सेहतमंद बकरी की पहचान बचाएगी नुकसान, बिहार सरकार ने बताए गोट फार्मिंग से जुड़े टिप्स

बकरी पालन में अच्छी कमाई के लिए स्वस्थ बकरी की पहचान बहुत जरूरी होती है. विशेषज्ञों के अनुसार चमकदार बाल, साफ त्वचा और सक्रिय व्यवहार स्वस्थ बकरी के संकेत हैं. अगर बकरी के बाल झड़ रहे हों या वह सुस्त दिखे, तो यह बीमारी या पोषण की कमी का संकेत हो सकता है.

नोएडा | Updated On: 10 Mar, 2026 | 06:07 PM

Goat Farming: ग्रामीण इलाकों में बकरी पालन आज तेजी से बढ़ता हुआ कारोबार बन रहा है. कम लागत में शुरू होने वाला यह काम किसानों और पशुपालकों के लिए अच्छी कमाई का जरिया बन सकता है. लेकिन बकरी पालन में सबसे जरूरी बात है-स्वस्थ बकरी की पहचान. अगर बकरी स्वस्थ होगी तो वह जल्दी बढ़ेगी, कम बीमार पड़ेगी और ज्यादा मुनाफा देगी. बिहार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार कुछ आसान संकेतों को देखकर यह समझा जा सकता है कि बकरी स्वस्थ है या नहीं.

चमकदार बाल बताते हैं बकरी की अच्छी सेहत

बिहार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार स्वस्थ बकरी  की पहचान उसके बालों से आसानी से की जा सकती है. अगर बकरी के बाल चिकने, मुलायम और चमकदार हों तो यह अच्छे स्वास्थ्य का संकेत माना जाता है. ऐसी बकरी को सही पोषण मिल रहा होता है और उसका शरीर भी मजबूत होता है. लेकिन अगर बाल उलझे हुए, रूखे या झड़ते हुए दिखाई दें तो यह किसी बीमारी या पोषण की कमी का संकेत हो सकता है. इसलिए पशुपालकों को बकरी के बालों की स्थिति पर खास ध्यान देना चाहिए.

चमकदार बाल और सक्रिय चाल से पहचानें स्वस्थ बकरी.

त्वचा की स्थिति भी देती है जरूरी संकेत

स्वस्थ बकरी की त्वचा  भी उसकी सेहत के बारे में बहुत कुछ बताती है. अगर बकरी की त्वचा मुलायम और साफ दिखती है तो इसका मतलब है कि वह स्वस्थ है. वहीं अगर त्वचा बहुत ज्यादा सूखी दिखाई दे या उस पर गांठें बनती नजर आएं तो यह किसी समस्या का संकेत हो सकता है. कई बार ऐसा पोषण की कमी या त्वचा से जुड़ी बीमारी के कारण भी हो सकता है. इसलिए पशुपालकों को समय-समय पर बकरियों की त्वचा की जांच करनी चाहिए ताकि किसी भी समस्या का जल्दी पता चल सके.

सक्रिय और फुर्तीली बकरी होती है स्वस्थ

बिहार पशु संसाधन विभाग के अनुसार स्वस्थ बकरी हमेशा सक्रिय और फुर्तीली रहती है. वह अपने आसपास की चीजों पर ध्यान देती है और सामान्य तरीके से चलती-फिरती है. अगर कोई बकरी बहुत सुस्त  दिखाई दे, बार-बार बैठी रहे या खाने में रुचि न दिखाए तो यह बीमारी का संकेत हो सकता है. ऐसे में पशुपालक को तुरंत सावधान होना चाहिए और जरूरत पड़े तो पशु चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए.

स्वस्थ बकरी पहचानें.

खाने-पीने की आदत से भी समझें सेहत

बकरी की सेहत  का अंदाजा उसकी खाने-पीने की आदतों से भी लगाया जा सकता है. स्वस्थ बकरी नियमित रूप से चारा खाती है और पानी भी ठीक से पीती है. अगर बकरी अचानक चारा कम खाने लगे या बिल्कुल खाना बंद कर दे, तो यह किसी बीमारी या तनाव का संकेत हो सकता है. ऐसे में तुरंत कारण पता लगाना जरूरी होता है ताकि समय रहते इलाज हो सके.

सही देखभाल से बढ़ेगा मुनाफा

बकरी पालन में अच्छा मुनाफा तभी मिलता है जब पशुपालक बकरियों की सही देखभाल करें. उन्हें साफ और सूखी जगह पर रखना चाहिए, संतुलित आहार  देना चाहिए और समय-समय पर टीकाकरण भी कराना चाहिए. बिहार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार अगर पशुपालक बकरियों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें और बीमारी के संकेतों को समय पर पहचान लें, तो बकरी पालन से अच्छी कमाई की जा सकती है.

Published: 10 Mar, 2026 | 07:45 PM

Topics: