Fish Farming: ओडिशा की सुजाता और कर्नाटक के सतपा पोद्दार ने मछली पालन में रचा इतिहास, देशभर में हो रही चर्चा

Fish Farming successful farmer: देश में मछली पालन तेजी से कमाई का जरिया बन रहा है. सुजाता भूयान जैसी महिलाओं की सफलता लोगों को प्रेरित कर रही है. सरकार की योजनाएं और टेक्नोलॉजी की मदद से यह क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है. अब किसान और मछुआरे आसानी से इस काम से जुड़कर अपनी आय बढ़ा रहे हैं.

नोएडा | Updated On: 29 Mar, 2026 | 07:17 PM

PM Modi Appreciates Fish Farmers: देश में मछली पालन अब तेजी से कमाई का मजबूत जरिया बनता जा रहा है. मन की बात में PM नरेंद्र मोदी ने भी मछुआरों और मछली पालन से जुड़े लोगों की मेहनत की सराहना की. उन्होंने कहा कि आज बंदरगाहों का विकास, बीमा योजनाएं और नई टेक्नोलॉजी के कारण मछुआरों का जीवन पहले से आसान हुआ है. साथ ही, मौसम की जानकारी और आधुनिक तकनीक से उन्हें काफी मदद मिल रही है. यही वजह है कि आज मत्स्य पालन और सीवीड जैसे क्षेत्रों में नए-नए प्रयोग हो रहे हैं और लोग तेजी से आत्मनिर्भर बन रहे हैं. ओडिशा, कर्नाटक और लक्षद्वीप जैसे इलाकों की कहानियां इस बात का सबूत हैं कि छोटा काम भी बड़ा बिजनेस बन सकता है.

गृहिणी से सफल उद्यमी बनीं, मछली पालन से बदली जिंदगी

ओडिशा के संबलपुर की सुजाता भूयान एक साधारण गृहिणी थीं, लेकिन वे अपने परिवार की आर्थिक मदद  करना चाहती थीं. इसी सोच के साथ उन्होंने कुछ साल पहले हीराकुंड जलाशय में मछली पालन शुरू किया. शुरुआत उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं थी. मौसम में बदलाव, मछलियों के खाने का इंतजाम और घर की जिम्मेदारियों को संभालना एक बड़ी चुनौती थी. लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. धीरे-धीरे उन्होंने अनुभव हासिल किया और सिर्फ 2-3 साल के भीतर अपने इस छोटे काम को एक सफल बिजनेस में बदल दिया. आज वे अच्छी कमाई कर रही हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं.

पारंपरिक खेती छोड़ अपनाया नया रास्ता, बढ़ी आमदनी

कर्नाटक के बेलगावी के शिवलिंग सतप्पा हुद्दार ने भी पारंपरिक खेती  से हटकर कुछ नया करने का फैसला लिया. उन्होंने एक तालाब बनाकर मछली पालन शुरू किया. इस काम को बेहतर तरीके से समझने के लिए उन्होंने पहले ट्रेनिंग ली. सही जानकारी और मेहनत के दम पर आज उनका यह फैसला सफल हो चुका है. अब वे अपने तालाब से मछलियों की बिक्री कर अच्छी कमाई कर रहे हैं. इसके साथ ही, बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए कई लोग सीवीड की खेती भी अपना रहे हैं. यह एक नया और फायदेमंद विकल्प बनकर सामने आया है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिल रहा है.

कोल्ड स्टोरेज से बदली तस्वीर, महिलाओं की मजबूत सोच

लक्षद्वीप के मिनीकॉय की हाव्वा गुलजार की कहानी भी काफी प्रेरणादायक है. वे पहले मछली प्रोसेसिंग यूनिट  चलाती थीं, लेकिन उन्हें लगा कि अगर उनके पास कोल्ड स्टोरेज होगा तो वे अपने बिजनेस को और बढ़ा सकती हैं. उन्होंने यह कदम उठाया और कोल्ड स्टोरेज यूनिट शुरू की. शुरुआत में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. आज उनका यह फैसला उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया है. अब वे अपने काम को और आगे बढ़ा रही हैं और अच्छी कमाई कर रही हैं.

सरकार और टेक्नोलॉजी से मछुआरों को मिल रहा मजबूत सहारा

PM मोदी ने Mann Ki Baat  में बताया कि आज मछुआरों का जीवन पहले से काफी आसान हो रहा है. सरकार बंदरगाहों का विकास कर रही है और बीमा जैसी सुविधाएं दे रही है, जिससे उन्हें सुरक्षा मिल रही है. साथ ही टेक्नोलॉजी की मदद से अब मौसम की सही जानकारी समय पर मिल जाती है, जिससे समुद्र में काम करना सुरक्षित हो गया है. नई तकनीकों और इनोवेशन से fमत्स्य पालन और सीवीड सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है और लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं.

Published: 29 Mar, 2026 | 09:22 PM

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