दुधारू पशु खरीदने से पहले जरूर जांच लें ये बातें, वरना हो सकता है पशु का नुकसान

दुधारू पशु खरीदते समय सही जानकारी किसानों को नुकसान से बचा सकती है. स्वस्थ पशु की पहचान, दूध देने की क्षमता, उम्र और टीकाकरण जैसी जरूरी बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है. सही पशु खरीदने से दूध उत्पादन बढ़ता है और डेयरी कारोबार में बेहतर मुनाफा मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है.

नोएडा | Updated On: 2 May, 2026 | 11:12 AM

Dairy Farming: गांवों में डेयरी का काम किसानों की आय बढ़ाने का बड़ा जरिया बनता जा रहा है. ऐसे में अगर किसान दुधारू पशु खरीदते समय सही जानकारी रखें, तो उन्हें अच्छा दूध उत्पादन और बेहतर मुनाफा मिल सकता है. बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग और पशुपालन निदेशालय ने किसानों को पशु खरीदते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखने की सलाह दी है. सही पशु खरीदने से बीमारी और नुकसान से बचाव होता है, साथ ही दूध उत्पादन भी बढ़ता है.

पशु का स्वास्थ्य सबसे पहले जांचें

दुधारू पशु खरीदते  समय सबसे पहले उसके स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है. पशु पूरी तरह स्वस्थ दिखना चाहिए. उसकी आंखें साफ और चमकदार हों. चमड़ी मुलायम और बाल चमकदार होने चाहिए. शरीर पर किसी तरह का घाव, सूजन या चकत्ते नहीं होने चाहिए. अगर पशु बार-बार खांस रहा हो, लंगड़ा कर चल रहा हो या बहुत कमजोर दिखाई दे रहा हो, तो उसे खरीदने से बचना चाहिए. पशु की नाक से पानी या पस निकलना भी बीमारी का संकेत हो सकता है. ऐसे पशु आगे चलकर किसानों के लिए परेशानी और अतिरिक्त खर्च बढ़ा सकते हैं.

दूध देने की क्षमता जरूर जांचें

किसानों को पशु खरीदने से पहले उसकी दूध देने की क्षमता  की सही जानकारी लेनी चाहिए. कई बार व्यापारी ज्यादा दूध बताकर पशु बेच देते हैं, लेकिन बाद में उत्पादन कम निकलता है. इसलिए खरीद से पहले खुद दूध निकलवाकर देखना बेहतर माना जाता है. पशु के थन सामान्य और स्वस्थ होने चाहिए. थनों में सूजन, घाव या कठोरता नहीं होनी चाहिए. दूध साफ और सामान्य होना चाहिए. अगर संभव हो तो किसान पिछले कुछ दिनों का दूध उत्पादन भी पूछ सकते हैं. इससे सही जानकारी मिलती है और नुकसान की संभावना कम रहती है.

पशु की उम्र और नस्ल पर दें ध्यान

अच्छी नस्ल का पशु लंबे समय तक अच्छा दूध देता है. इसलिए खरीदते समय उसकी नस्ल की जानकारी  लेना जरूरी है. पशु की उम्र भी सही होनी चाहिए. बहुत ज्यादा बूढ़ा पशु खरीदने से दूध उत्पादन कम हो सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, दांत देखकर पशु की उम्र का अंदाजा लगाया जा सकता है. कम उम्र और स्वस्थ पशु लंबे समय तक किसानों को फायदा देते हैं. किसान ऐसी नस्ल चुनें जो उनके इलाके के मौसम के अनुसार आसानी से रह सके और बीमारियों से कम प्रभावित हो.

टीकाकरण और जरूरी दस्तावेज भी देखें

पशु खरीदते समय उसके टीकाकरण की जानकारी जरूर लें. समय पर टीका लगा पशु बीमारियों  से ज्यादा सुरक्षित रहता है. किसान यह भी देखें कि पशु को कोई बड़ी बीमारी पहले तो नहीं हुई है. अगर पशु किसी डेयरी फार्म या बाजार से खरीदा जा रहा है, तो उसके जरूरी कागजात भी जांच लें. इससे भविष्य में किसी तरह की परेशानी नहीं होती. पशु खरीदने के बाद उसे तुरंत साफ और सुरक्षित जगह पर रखें और संतुलित आहार दें. विशेषज्ञों का कहना है कि सही जानकारी और सावधानी के साथ खरीदा गया दुधारू पशु किसानों की आय बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है. इसलिए जल्दबाजी में पशु खरीदने के बजाय अच्छी तरह जांच-पड़ताल करना जरूरी है.

Published: 2 May, 2026 | 10:57 AM

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