Bird Flu: भागलपुर में बर्ड फ्लू की दस्तक.. 150 पक्षियों की मौत से मचा हड़कंप, अलर्ट मोड में प्रशासन
बिहार के भागलपुर जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है. कौवों के मृत मिलने के बाद जांच कराई गई थी. बर्ड फ्लू की रिपोर्ट आते ही जिले में निगरानी बढ़ा दी गई है और लोगों से बीमार या मृत पक्षियों से दूर रहने की अपील की गई है.
Bhagalpur Bird Flu : बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया इलाके में अचानक कुछ कौवों की मौत ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. जांच कराई गई तो सामने आया बर्ड फ्लू का मामला. इसके बाद पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है. प्रशासन और पशुपालन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं और लोगों से घबराने की बजाय सावधानी बरतने की अपील की जा रही है, ताकि संक्रमण आगे न फैले. कौवों की मौत से मुर्गी पालक भी चिंतित हो रहे हैं.
कौवों की मौत से खुला मामला, जांच में बर्ड फ्लू की पुष्टि
भागलपुर के नवगछिया इलाके में कुछ दिनों पहले कई कौवे मृत पाए गए थे. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लगभग 150 कौवों की मौत हो चुका है. शुरुआत में लोगों को सामान्य मामला लगा, लेकिन जब संख्या बढ़ी तो प्रशासन को सूचना दी गई. इसके बाद मृत कौवों के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए. रिपोर्ट आने पर बर्ड फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई. इसकी जानकारी जिला पशुपालन अधिकारी डॉ. अंजली कुमारी सिन्हा ने दी. जैसे ही रिपोर्ट आई, पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया और हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए गए.
#WATCH बिहार: भागलपुर जिले के नौगछिया इलाके में बर्ड फ्लू के कारण कुछ कौवे मरे हुए पाए गए। जिला पशुपालन अधिकारी डॉ. अंजली कुमारी सिन्हा ने पुष्टि की है कि सैंपल में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। (01.02) pic.twitter.com/igwHnKm5iG
और पढ़ें— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 2, 2026
प्रशासन और विभाग अलर्ट, निगरानी बढ़ाई गई
बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं. प्रभावित इलाके में लगातार निगरानी की जा रही है. गांवों और आसपास के क्षेत्रों में पक्षियों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है. अगर कहीं भी बीमार या मृत पक्षी दिखते हैं, तो तुरंत उनकी जानकारी ली जा रही है. प्रशासन का मकसद है कि संक्रमण को समय रहते रोका जाए और यह दूसरे इलाकों में न फैले.
लोगों से अपील- बीमार या मृत पक्षियों से दूर रहें
प्रशासन ने साफ तौर पर लोगों से कहा है कि वे किसी भी बीमार या मृत पक्षी को हाथ न लगाएं. बिना सुरक्षा के पक्षियों को उठाने या हटाने से संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है. अगर कहीं पक्षी मरे हुए दिखें, तो तुरंत स्थानीय प्रशासन या पशुपालन विभाग को सूचना दें. नवगछिया और आसपास के इलाकों में पोल्ट्री फार्मों पर भी खास नजर रखी जा रही है. फार्म संचालकों को साफ-सफाई बनाए रखने और किसी भी बीमारी की सूचना तुरंत देने के निर्देश दिए गए हैं.
बर्ड फ्लू क्या है और कैसे रखें सावधानी?
बर्ड फ्लू को एवियन इन्फ्लुएंजा भी कहा जाता है. यह एक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से पक्षियों को होती है. यह बीमारी संक्रमित पक्षियों की लार, मल या सांस से निकलने वाले कणों के जरिए फैल सकती है. कभी-कभी यह इंसानों में भी फैल सकती है, खासकर तब जब कोई व्यक्ति सीधे बीमार पक्षियों के संपर्क में आता है.
इंसानों में इसके लक्षण आमतौर पर 2 से 7 दिन में दिखते हैं. इसमें बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द, सिरदर्द और थकान शामिल हो सकते हैं. गंभीर मामलों में सांस की दिक्कत भी हो सकती है. बचाव के लिए जरूरी है कि मांस और अंडों को अच्छी तरह पकाकर खाया जाए, दूध उबालकर पिया जाए और साफ-सफाई का खास ध्यान रखा जाए. जोखिम वाले काम करने वालों को दस्ताने और मास्क जैसे सुरक्षा उपकरण पहनने की सलाह दी गई है.