बढ़ती गर्मी में मछलियों पर मंडरा रहा खतरा, तालाब में ऑक्सीजन की कमी से ऐसे करें बचाव

गर्मियों में तालाब का जलस्तर कम होने और पानी का तापमान बढ़ने से मछलियां सतह पर आकर सांस लेने लगती हैं. कई बार यह स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि बड़ी संख्या में मछलियों की मौत तक हो सकती है. ऐसे में मछली पालकों को पहले से सतर्क रहने और कुछ जरूरी उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 26 May, 2026 | 01:00 PM

Fish farming tips: गर्मी का मौसम बढ़ते ही इंसानों के साथ-साथ मछलियों के लिए भी मुश्किलें बढ़ने लगती हैं. खासकर मछली पालन करने वाले किसानों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है. तेज धूप और बढ़ते तापमान की वजह से तालाब का पानी गर्म होने लगता है, जिससे उसमें ऑक्सीजन की मात्रा तेजी से घट जाती है. ऑक्सीजन की कमी मछलियों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है और समय पर ध्यान न देने पर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

गर्मियों में तालाब का जलस्तर कम होने और पानी का तापमान बढ़ने से मछलियां सतह पर आकर सांस लेने लगती हैं. कई बार यह स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि बड़ी संख्या में मछलियों की मौत तक हो सकती है. ऐसे में मछली पालकों को पहले से सतर्क रहने और कुछ जरूरी उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है.

पानी में ऑक्सीजन बढ़ाना बेहद जरूरी

गर्मी के मौसम में तालाब के पानी में ऑक्सीजन बनाए रखना सबसे जरूरी काम होता है. इसके लिए तालाब में लगातार पानी की हलचल बनाए रखना फायदेमंद माना जाता है. किसान एरिएटर मशीन का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो पानी में हवा मिलाकर ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने में मदद करती है.

अगर मशीन उपलब्ध नहीं है तो देसी तरीके भी काफी कारगर साबित हो सकते हैं. जैसे बांस की लंबी डंडियों से पानी को जोर-जोर से हिलाना या मोटर पंप की मदद से ऊपर से पानी गिराना. इससे पानी की ऊपरी सतह टूटती है और हवा की ऑक्सीजन पानी के अंदर पहुंचती है. .

जरूरत से ज्यादा दाना डालना पड़ सकता है भारी

गर्मी में मछलियों की खुराक पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है. कई बार किसान तेजी से ग्रोथ के लिए जरूरत से ज्यादा फीड डाल देते हैं. लेकिन बचा हुआ दाना पानी में सड़ने लगता है और इससे अमोनिया जैसी जहरीली गैस बनने लगती है. इससे पानी की गुणवत्ता खराब होती है और ऑक्सीजन की मात्रा और कम हो जाती है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गर्मियों में उतना ही दाना डालें जितना मछलियां तुरंत खा सकें. साथ ही तालाब में जरूरत से ज्यादा मछलियां नहीं रखनी चाहिए. अगर तालाब में मछलियों की संख्या बहुत ज्यादा है तो कुछ बड़ी मछलियों को बेच देना बेहतर होता है. इससे बाकी मछलियों को पर्याप्त जगह और ऑक्सीजन मिल पाती है.

तालाब की सफाई रखना भी जरूरी

मछलियों को स्वस्थ रखने के लिए तालाब की साफ-सफाई भी बेहद जरूरी होती है. गर्मियों में तालाब की सतह पर काई और गंदगी तेजी से जमा होने लगती है. अगर इसे समय पर साफ नहीं किया गया तो पानी जल्दी खराब हो सकता है.

तालाब के आसपास पेड़ों से गिरने वाली पत्तियों को भी हटाते रहना चाहिए. क्योंकि पानी में सड़ने के बाद ये ऑक्सीजन की खपत बढ़ा देती हैं. इसके अलावा तालाब में पानी का स्तर कम से कम 5 से 6 फीट तक बनाए रखना चाहिए ताकि नीचे का पानी ठंडा बना रहे और मछलियों को राहत मिल सके.

लापरवाही से हो सकता है भारी नुकसान

मछली पालन विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है. इसलिए नियमित रूप से तालाब के पानी की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है. अगर मछलियां बार-बार पानी की सतह पर आकर सांस लेती दिखाई दें तो तुरंत ऑक्सीजन बढ़ाने के उपाय शुरू कर देने चाहिए.

सही देखभाल, साफ पानी और संतुलित फीडिंग से गर्मियों में भी मछलियों को सुरक्षित रखा जा सकता है. समय रहते सावधानी बरतने से मछली पालक अपने नुकसान को काफी हद तक कम कर सकते हैं.

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