सर्दियों में दूध कम हो रहा है? पशुओं को खिलाएं देसी अचार, बढ़ेगा दूध और घटेगा खर्च

सर्दियों में चारे की कमी और ठंड के कारण दूध उत्पादन घट जाता है. ऐसे में साइलेज पशुपालकों के लिए देसी और सस्ता समाधान बनकर उभरा है. यह पशुओं को पोषण देता है, दूध बढ़ाता है और खर्च भी कम करता है.

नोएडा | Updated On: 30 Jan, 2026 | 08:10 PM

सर्दी का मौसम आते ही दुधारू पशुपालकों की परेशानी बढ़ जाती है. ठंड बढ़ते ही पशु कम खाना शुरू कर देते हैं, बीमार पड़ने का खतरा रहता है और सबसे बड़ा नुकसान होता है दूध उत्पादन में गिरावट का. ऐसे समय में अगर सही चारे की व्यवस्था न हो, तो कमाई पर सीधा असर पड़ता है. लेकिन अब पशुपालकों के लिए एक देसी और सस्ता उपाय सामने आया है, जिसे पशुओं का देसी अचार कहा जा रहा है.

सर्दियों में क्यों घट जाता है दूध उत्पादन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सर्दियों में तापमान गिरने से दुधारू पशुओं  का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है. ठंड के कारण वे कम सक्रिय रहते हैं और कई बार संतुलित आहार नहीं मिल पाने से कमजोर भी हो जाते हैं. इसका सीधा असर दूध देने की क्षमता पर पड़ता है. ऊपर से हरे चारे की कमी और महंगे सूखे चारे ने पशुपालकों की लागत भी बढ़ा दी है. ऐसे में सही पोषण  देना एक बड़ी चुनौती बन जाता है.

पशुओं का देसी अचार क्या है साइलेज

साइलेज को पशुओं का देसी अचार कहा जाता है. यह हरे चारे को खास तरीके से फर्मेंट कर तैयार किया जाता है, ताकि उसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके. मक्का, ज्वार, बाजरा या हरी घास  से तैयार किया गया साइलेज हल्के पीले रंग का होता है और इसमें हल्की खट्टी खुशबू आती है. मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि सूखे चारे की तुलना में साइलेज ज्यादा पौष्टिक होता है और इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है.

साइलेज कैसे बढ़ाता है दूध और घटाता है खर्च

साइलेज खिलाने से पशुओं को सर्दियों में भी भरपूर पोषण मिलता है. इससे उनकी सेहत बेहतर रहती है, दूध की मात्रा  बढ़ती है और वे ज्यादा ऊर्जावान रहते हैं. चूंकि साइलेज लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है, इसलिए चारे की कमी की समस्या भी नहीं रहती. इससे बाजार से महंगा चारा खरीदने की जरूरत कम हो जाती है और पशुपालन की लागत घटती है.

युवाओं और किसानों के लिए फायदेमंद विकल्प

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,साइलेज अपनाने से पशुपालन सिर्फ परंपरागत काम नहीं रह जाता, बल्कि मुनाफे का मजबूत जरिया बन सकता है. खासकर जो युवा डेयरी फार्मिंग  शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए यह तरीका बेहद फायदेमंद है. कम खर्च में ज्यादा दूध उत्पादन होने से आमदनी बढ़ती है और सर्दियों की सबसे बड़ी टेंशन खत्म हो जाती है. यही वजह है कि अब ज्यादा से ज्यादा पशुपालक इस देसी उपाय को अपनाकर अपनी कमाई बढ़ा रहे हैं.

Published: 30 Jan, 2026 | 09:20 PM

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