एक बार लगाएं ये खास हरी घास..चार साल तक मिलेगा चारा, गाय-भैंस देंगी भरपूर दूध रोज
पशुपालन विभाग के अनुसार एक खास हरी घास पशुपालकों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रही है. इसे एक बार लगाने पर कई साल तक हरा चारा मिलता रहता है. यह घास पशुओं की सेहत सुधारती है और दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद करती है, जिससे खर्च घटता और कमाई बढ़ती है.
Dairy Farming: अगर पशुपालक चाहते हैं कि उनके गाय-भैंस सालभर अच्छा दूध दें और हमेशा स्वस्थ रहें, तो हरे चारे का सही इंतजाम बहुत जरूरी है. पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अनुसार एक खास प्रकार की हरी घास पशुपालकों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रही है. यह घास लंबे समय तक हरी रहती है और दूध बढ़ाने में मदद करती है.
एक बार लगाएं, कई साल तक फायदा उठाएं
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अनुसार यह घास बहुवर्षीय होती है. यानी इसे एक बार खेत में लगाने के बाद करीब 3 से 4 साल तक बार-बार बोने की जरूरत नहीं पड़ती. किसान समय-समय पर इसकी कटाई करके पशुओं को खिला सकते हैं. इस घास की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जल्दी बढ़ती है और साल में कई बार काटी जा सकती है. इससे पशुपालकों को हर मौसम में हरा चारा मिल जाता है और चारे की कमी नहीं होती.
दूध बढ़ाने में मददगार हरा चारा
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अनुसार यह घास दुधारू पशुओं के लिए बहुत पौष्टिक मानी जाती है. इसमें ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो पशुओं को ताकत देते हैं और दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद करते हैं. जब पशुओं को अच्छा और पौष्टिक चारा मिलता है तो वे कम बीमार पड़ते हैं और ज्यादा दूध देते हैं. इससे पशुपालकों की आमदनी भी बढ़ती है और दूध की गुणवत्ता भी बेहतर होती है.
कम खर्च में ज्यादा फायदा
इस घास की खेती करने से पशुपालकों को बाजार से महंगा चारा खरीदने की जरूरत कम पड़ती है. खेत में ही हरा चारा तैयार हो जाता है जिससे खर्च घटता है. यह घास कम पानी और कम देखभाल में भी अच्छी तरह तैयार हो जाती है. इसलिए छोटे और मध्यम किसान भी इसे आसानी से उगा सकते हैं. कम लागत में ज्यादा उत्पादन होने से पशुपालन का काम ज्यादा लाभदायक बन जाता है.
हर मौसम में मिल सकता है हरा चारा
यह घास गर्मी और हल्की सर्दी दोनों मौसम में अच्छी तरह बढ़ती है. इसलिए पशुपालकों को सालभर हरा चारा मिल सकता है. सालभर हरा चारा मिलने से पशुओं की सेहत अच्छी रहती है और दूध उत्पादन लगातार बना रहता है. मौसम बदलने पर भी पशुओं के खाने में ज्यादा बदलाव नहीं करना पड़ता.
सरकार भी दे रही है मदद
चारा उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को अच्छी किस्म की घास उपलब्ध कराई जा रही है. इसके साथ ही प्रशिक्षण और खेती से जुड़ी जानकारी भी दी जाती है. किसानों को चारे की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि पशुपालन मजबूत हो सके. अगर ज्यादा किसान इस तरह की घास की खेती अपनाते हैं तो दूध उत्पादन भी बढ़ सकता है.