Potato Procurement: उत्तर प्रदेश में आलू की सरकारी खरीद शुरू हो गई है. इसके लिए हॉर्टिकल्चरल को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन (HOFED) ने 10 आलू खरीद केंद्र खोलने का फैसला किया है. ये क्रय केंद्र अलग-अलग जिलों में बनाए जाएंगे. राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने इन केंद्रों पर तुरंत खरीद शुरू करने का आदेश दिया है. खास बात यह है कि मंत्री के आदेश के बाद लखनऊ और फर्रुखाबाद में खरीद केंद्रों पर आलू की खरीद शुरू भी हो गई.
लखनऊ के बख्शी का तालाब स्थित इंदौरा बाग में बने खरीद केंद्र का उद्घाटन अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा ने किया, जबकि फर्रुखाबाद के सतनपुर मंडी समिति में केंद्र का उद्घाटन बागवानी निदेशक बीपी राम ने किया. आलू खरीद प्रक्रिया केंद्र सरकार की मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के तहत हो रही है. इस प्रक्रिया के जरिए किसानों से सीधे आलू खरीदा जा रहा है. जिन जिलों में आलू के बाजार भाव कम हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर खरीद केंद्र खोले जाएंगे, ताकि किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिल सके. इस योजना के तहत आलू का दाम 650.09 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जबकि अतिरिक्त खर्च 162.52 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है.
कुल खरीद लागत के 25 फीसदी तक तय की गई
इसके अलावा, मुआवजे की अधिकतम सीमा कुल खरीद लागत के 25 फीसदी तक तय की गई है, जिसे केंद्र और राज्य सरकार बराबर-बराबर वहन करेंगी. अभी जिन 10 जिलों में केंद्र खोले जा रहे हैं, उनके अलावा अन्य जिलों में भी चरणबद्ध तरीके से ऐसे केंद्र शुरू किए जाएंगे. मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी आलू की फसल निर्धारित खरीद केंद्रों पर लेकर आएं, ताकि इस योजना का पूरा लाभ उठा सकें.
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अखिलेश यादव ने सरकार पर किया तंज
अखिलेश यादव ने हाल ही में बीजेपी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि आलू का दाम तय होने के बावजूद खरीद सही तरीके से नहीं हो रही है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी सरकार के समय किसानों को जो सुविधाएं मिलती थीं, उन्हें वर्तमान सरकार ने खत्म कर दिया है. उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे के किनारे मंडियां बनाने और कन्नौज में आलू बाजार विकसित करने जैसी योजनाएं भी आगे नहीं बढ़ पाईं. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब किसान समृद्ध होंगे, तभी देश भी तरक्की करेगा.
20 लाख मीट्रिक टन आलू की खरीद होगी
बता दें कि पिछले महीने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) के तहत वर्ष 2025-26 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के आलू खरीद प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. इसके अंतर्गत राज्य में 20 लाख मीट्रिक टन आलू की खरीद 6,500.9 रुपये प्रति मीट्रिक टन के भाव पर की जाएगी. यानी किसानों को 650.09 रुपये प्रति क्विंटल रेट मिलेगा. इस योजना में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी लगभग 203.15 करोड़ रुपये होगी. तब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और उन्हें मजबूरी में कम दाम पर फसल न बेचनी पड़े.