खेती के साथ भैंस पालन बढ़ा रहा कमाई, दो भैंस खरीद पर 2.5 लाख तक फायदा, किसान ऐसे करें अप्लाई
खेती के साथ अब पशुपालन भी किसानों की आमदनी बढ़ाने का मजबूत जरिया बन रहा है. भैंस पालन के लिए बिहार सरकार खास योजना चला रही है, जिसमें लोन और सब्सिडी की सुविधा दी जा रही है. सही जानकारी, ट्रेनिंग और समय पर आवेदन करने से ग्रामीण पशुपालक इस योजना का लाभ उठाकर नियमित कमाई कर सकते हैं.
Buffalo Farming : खेती से आमदनी कम हो रही है तो अब पशुपालन किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आ रहा है. खासकर भैंस पालन, जिसमें दूध के साथ नियमित कमाई का रास्ता खुलता है. इसी को देखते हुए बिहार सरकार ने पशुपालकों के लिए एक खास योजना शुरू की है, जिसके तहत सिर्फ दो भैंस पालने पर लाखों रुपये का लोन और भारी सब्सिडी मिल रही है. सही जानकारी और समय पर आवेदन से यह योजना आपकी आर्थिक हालत बदल सकती है.
क्या है समग्र भैंस पालन योजना
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, खेती के साथ पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने समग्र भैंस पालन योजना शुरू की है. इस योजना के तहत पशुपालकों को भैंस खरीदने के लिए आर्थिक मदद दी जाती है. योजना का मकसद ग्रामीण इलाकों में दूध उत्पादन बढ़ाना और लोगों को रोजगार देना है. इस योजना में एक पशुपालक अधिकतम दो भैंस खरीद सकता है. एक भैंस पर करीब 1.21 लाख रुपये और दो भैंस पर लगभग 2.42 लाख रुपये की लागत मानी गई है. इसमें सरकार की ओर से 50 प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है, जो लाभार्थी की श्रेणी पर निर्भर करती है.
कितनी मिलेगी सब्सिडी और किसे ज्यादा फायदा
इस योजना में अलग-अलग वर्ग के पशुपालकों को अलग-अलग सब्सिडी का लाभ मिलता है.
- एससी-एसटी वर्ग के पशुपालकों को 75 प्रतिशत तक सब्सिडी
- अन्य वर्ग के पशुपालकों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी
यानी अगर आप दो भैंस खरीदते हैं, तो बड़ी रकम सरकार खुद वहन करती है और आपको बहुत कम पैसा अपनी जेब से लगाना पड़ता है. यही वजह है कि यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जा रही है.
ट्रेनिंग जरूरी, तभी मिलेगा योजना का लाभ
इस योजना का लाभ उठाने के लिए ट्रेनिंग करना अनिवार्य है. बिना प्रशिक्षण के आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. इसके लिए पहले पशुपालन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ट्रेनिंग के लिए आवेदन करना होगा. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद फिर से योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन https://dairy.bihar.gov.in/ किया जाता है. जिन पशुपालकों ने पहले से जीविका या गव्य विकास विभाग से ट्रेनिंग ली है, उन्हें प्राथमिकता दी जाती है. यह योजना पूरी तरह ग्रामीण लोगों के लिए बनाई गई है.
आवेदन कैसे करें और कौन से दस्तावेज लगेंगे
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज देने होंगे. इनमें शामिल हैं-
- आधार कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक पासबुक
- जमीन का रसीद
- आय प्रमाण पत्र
- आवासीय प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- ट्रेनिंग सर्टिफिकेट
इसके अलावा पशुपालक की उम्र 55 साल से कम होनी चाहिए. भैंस की खरीद तय नियमों के अनुसार की जाएगी और योजना पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर लागू होगी. अगर आप खेती के साथ कम जोखिम में पक्की कमाई चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए सुनहरा मौका साबित हो सकती है. सही समय पर आवेदन कर लाभ उठाइए और पशुपालन से अपनी आमदनी को मजबूत बनाइए.