मौसम का कहर, मंडियों में हजारों टन धान बारिश में भीगने से खराब.. किसानों की बढ़ी टेंशन

तेलंगाना में बेमौसम बारिश से हजारों टन धान भीग गया. सरकार ने 10,215 मीट्रिक टन धान MSP पर खरीदने का दावा किया, जबकि किसान संगठनों ने आंकड़ों पर सवाल उठाए. विपक्ष और किसान नेताओं ने सभी भीगे धान की खरीद और FCI से हस्तक्षेप की मांग की.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 30 May, 2026 | 08:43 AM

Telangana Paddy Farmers: तेलंगाना में सोमवार और मंगलवार को राज्य के ज्यादातर हिस्सों में हुई बेमौसम भारी बारिश ने भीषण गर्मी से तो थोड़ी राहत दी, लेकिन किसानों के लिए मुश्किलें बढ़ा दीं. बारिश के कारण सरकारी खरीद केंद्रों पर रखी गई धान भीग गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है. अधिकारियों के मुताबिक सबसे ज्यादा नुकसान सिद्दिपेट जिले में हुआ, जहां करीब 2,976 टन धान बारिश में भीग गया. इसके बाद पेड्डापल्ली में 1,100 मीट्रिक टन और कामारेड्डी में 1,065 मीट्रिक टन धान पानी से खराब हो गया.

सरकारी अधिकारियों ने ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ से कहा कि राज्य में कुल 10,215 मीट्रिक टन धान बारिश से भीगा  है और 18 जिले इससे प्रभावित हुए हैं. सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि सरकार ने किसानों से यह पूरा भीगा हुआ धान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद लिया है और भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में भेज दिया गया है.

किसानों को करीब 25 करोड़ रुपये का भुगतान

नागरिक आपूर्ति विभाग के आयुक्त स्टीफन रविंद्र ने बताया कि बारिश से भीगे धान के लिए किसानों को करीब 25 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि इस धान को उन चावल मिलों में भेजा जा रहा है, जहां उबले चावल (parboiled rice) की प्रोसेसिंग की सुविधा  है. हालांकि, कई किसान संगठनों के नेताओं का कहना है कि अभी भी काफी मात्रा में बारिश से भीगा धान खरीद से बाहर है और उसकी खरीद बाकी है.

आंकड़ों पर किसान संगठनों ने सवाल उठाए

सरकार द्वारा बताए गए करीब 10,000 मीट्रिक टन बारिश से भीगे धान के आंकड़ों पर किसान संगठनों ने सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि यह मात्रा केवल दो-तीन मंडलों में ही हो सकती है, जबकि असल नुकसान इससे कहीं ज्यादा है. ऐसे रैयत स्वराज्य वेदिका के राज्य समिति सदस्य कन्नेगंती रवि ने कहा कि सरकार सिर्फ उन धान की गिनती कर रही है जो खरीद केंद्रों तक पहुंचे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि उन जगहों पर रखे धान और मक्के  का क्या होगा, जो किसानों ने अपने स्तर पर संग्रहित किए थे और बारिश में भीग गए.

भीगा धान भी MSP पर खरीदने की मांग

उनका कहना है कि राज्य में लाखों टन धान- चाहे सूखा हो या बारिश से भीगा, अभी तक खरीदा ही नहीं गया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने राज्य सरकार से मांग की है कि बारिश में भीगे हुए सभी धान की खरीद तेजी से की जाए और हर एक दाना MSP पर खरीदा जाए.

क्या कहते हैं मंत्री

वहीं, नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस सरकार पहले ही यह साफ कर चुकी है कि सूखा हो या बारिश से भीगा, सभी धान की खरीद MSP पर की जाएगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी सांसदों को केंद्र सरकार से यह सुनिश्चित कराने के लिए कहना चाहिए कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) राज्य सरकार द्वारा खरीदे जा रहे पूरे धान को अपने स्तर पर ले.

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Published: 30 May, 2026 | 08:39 AM

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