Fish Farming: ये मछली साल में दो बार कराती है कमाई, जानिए फिश फार्मिंग का सही तरीका

पंगेसियस मछली पालन आजकल बंपर मुनाफे का सौदा साबित हो रहा है. कम लागत और महज 6 महीने की कम अवधि में तैयार होने वाली यह मछली साल में दो बार कमाई का मौका देती है. बाजार में इसकी भारी मांग और सरकारी अनुदान के कारण युवा और किसान पारंपरिक खेती छोड़कर इस आधुनिक व्यवसाय को अपना रहे हैं.

नोएडा | Updated On: 26 Jan, 2026 | 07:33 PM

Pangasius fish Farming : अगर आप भी कम मेहनत में मोटी कमाई करने का सपना देख रहे हैं, तो अब वक्त आ गया है कि आप अपनी सोच का कांटा बदलें. खेती-किसानी के पारंपरिक रास्तों से हटकर आजकल एक जलपरी किसानों की किस्मत चमका रही है. हम बात कर रहे हैं पंगेसियस मछली की, जिसे मछली पालन की दुनिया का एटीएम कहा जाने लगा है. आज के दौर में जब युवा और किसान नए स्टार्टअप की तलाश में हैं, तब पंगेसियस मछली पालन एक ऐसा बिजनेस बनकर उभरा है जिसमें जोखिम कम और मुनाफा रॉकेट की रफ्तार से बढ़ता है.

क्यों है पंगेसियस मछली इतनी खास?

पंगेसियस मछली  की सबसे बड़ी खूबी इसका तेजी से बढ़ना है. जहां दूसरी मछलियों को बाजार के लायक होने में साल भर का समय लगता है, वहीं पंगेसियस महज 6 महीने में ही तैयार हो जाती है. इसका मतलब है कि आप एक ही साल में दो बार फसल ले सकते हैं और दो बार अपनी जेबें भर सकते हैं. इस मछली की खास बात यह है कि यह कम ऑक्सीजन वाले पानी में भी मजे से रहती है और कम जगह में ज्यादा मछलियों के लिए एकदम फिट है. इसके शरीर पर कांटे कम और मांस ज्यादा होता है, जिसकी वजह से होटलों और बाजारों में इसकी डिमांड हमेशा हाई रहती है.

लागत कम और मुनाफा डबल से भी ज्यादा

मछली पालन  में अक्सर लोग भारी निवेश से डरते हैं, लेकिन पंगेसियस के मामले में गणित कुछ अलग है. जानकारों और सफल मत्स्य पालकों के अनुभव बताते हैं कि अगर आप एक औसत आकार के तालाब से शुरुआत करते हैं, तो बीज, दाना और रखरखाव मिलाकर करीब 2.5 से 3 लाख रुपये का खर्च आता है. लेकिन असली जादू तब दिखता है जब फसल तैयार होती है. महज 6 महीने की मेहनत के बाद जब आप जाल डालते हैं, तो यह निवेश 5 से 6 लाख रुपये की कमाई में बदल जाता है. यानी लागत निकालकर भी आपकी बचत लाखों में होती है. इसे आप व्हाइट रिवोल्यूशन का नया चेहरा कह सकते हैं.

घर बैठे बिकेगी मछली, खरीदार खुद आएंगे आपके द्वार

अक्सर किसानों को फसल बेचने के लिए मंडियों के चक्कर काटने पड़ते हैं, लेकिन पंगेसियस के साथ ऐसा नहीं है. इस मछली की लोकप्रियता  इतनी अधिक है कि आपको बाजार जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती. बड़े-बड़े व्यापारी और थोक विक्रेता खुद आपके तालाब पर आकर खरीदारी करते हैं. चूंकि यह मछली वजन में भारी होती है और इसका स्वाद लोगों को खूब लुभाता है, इसलिए इसकी प्री-बुकिंग तक हो जाती है. आपको बस सही समय पर दाना डालना है और मछलियों की सेहत का ख्याल रखना है, बाकी का काम बाजार की डिमांड खुद कर देगी.

सरकार से भी मिलता है जबरदस्त बैकअप

अगर आप सोच रहे हैं कि शुरुआत कैसे करें, तो घबराइए मत. सरकार भी नीली क्रांति (Blue Revolution) के तहत मछली पालन को बढ़ावा दे रही है. पंगेसियस पालन के लिए तालाब खुदवाने से लेकर बीज खरीदने तक पर भारी सब्सिडी (अनुदान) उपलब्ध है. प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से आप इसकी बारीकियां सीख सकते हैं. कम पानी और कम मेहनत के साथ शुरू होने वाला यह व्यवसाय आज के युवाओं के लिए एक शानदार करियर विकल्प बन चुका है. तो देर किस बात की? तालाब तैयार कीजिए और पंगेसियस के जरिए अपनी तरक्की की नई इबारत लिखिए.

Published: 26 Jan, 2026 | 08:32 PM

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