कड़ाके की ठंड बन सकती है बकरियों की दुश्मन, नुकसान से बचने के लिए तुरंत अपनाएं ये देसी नुस्खे

सर्दियों का गिरता पारा बकरी पालकों के लिए बड़ी चुनौती लेकर आया है. बकरियों को ठंड, निमोनिया और संक्रमण से बचाने के लिए बाड़े का सही प्रबंधन, गुड़-मेथी जैसा गर्म आहार और समय पर टीकाकरण बेहद जरूरी है. थोड़ी सी सावधानी और सही देखभाल अपनाकर आप अपने पशुओं को सुरक्षित रखकर बड़े आर्थिक नुकसान से बच सकते हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 11 Jan, 2026 | 09:30 AM

Goat Farming Winter Care: जैसे-जैसे सर्दियों की दस्तक बढ़ रही है और पारा गिर रहा है, हमारे पशुपालक भाइयों की चिंता भी बढ़नी लाजमी है. कड़ाके की ठंड इंसानों के साथ-साथ बेजुबान जानवरों के लिए भी बड़ी चुनौती लेकर आती है. बकरियों के मामले में तो जरा सी लापरवाही पूरे साल की मेहनत पर पानी फेर सकती है, क्योंकि वे ठंड के प्रति काफी संवेदनशील होती हैं. लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. अगर हम समय रहते बाड़े का इंतजाम, खान-पान में बदलाव और सेहत की छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें, तो न केवल हमारी बकरियां सुरक्षित रहेंगी, बल्कि उनकी बढ़त भी शानदार होगी. आइए जानते हैं वो आसान उपाय जो इस सर्दी आपकी बकरियों के लिए सुरक्षा कवच बनेंगे.

ठंडी हवाओं पर लगाएं पहरा

सर्दियों में बकरियों  की सुरक्षा की पहली शुरुआत उनके घर यानी बाड़े से होती है. बाड़े की दीवारों में अगर कहीं भी छेद या दरारें हैं, तो उन्हें तुरंत भर दें. खिड़कियों और खुले रास्तों पर मोटे तिरपाल या जूट की बोरियों के पर्दे लगाएं, ताकि बर्फीली हवाएं अंदर न घुस सकें. सबसे जरूरी बात जमीन की नमी है; फर्श पर सूखी घास, पुआल या जूट की बोरियां बिछाएं ताकि बकरियों को नीचे से ठंड न लगे. अगर फर्श गीला हो जाए, तो उसे तुरंत बदलें और वहां चूने का छिड़काव करें. चूना नमी सोख लेता है और बाड़े में एक प्राकृतिक गर्माहट पैदा करता है.

गुड़ और मेथी का एनर्जी डोज

ठंड से लड़ने के लिए बकरियों को अंदरूनी  ताकत की जरूरत होती है. इस मौसम में उन्हें केवल सूखा चारा न दें, बल्कि उनके आहार में मेथी और गुड़ शामिल करें. हर बकरी को रोजाना करीब 30 ग्राम गुड़ और थोड़ी मेथी देने से उनके शरीर का तापमान स्थिर रहता है. चारे में अरहर, चना या मसूर का भूसा देना सबसे अच्छा रहता है. इसके अलावा नीम, पीपल या जामुन की पत्तियां उनके लिए दवा का काम करती हैं. पानी पिलाते समय ध्यान रखें कि वह ज्यादा ठंडा न हो; पानी की टंकी में थोड़ा बुझा हुआ चूना डालने से पानी साफ रहता है और बकरियों को जरूरी कैल्शियम भी मिलता है.

टीकाकरण और साफ-सफाई है जरूरी

सर्दियों के मौसम में बकरियों को अक्सर सर्दी-जुकाम, खांसी और निमोनिया  की शिकायत हो जाती है. अगर एक भी बकरी बीमार हुई, तो संक्रमण पूरे झुंड में फैल सकता है. इससे बचने का सबसे आसान तरीका है-समय पर टीकाकरण (Vaccination). बाड़े में नियमित रूप से फिनाइल या चूने का इस्तेमाल करें ताकि कीटाणु न पनपें. अगर कोई बकरी सुस्त लगे या खाना कम कर दे, तो उसे तुरंत बाकी बकरियों से अलग कर दें और पशु चिकित्सक  की सलाह लें. छोटी सी सावधानी बड़े नुकसान से बचा सकती है.

धूप और गर्माहट का रखें तालमेल

सर्दियों में धूप बकरियों  के लिए वरदान साबित होती है. जब दिन में अच्छी धूप खिले, तो उन्हें बाड़े से बाहर जरूर निकालें. इससे उन्हें विटामिन-D मिलता है और शरीर में खून का संचार बेहतर होता है. रात के समय अगर ठंड बहुत ज्यादा हो, तो सावधानीपूर्वक बाड़े के एक कोने में हल्की आग जला सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि धुआं बाहर निकलने का रास्ता हो और बकरियां आग के बहुत करीब न जाएं. बकरियों के शरीर पर पुराने जूट के बोरे की पल्ली बांधना भी एक देसी और कारगर नुस्खा है जो उन्हें सीधी ठंड से बचाता है.

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Published: 11 Jan, 2026 | 09:30 AM

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