भैंस का दूध होगा दोगुना! बस दाने में मिलाकर खिला दें ये एक सफेद चीज, बाल्टी पड़ जाएगी छोटी
महंगे सप्लीमेंट के बिना भी भैंस का दूध बढ़ाना अब मुमकिन है. कैल्शियम की कमी के कारण अक्सर पशु दूध कम कर देते हैं, जिसका सबसे सस्ता समाधान खाने वाला ये चीज है. सही मात्रा और तरीके से इसको देने पर न केवल दूध बढ़ता है, बल्कि पशु की हड्डियां भी मजबूत होती हैं और दूध का फैट भी सुधरता है.
Buffalo Milk Increase Tips : सुबह-सुबह जब हम बाल्टी लेकर अपनी भैंस के पास बैठते हैं और थनों से दूध की धार वैसी नहीं निकलती जैसी उम्मीद थी, तो मन उदास हो जाता है. खल, बिनौला, और अच्छा दाना देने के बाद भी अगर दूध का कांटा ऊपर नहीं चढ़ रहा, तो समझ जाइये कि मामला खुराक का नहीं, बल्कि शरीर के अंदर छिपी एक छोटी सी कमी का है.
अक्सर हम महंगे सप्लीमेंट के चक्कर में पड़ जाते हैं, जबकि समाधान हमारी रसोई या पास की दुकान पर मात्र चंद रुपयों में मौजूद है. आज हम बात कर रहे हैं उस जादुई सफेद चीज की, जिसे सही तरीके से खिलाया जाए तो आपकी भैंस न सिर्फ तंदुरुस्त होगी, बल्कि दूध इतना देगी कि बाल्टी छोटी पड़ने लगेगी. आइए जानते हैं क्या है वो चीज और इसे इस्तेमाल करने का सही तरीका.
आखिर क्या है वो सफेद चीज और क्यों है जरूरी?
पशुपालक भाई, वो जादुई चीज और कुछ नहीं, बल्कि खाने वाला चूना (Lime) है. जी हां, वही चूना जिसे पान में इस्तेमाल किया जाता है. अब आप सोचेंगे कि चूने से दूध का क्या लेना-देना? दरअसल, भैंस के दूध में सबसे ज्यादा कैल्शियम होता है. जब भैंस दूध देती है, तो उसके शरीर से कैल्शियम बाहर निकलता है. अगर हम ऊपर से उसे कैल्शियम (चूना) नहीं देंगे, तो वह अपनी हड्डियों से कैल्शियम खींचने लगेगी, जिससे वह कमजोर हो जाएगी और दूध अपने आप कम हो जाएगा. चूना दुनिया का सबसे सस्ता और शुद्ध कैल्शियम का स्रोत है.
खिलाने का सही तरीका
चूना खिलाना तो फायदेमंद है, लेकिन इसका तरीका सही होना चाहिए. कभी भी सूखा चूना सीधा पशु के मुंह में न डालें, इससे उसका मुंह जल सकता है. ऐसे में एक गेहूं या मटर के दाने के बराबर चूना लें. इसे एक बाल्टी पानी में घोल दें या फिर रात भर पानी में भिगोकर रखें. सुबह उस पानी को ऊपर-ऊपर से छान लें और पशु के पीने वाले पानी या सानी यानी दाने में मिला दें. इसके साथ ही पशुपालक के ये ध्यान रखना चाहिए की पशुओं को चुना कितनी मात्रा में देना चाहिए. ऐसे में आपको बता दें कि एक बड़ी भैंस के लिए रोजाना 5 से 10 ग्राम (लगभग एक छोटा चम्मच) बुझा हुआ चूना पर्याप्त है. याद रखें, चूना हमेशा बुझा हुआ ही होना चाहिए.
चूने के इस्तेमाल से होने वाले जादुई फायदे
जब आप अपनी भैंस को नियम से चूना देना शुरू करते हैं, तो सिर्फ दूध ही नहीं बढ़ता, बल्कि और भी कई फायदे होते हैं. सबसे पहले तो भैंस की हड्डियां मजबूत होती हैं जिससे वह लंबे समय तक दूध देने के लायक बनी रहती है. दूसरा, इससे दूध का फैट (Fat) बढ़ता है, जिससे आपको डेयरी पर अच्छे रेट मिलते हैं. इसके अलावा, चूना खिलाने से भैंस समय पर गर्मी में आती है और गर्भ ठहरने की संभावना भी बढ़ जाती है. यानी एक छोटे से खर्चे में आपकी भैंस की पूरी सेहत सुधर जाती है.
सावधानी भी है जरूरी
चूना फायदेमंद है लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. कभी भी पत्थर वाला अनबुझा चूना सीधा न खिलाएं. हमेशा चूने को पहले पानी में डालकर ठंडा होने दें जब उसमें से बुलबुले निकलना बंद हो जाएं. साथ ही, अगर आपकी भैंस को पथरी की समस्या है, तो उसे चूना बिल्कुल न दें. इसे दाने या खल में मिलाकर देने से पशु इसे बड़े चाव से खा लेता है. 15 दिन लगातार देकर देखें, आपको खुद फर्क महसूस होने लगेगा कि आपकी भैंस पहले से ज्यादा फुर्तीली और दूध देने में अव्वल हो गई है.