Dairy Farming: मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए ग्वालियर में राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. मुख्यमंत्री मोहन यादव इस बड़े सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे. कार्यक्रम मेला ग्राउंड ग्वालियर में आयोजित होगा, जिसमें प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पशुपालक और दुग्ध उत्पादक शामिल होंगे. पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अनुसार, सम्मेलन का उद्देश्य पशुपालकों को नई योजनाओं, आधुनिक तकनीकों और सरकारी सहायता से जोड़ना है. कार्यक्रम में पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री लखन पटेल भी मौजूद रहेंगे. सरकार का कहना है कि पशुपालन को मजबूत बनाकर किसानों की आय बढ़ाने पर लगातार काम किया जा रहा है.
20 हजार से ज्यादा पशुपालक और दुग्ध उत्पादक होंगे शामिल
विभाग के मुताबिक, इस सम्मेलन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से करीब 20 हजार पशुपालक, दुग्ध उत्पादक, सहकारी समितियों के सदस्य और लाभान्वित हितग्राही शामिल होंगे. इसके अलावा डेयरी क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले पशुपालकों को भी कार्यक्रम में बुलाया गया है. सरकार का मानना है कि ऐसे आयोजनों से पशुपालकों को नई जानकारी मिलती है और वे आधुनिक तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित होते हैं. सम्मेलन में पशुपालन से जुड़े कई विषयों पर चर्चा की जाएगी. इसमें दूध उत्पादन बढ़ाने, पशुओं की बेहतर देखभाल, संतुलित आहार और आधुनिक डेयरी प्रबंधन जैसे मुद्दों पर जानकारी दी जाएगी. प्रदेश सरकार लगातार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए नई योजनाएं लागू कर रही है. इसी दिशा में मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने का लक्ष्य तय किया गया है. सरकार का कहना है कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का बड़ा माध्यम बन सकता है.
हितग्राहियों को मिलेंगे स्वीकृति प्रमाण-पत्र
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम के दौरान विभागीय योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को स्वीकृति प्रमाण-पत्र भी वितरित करेंगे. इससे पशुपालकों को सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से मिल सकेगा. पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अनुसार, राज्य सरकार पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है. इनमें डेयरी विकास, पशु स्वास्थ्य, चारा प्रबंधन और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं. सम्मेलन के जरिए सरकार इन योजनाओं की जानकारी सीधे पशुपालकों तक पहुंचाने की कोशिश करेगी. वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है. इसी के तहत किसानों और पशुपालकों को नई सुविधाएं देने पर जोर दिया जा रहा है. सरकार का मानना है कि डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में विकास से ग्रामीण युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे.
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अनुभव साझा करेंगे मैत्री कार्यकर्ता और पशुपालक
सम्मेलन की खास बात यह होगी कि इसमें मैत्री कार्यकर्ता, सहकारी दुग्ध समितियों के सदस्य और क्षीरधारा ग्रामों के सरपंच अपने अनुभव साझा करेंगे. सफल पशुपालक बताएंगे कि आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने कैसे अपनी आय बढ़ाई. कार्यक्रम स्थल पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी. इसमें दुग्ध उत्पादन, पशु पालन तकनीक और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी दी जाएगी. पशुपालक यहां नई मशीनों, आधुनिक डेयरी मॉडल और पशु देखभाल से जुड़े उपायों को भी करीब से देख सकेंगे. सरकार को उम्मीद है कि यह सम्मेलन प्रदेश में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को नई दिशा देगा. साथ ही इससे पशुपालकों को आधुनिक जानकारी मिलने के साथ उनकी आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.