पशुओं का दूध बढ़ाने के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय, बिहार सरकार ने दी खास सलाह

बिहार सरकार के पशुपालन विभाग ने पशुओं का दूध बढ़ाने के लिए आसान घरेलू उपाय अपनाने की सलाह दी है. विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित आहार, हरा चारा, मेथी दाना, अलसी और साफ पानी पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन के लिए बेहद जरूरी हैं. सही देखभाल और पोषण से डेयरी व्यवसाय में बेहतर कमाई संभव हो सकती है.

नोएडा | Published: 9 May, 2026 | 01:41 PM

Milk Production: दूध उत्पादन बढ़ाना हर पशुपालक की सबसे बड़ी जरूरत होती है. कई बार पशु स्वस्थ होने के बावजूद उम्मीद के मुताबिक दूध नहीं देते, जिससे किसानों की कमाई प्रभावित होती है. ऐसे में बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग और गव्य विकास निदेशालय ने पशुपालकों को कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाने की सलाह दी है. विभाग का कहना है कि सही आहार और पौष्टिक चीजों को पशुओं के भोजन में शामिल करके दूध उत्पादन बढ़ाया जा सकता है. खास बात यह है कि ये उपाय आसान होने के साथ कम खर्च वाले भी हैं.

दाने में मेथी, अलसी और सरसों खल्ली मिलाना फायदेमंद

बिहार सरकार के अनुसार पशुओं के दाने  में कुछ खास चीजें मिलाने से दूध उत्पादन बेहतर हो सकता है. विभाग ने बताया कि मेथी दाना, अलसी और सरसों की खल्ली पशुओं के लिए काफी लाभकारी मानी जाती है. विशेषज्ञों के मुताबिक मेथी दाना पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है, जबकि अलसी शरीर को जरूरी पोषण देती है. वहीं सरसों की खल्ली पशुओं को ताकत देने का काम करती है. अगर इन चीजों को सही मात्रा में दाने के साथ मिलाकर खिलाया जाए, तो पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहता है और दूध उत्पादन में भी सुधार देखने को मिलता है.

हरा चारा बढ़ा सकता है दूध की मात्रा

पशुपालन विभाग ने हरे चारे को भी बेहद जरूरी बताया है. बरसीम, नेपियर घास, ज्वार और मक्का जैसे हरे चारे पशुओं को जरूरी पोषण देते हैं और दूध बढ़ाने में मदद करते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि कई पशुपालक सिर्फ सूखा चारा खिलाते हैं, जिससे पशुओं को पूरा पोषण नहीं मिल पाता. हरा चारा देने से पशुओं का पाचन अच्छा रहता है और शरीर को ऊर्जा भी मिलती है. गर्मियों के मौसम में हरे चारे का महत्व और बढ़ जाता है क्योंकि इससे पशुओं के शरीर में पानी की कमी भी कम होती है. सही मात्रा में हरा चारा देने से पशु ज्यादा सक्रिय और स्वस्थ रहते हैं.

देसी नुस्खों का भी ले रहे सहारा किसान

गांवों में कई किसान आज भी दूध बढ़ाने के लिए देसी नुस्खों  का इस्तेमाल करते हैं. विभाग के अनुसार कुछ किसान पशुओं को अदरक और गुड़ भी खिलाते हैं. मान्यता है कि अदरक पाचन को मजबूत करता है और गुड़ शरीर को ऊर्जा देता है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इन चीजों का उपयोग संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए. पशुपालन विभाग ने साफ कहा है कि घरेलू उपाय तभी असरदार होंगे जब पशुओं को सही समय पर भोजन, साफ पानी और उचित देखभाल मिलेगी. सिर्फ नुस्खों पर निर्भर रहना सही नहीं माना जाता.

संतुलित आहार और देखभाल सबसे जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि दूध बढ़ाने के लिए सिर्फ एक चीज पर ध्यान देना काफी नहीं है. पशुओं को संतुलित आहार देना सबसे ज्यादा जरूरी होता है. इसके साथ साफ-सफाई, समय पर टीकाकरण और पर्याप्त पानी भी जरूरी है. अगर पशु स्वस्थ  रहेगा, तभी वह अच्छा दूध देगा. बिहार सरकार लगातार पशुपालकों को जागरूक करने में जुटी है ताकि डेयरी व्यवसाय से किसानों की आय बढ़ाई जा सके. विभाग का मानना है कि अगर किसान सही जानकारी और पोषण पर ध्यान दें, तो कम खर्च में भी दूध उत्पादन बढ़ाया जा सकता है. पशुपालन विशेषज्ञों के अनुसार छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर किसान अपनी डेयरी को ज्यादा लाभदायक बना सकते हैं और पशुओं को स्वस्थ रख सकते हैं.

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