ठंड में मेमनों को हो सकता है निमोनिया, इन 4 तरीकों से बचाएं अपने बकरी के बच्चे

सर्दियों और कोहरे के दौरान मेमनों में निमोनिया और ठंड लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है. जन्म के बाद खीस पिलाना और बाड़े में गर्माहट का प्रबंधन करना मेमनों की जान बचाने के लिए अनिवार्य है. सही खान-पान और टीकाकरण के जरिए किसान भाई बकरी पालन में होने वाले नुकसान को आसानी से रोक सकते हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 12 Jan, 2026 | 10:00 PM

Goat Farming Winter Tips: सर्दियों की ठंडी हवाएं और सुबह का घना कोहरा जहां हमें रजाई में दुबकने पर मजबूर कर देता है, वहीं बकरी पालन करने वाले किसान भाइयों के लिए यह मौसम किसी परीक्षा से कम नहीं है. बकरी के छोटे बच्चे, जिन्हें हम लाड़ से मेमने कहते हैं, इस कड़ाके की ठंड में सबसे ज्यादा नाजुक होते हैं. एक पशुपालक के लिए उसके मेमने सिर्फ जानवर नहीं, बल्कि घर की जमापूंजी और भविष्य की उम्मीद होते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि जरा सी लापरवाही इन बेजुबानों की जान ले सकती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक चोट पहुंचती है. लेकिन घबराएं नहीं, सही देखभाल और थोड़े से लाड़-प्यार से आप अपने इन छोटे मेहमानों को सुरक्षित रख सकते हैं.

जन्म के तुरंत बाद की फर्स्ट एड

मेमने के पैदा  होते ही उसे सबसे पहले आपकी मदद की ज़रूरत होती है. जैसे ही बच्चा पैदा हो, उसके मुंह और नाक पर लगी झिल्लियों को साफ सूती कपड़े से पोंछ दें ताकि वह खुलकर सांस ले सके. इसके बाद सबसे जरूरी काम है उसे मां का पहला गाढ़ा दूध यानी खीस पिलाना. यह दूध किसी जादू से कम नहीं है क्योंकि इसमें वो ताकत (एंटीबॉडीज) होती है जो मेमने को बीमारियों  से लड़ने की शक्ति देती है. यह समझ लीजिए कि यह बच्चे का पहला और सबसे जरूरी टीकाकरण है.

बाड़े को बनाएं वॉल्केनो 

ठंड के मौसम में मेमनों की सबसे बड़ी दुश्मन है बर्फीली हवा. अपने बाड़े को किले की तरह सुरक्षित करें. दरवाजों और खिड़कियों पर जूट की बोरियां, टाट या पुराने मोटे कपड़े लटका दें ताकि सीधी हवा अंदर न आए. जमीन पर बैठने के लिए पुआल या सूखी घास का मोटा बिछावन करें, क्योंकि ठंडी जमीन से मेमनों को बहुत जल्दी निमोनिया पकड़ता  है. आप चाहें तो पुराने जूट के कट्टों से मेमनों के लिए छोटे-छोटे कोट भी बना सकते हैं, जो उन्हें मां की गोद जैसी गर्माहट देंगे.

ज्यादा खिलाना भी पड़ सकता है भारी

अक्सर हम प्यार में आकर मेमनों को ज्यादा खिला देते हैं, लेकिन ठंड में उनका पाचन तंत्र कमजोर होता है. जानकारों के अनुसार, मेमने को उसके वजन का केवल 10 प्रतिशत ही आहार देना चाहिए. ज्यादा दूध या दाना खिलाने  से उन्हें दस्त लग सकते हैं, जो ठंड में जानलेवा साबित होते हैं. हमेशा साफ और हल्का गुनगुना पानी ही पिलाएं. अगर मेमने को दस्त लग जाएं, तो उसे हरा चारा देना तुरंत बंद कर दें और हल्का उबला हुआ दलिया दें.

निमोनिया के लक्षणों को पहचानें और तुरंत लें एक्शन

अगर आपका मेमना सुस्त खड़ा है, कांप रहा है, उसे बुखार है या उसकी नाक से पानी (बलगम) आ रहा है, तो समझ लीजिए कि उसे निमोनिया ने जकड़ लिया है. ऐसे में समय बर्बाद किए बिना तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. घर पर खुद डॉक्टर बनने के चक्कर में देरी न करें. इसके साथ ही, समय-समय पर कीड़े मारने की दवा (डी-वॉर्मिंग) और जरूरी टीके लगवाते रहें. याद रखिए, आपकी एक रात की सजगता आपके बाड़े की रौनक बचा सकती है.

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Published: 12 Jan, 2026 | 10:00 PM

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