CM मोहन के बड़े ऐलान.. पशुओं के मुफ्त इलाज के लिए खुलेंगे हॉस्पिटल, किसानों से दूध खरीदेगी सरकार

मध्यप्रदेश सरकार ने पशुपालकों और डेयरी कारोबार को मजबूत बनाने के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं. ग्वालियर में पशुओं का वेलनेस सेंटर और डबरा में पशु चिकित्सालय खोला जाएगा. सरकार दूध खरीद बढ़ाने के साथ पशुपालकों को बेहतर दाम दिलाने और ग्रामीण रोजगार मजबूत करने पर भी फोकस कर रही है.

नोएडा | Updated On: 5 May, 2026 | 02:27 PM

Madhya Pradesh Dairy: मध्यप्रदेश सरकार ने पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर में आयोजित राज्य स्तरीय पशुपालक एवं दुग्ध उत्पादक सम्मेलन में घोषणा की कि प्रदेश सरकार अब पशुपालकों से भरपूर मात्रा में दूध खरीदेगी और उन्हें दूध का समुचित दाम दिलाने की दिशा में काम करेगी. इसी के साथ डबरा में आधुनिक पशु चिकित्सालय और ग्वालियर में पशुओं के लिए वेलनेस सेंटर खोले जाने की भी घोषणा की गई. सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश को देश का मिल्क कैपिटल बनाना है.

पशुपालकों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के पशुपालक ग्रामीण अर्थव्यवस्था  की रीढ़ हैं और सरकार उनकी आय बढ़ाने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है. उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार हर जरूरी कदम उठा रही है. पशुपालकों को बाजार में उचित मूल्य दिलाने के साथ-साथ सरकार दूध खरीद की व्यवस्था को भी मजबूत करेगी ताकि किसानों और दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक लाभ मिल सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश का मिल्क कैपिटल बनाने में ग्वालियर क्षेत्र की अहम भूमिका रहने वाली है. सरकार डेयरी सेक्टर को रोजगार और स्वरोजगार का बड़ा माध्यम बनाने की दिशा में लगातार योजनाएं लागू कर रही है. उन्होंने सम्मेलन में मौजूद पशुपालकों से आधुनिक तकनीक अपनाने और डेयरी व्यवसाय को आगे बढ़ाने की अपील भी की.

डबरा में पशु चिकित्सालय, ग्वालियर में वेलनेस सेंटर

राज्य स्तरीय सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने डबरा में पशु चिकित्सालय और ग्वालियर में पशुओं के लिए वेलनेस सेंटर खोलने की घोषणा की. सरकार का मानना है कि पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य से दूध उत्पादन में बढ़ोतरी होगी और पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा. पशु वेलनेस सेंटर में पशुओं की जांच, इलाज, पोषण और देखभाल से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. वहीं डबरा में बनने वाला पशु चिकित्सालय क्षेत्र के पशुपालकों के लिए बड़ी राहत  साबित होगा. इससे पशुओं के इलाज के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा और समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पशुधन को मजबूत बनाने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं.

हर ब्लॉक में बनेगा एक वृंदावन ग्राम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश के हर ब्लॉक में एक-एक वृंदावन ग्राम विकसित किया जा रहा है. इन ग्रामों का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन बढ़ाना, पशुपालन को संगठित करना और ग्रामीण रोजगार को मजबूत करना है. सरकार का मानना है कि इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और पशुपालकों की आमदनी में सुधार होगा. उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष के तहत सरकार केवल खेती ही नहीं बल्कि पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के समग्र विकास पर भी काम कर रही है. वृंदावन ग्राम योजना  के जरिए पशुपालकों को आधुनिक डेयरी तकनीक, बेहतर नस्ल के पशु और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. सम्मेलन की शुरुआत मुख्यमंत्री ने गो माता के पूजन के साथ की. इसके बाद उन्होंने पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से लगाई गई वृंदावन ग्राम थीम आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभागीय योजनाओं की जानकारी ली.

डेयरी सेक्टर को मिलेगा नई योजनाओं का लाभ

पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने कहा कि प्रदेश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों का सम्मेलन आयोजित किया गया है. उन्होंने इसे डेयरी सेक्टर के विकास  में मील का पत्थर बताया. राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार पशुपालन और डेयरी उद्यमिता को तकनीक आधारित और टिकाऊ रोजगार मॉडल के रूप में विकसित करना चाहती है. उन्होंने बताया कि पहले प्रदेश में प्रतिदिन करीब 9 लाख लीटर दूध का कलेक्शन होता था और अब इसे लगातार बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं. सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित किए. सरकार का उद्देश्य है कि योजनाओं का सीधा लाभ गांवों में रहने वाले पशुपालकों तक पहुंचे और डेयरी क्षेत्र को मजबूत आधार मिल सके.

Published: 5 May, 2026 | 02:23 PM

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