गाय-भैंस खरीदने से पहले जरूर जान लें ये जरूरी बातें, नहीं तो डेयरी में हो सकता बड़ा नुकसान
दुधारू पशु खरीदना पशुपालकों के लिए बड़ा निवेश होता है. ऐसे में पशु का स्वास्थ्य, स्वभाव और दूध देने की क्षमता की जांच करना जरूरी है. सही जानकारी और सावधानी से खरीदा गया पशु लंबे समय तक मुनाफा देता है और डेयरी फार्मिंग को सुरक्षित बनाता है.
Dairy Farming: डेयरी फार्मिंग आज सिर्फ परंपरागत काम नहीं, बल्कि कमाई का मजबूत जरिया बन चुकी है. गांव हो या शहर, कई लोग गाय-भैंस पालकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. लेकिन दुधारू पशु खरीदना एक बड़ा निवेश होता है. अगर बिना जानकारी के पशु खरीद लिया जाए, तो फायदा होने की जगह नुकसान भी हो सकता है. पशु खरीदते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर इस जोखिम से बचा जा सकता है और डेयरी का काम सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है.
दुधारू पशु खरीदना एक बड़ा निवेश
पशुपालन से दूध, गोबर और जैविक खाद जैसे कई फायदे मिलते हैं. यही वजह है कि डेयरी फार्मिंग की ओर लोगों का रुझान बढ़ रहा है. लेकिन गाय या भैंस खरीदते समय जल्दबाजी करना सही नहीं होता. एक छोटी गलती भी पशुपालक को आर्थिक नुकसान दे सकती है. इसलिए पशु खरीदने से पहले उसकी उम्र, स्वास्थ्य और दूध देने की क्षमता के बारे में पूरी जानकारी लेना जरूरी है. सही जानकारी के साथ खरीदा गया पशु लंबे समय तक लाभ देता है.
पशु का स्वास्थ्य जांचना जरूरी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पशु खरीदते समय सबसे पहले उसके स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए. स्वस्थ पशु हमेशा सक्रिय रहता है, ठीक से चारा खाता है और सामान्य तरीके से जुगाली करता है. अगर पशु सुस्त दिखे, आंख या नाक से पानी आ रहा हो या मुंह से ज्यादा लार टपक रही हो, तो यह बीमारी का संकेत हो सकता है. ऐसे पशु को खरीदने से बचना बेहतर होता है. स्वस्थ पशु ही अच्छा दूध देता है और लंबे समय तक काम आता है.
स्वभाव और दूध देने की क्षमता भी देखें
पशु का स्वभाव भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है जितना उसका स्वास्थ्य. कई बार गाय-भैंस दूध निकालते समय परेशान करती हैं, जिससे रोजाना काम मुश्किल हो जाता है. खरीदने से पहले पशु को सहलाकर देखें और संभव हो तो खुद दूध निकालकर जांच लें. इससे पशु के व्यवहार और दूध देने की क्षमता का अंदाजा लग जाता है. जानकारों के अनुसार, दूसरे या तीसरे ब्यांत वाले पशु खरीदना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि उनकी दूध देने की क्षमता और स्वभाव पहले से समझ में आ जाता है.
खरीद के बाद देखभाल भी जरूरी
पशु खरीदने के बाद उसकी सही देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है. समय पर चारा और पानी देना चाहिए और खाने का एक तय समय बनाना चाहिए. पशुओं को हमेशा ताजा भूसा और हरा चारा देना चाहिए. बासी या खराब चारा खिलाने से पशु बीमार हो सकते हैं और दूध उत्पादन कम हो सकता है. संतुलित आहार और नियमित देखभाल से पशु स्वस्थ रहते हैं और दूध उत्पादन भी बेहतर बना रहता है. कुल मिलाकर, डेयरी फार्मिंग में सफलता के लिए समझदारी से पशु खरीदना बहुत जरूरी है. सही जानकारी, स्वास्थ्य जांच और देखभाल पर ध्यान देकर पशुपालक बड़े नुकसान से बच सकते हैं. थोड़ी सावधानी और सही फैसला डेयरी व्यवसाय को लंबे समय तक लाभदायक बना सकता है.