकार ने बड़ा फैसला किया है. अब सात सुपरफाइन धान की  किस्मों पर ही बोनस दिया जाएगा. कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने कहा कि अब बीपीटी-5204 (सांबा मसूरी), आरएनआर-15048 (तेलंगाना सोना), एचएमटी सोना, जय श्रीराम, केएनएम-1638, डब्ल्यूजीएल-44 और जेएनएम-7715 किस्मों की खेती करने वाले किसानों को बोनस का लाभ मिलेगा. सरकार को उम्मीद है कि उसके इस फैसले से सुपरफाइन धान किस्मों की खेती को बढ़ावा मिलेगा. किसान बोनस के चलते अधिक से अधिक रकबे में इसकी खेती करेंगे.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, खरीफ सीजन की तैयारियों और बीज उपलब्धता की समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि सरकार इन सात सुपरफाइन धान किस्मों  की खेती को बढ़ावा देगी. उन्होंने कहा कि घरेलू बाजार और निर्यात बाजार में इन किस्मों की मांग काफी अधिक है, जिससे किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना रहती है. कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने कहा कि पहले राज्य में धान की खेती में करीब 60 प्रतिशत हिस्सा मोटे धान (कोर्स पैडी) और 40 प्रतिशत हिस्सा सुपरफाइन धान का होता था. लेकिन सरकार द्वारा बोनस दिए जाने के बाद यह स्थिति बदल गई है. अब करीब 60 प्रतिशत क्षेत्र में सुपरफाइन धान की खेती हो रही है, जबकि मोटे धान का रकबा घट गया है.

किसानों को बीज उपलब्ध कराएंगी कंपनियां

उन्होंने बीज कंपनियों को निर्देश दिए कि किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध कराए जाएं और आपूर्ति में किसी तरह की कमी न आने दी जाए. मंत्री ने कहा कि सरकार जल्द ही बीज सब्सिडी पर भी फैसला करेगी. इसके अलावा, कृषि यंत्रीकरण (फार्म मैकेनाइजेशन) से जुड़ी सब्सिडी की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है. वहीं, उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क की अध्यक्षता वाली कृषि कैबिनेट उपसमिति ने भी खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा की और फसलों, बीजों तथा अन्य कृषि जरूरतों पर चर्चा की.

प्रीमियम धान की खेती के लिए किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन

उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि किसानों को ऐसी प्रीमियम धान किस्मों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जिनकी देश और विदेश के बाजारों में अच्छी मांग है. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक तरफ गरीब परिवारों को अच्छी गुणवत्ता वाला चावल  उपलब्ध कराना है, तो दूसरी तरफ किसानों की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना भी है. वहीं, तेलंगाना राज्य किसान आयोग ने भी सरकार को बीपीटी-5204, तेलंगाना सोना (RNR-15048), केएनएम-1638, जय श्रीराम और एचएमटी जैसी लाभकारी धान किस्मों की बड़े पैमाने पर खेती को बढ़ावा देने की सिफारिश की है. आयोग का कहना है कि इन किस्मों की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अच्छी मांग है, जिससे किसानों को बेहतर कीमत और अधिक मुनाफा मिल सकता है.

सरकार के पास मौजूद है धान की इन किस्मों के बीज

तेलंगाना राज्य किसान आयोग ने कृषि कैबिनेट उपसमिति को बताया कि इन प्रीमियम धान किस्मों के गुणवत्तापूर्ण बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. आयोग का कहना है कि यदि किसान बड़े पैमाने पर इन किस्मों की खेती करते हैं, तो उनकी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है. आयोग ने सरकार को सलाह दी कि इन लाभकारी धान किस्मों को प्राथमिकता दी जाए और गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को इनके फायदों की जानकारी दी जाए. आयोग का मानना है कि इन किस्मों की खेती से किसानों को बेहतर दाम और अधिक मुनाफा मिल सकता है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 18 Jun, 2026 | 02:03 PM

लेटेस्ट न्यूज़