Tip Of The Day: गायों की आंखों में संक्रमण का खतरा.. समय पर इलाज न हुआ तो जा सकती है रोशनी, ऐसे करें बचाव
गायों की आंखें बेहद नाजुक होती हैं और थोड़ी सी लापरवाही गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है. धूल, संक्रमण, कीड़े या पोषण की कमी से आंखों की रोशनी प्रभावित होती है. समय पर लक्षण पहचानकर सही इलाज किया जाए तो नुकसान से बचा जा सकता है.
Cattle Eye Care Tips: अकसर पशुपालक गायों के खान-पान और उनके शरीर में होने वाली बीमारियों का तो पूरा खयाल रखते हैं, लेकिन एक अंग ऐसा है जिसकी अनदेखी भारी पड़ सकती है- वह है आंखें. गायों की आंखें बेहद संवेदनशील होती हैं. धूल-मिट्टी, गंदगी या किसी छोटे से संक्रमण को अगर समय रहते नहीं पहचाना गया, तो आपकी गाय की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है.
इससे न केवल पशु को असहनीय दर्द होता है, बल्कि उसकी दूध देने की क्षमता पर भी बुरा असर पड़ता है. पशु चिकित्सकों का मानना है कि जागरूकता की कमी के कारण कई बार मामूली सा दिखने वाला संक्रमण अंधेपन का कारण बन जाता है. आइए जानते हैं गायों में होने वाली आंखों की उन आम बीमारियों के बारे में, जिनका समय पर इलाज बेहद जरूरी है.
आंखें लाल होना और कंजक्टिवाइटिस का खतरा
गायों में सबसे ज्यादा होने वाली समस्या कंजक्टिवाइटिस है. इसमें गाय की आंखें गुलाबी या लाल दिखने लगती हैं और उनमें भारी सूजन आ जाती है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अगर आपकी गाय की आंखों से लगातार पानी बह रहा है, तो समझ लीजिए कि उसे एलर्जी, धूल या किसी बैक्टीरिया ने जकड़ लिया है. ऐसी स्थिति में पशु बेचैन रहता है. राहत की बात यह है कि अगर शुरुआती स्टेज में ही डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप और दवाओं का इस्तेमाल किया जाए, तो इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है.
कॉर्नियल अल्सर- जब आंखों पर जमने लगे सफेद परत
यह समस्या कंजक्टिवाइटिस से कहीं ज्यादा गंभीर है. अक्सर घास चरते समय या आपस में लड़ते वक्त गाय की आंख में तिनका, कांटा या कोई बाहरी चीज लग जाती है. इससे आंख में गहरा घाव बन जाता है जिसे कॉर्नियल अल्सर कहते हैं. इसमें पशु की आंख पर एक सफेद रंग की धुंधली परत जमने लगती है और पशु को देखने में दिक्कत होती है. अगर इसका तुरंत इलाज न कराया जाए, तो घाव गहरा होकर आंख की रोशनी को पूरी तरह खत्म कर सकता है.
आंखों में कीड़े और ड्राई आई की समस्या
खुले में चरने वाले पशुओं में आई वर्म यानी आंखों के कीड़ों का खतरा सबसे ज्यादा होता है. इसमें परजीवी गाय की आंखों को अपना घर बना लेते हैं. लक्षण के तौर पर गाय बार-बार पलकें झपकाती है और खुजली के कारण अपनी आंखों को दीवारों या खंभों से रगड़ती है. वहीं दूसरी ओर, गर्मियों के मौसम में ड्राई आई की समस्या बढ़ जाती है. इसमें आंखों से कीचड़ या मवाद जैसा स्राव निकलने लगता है. इन दोनों ही स्थितियों में पशु के आसपास साफ-सफाई रखना और विशेषज्ञ द्वारा दी गई एंटी-पैरासिटिक दवाओं का उपयोग करना अनिवार्य है.
विटामिन-A की कमी और बचाव के तरीके
इंसानों की तरह ही गायों की आंखों की सेहत के लिए विटामिन-A बहुत जरूरी है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि पशु के आहार में पोषक तत्वों की कमी है, तो उसकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम होने लगती है और उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) घट जाती है.
पशुपालकों के लिए जरूरी टिप्स:-
- पशु के रहने की जगह को मक्खियों और धूल से मुक्त रखें.
- आंखों में किसी भी तरह का संक्रमण दिखने पर उसे ठंडे और साफ पानी से धोएं.
- बिना डॉक्टरी सलाह के कोई भी घरेलू नुस्खा सीधे आंख में न डालें.
- पशु को हरा चारा और विटामिन युक्त आहार दें.