Milk Production: गर्मी में दूध घटने से परेशान किसान, 60-40 चारा फॉर्मूला रखेगा उत्पादन बरकरार

गर्मी के मौसम में दुधारू पशुओं का दूध अक्सर कम हो जाता है, लेकिन सही डाइट से इसे रोका जा सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक 60 प्रतिशत हरा और 40 प्रतिशत सूखा चारा देना जरूरी है. साथ में मिनरल मिक्सचर और नमक मिलाने से दूध उत्पादन स्थिर रखा जा सकता है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 1 Mar, 2026 | 11:17 AM

Dairy Farming: गर्मी शुरू होते ही कई पशुपालक परेशान हो जाते हैं. दूध कम होने लगता है और आमदनी घट जाती है. अक्सर लोग इसे मौसम की मार मान लेते हैं, लेकिन सच यह है कि सही खान-पान से इस नुकसान को रोका जा सकता है. अगर दुधारू पशु की डाइट में थोड़ा सा बदलाव कर दिया जाए, तो तेज गर्मी में भी दूध की मात्रा को संतुलित रखा जा सकता है.

गर्मी में क्यों घटता है दूध?

गर्मी बढ़ते ही पशु कम खाना खाते  हैं. तेज तापमान का असर उनके पाचन तंत्र पर पड़ता है. जब पेट ठीक से काम नहीं करता, तो दूध उत्पादन भी कम हो जाता है. इसके अलावा, गर्मियों में हरे चारे की कमी भी हो जाती है. सूखा चारा ज्यादा और हरा कम मिलने से शरीर को जरूरी पोषण  नहीं मिल पाता. यही वजह है कि दूध की मात्रा धीरे-धीरे घटने लगती है. लेकिन अच्छी बात यह है कि अगर समय रहते खान-पान ठीक कर दिया जाए, तो इस गिरावट को रोका जा सकता है.

कैसी होनी चाहिए सही डाइट?

गर्मी के मौसम में दुधारू पशुओं  का दूध कम होना आम बात है, लेकिन सही डाइट से इसे रोका जा सकता है. पशु विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में 60 फीसदी हरा चारा और 40 प्रतिशत सूखा चारा देना सबसे बेहतर फॉर्मूला है. हरा चारा शरीर को ठंडक देता है और पाचन ठीक रखता है, जबकि सूखा चारा ताकत और प्रोटीन की कमी पूरी करता है. इसके साथ रोजाना लगभग 50 ग्राम मिनरल मिक्सचर और 30 से 50 ग्राम नमक मिलाना चाहिए. इससे पेट मजबूत रहता है और दूध की मात्रा स्थिर बनी रहती है. सही आहार से पशुपालक नुकसान से बच सकते हैं.

हरा और सूखा चारा कैसे पूरा करें?

गर्मी में बरसीम, ज्वार और बाजरा अच्छा हरा चारा माना जाता है. अगर ताजा हरा चारा कम मिले तो साइलेज भी दिया जा सकता है. इससे पशु को नमी मिलती है और पानी की कमी नहीं होती. सूखे चारे के लिए सरसों की खली, बिनौला और सोयाबीन की खली अच्छे विकल्प हैं. ये प्रोटीन से भरपूर होते हैं और शरीर को ताकत देते हैं. ध्यान रखें, ज्यादा या कम नहीं-सही मात्रा में देना ही असली समझदारी है.

कब और कैसे खिलाएं चारा?

गर्मी में समय का भी ध्यान रखना जरूरी है. सुबह 9 बजे से पहले पहली बार चारा दें, ताकि धूप का असर कम पड़े. दूसरी बार शाम को खिलाएं जब तापमान थोड़ा कम हो जाए. लू से बचाने के लिए थोड़ी मात्रा में गुड़ और अजवाइन  भी दी जा सकती है. इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और गर्मी का असर कम होता है. सबसे जरूरी बात-पानी. एक वयस्क दुधारू पशु को दिन में 3 से 4 बार में कुल 60 से 80 लीटर तक साफ और ठंडा पानी जरूर पिलाएं. पानी की कमी सीधे दूध पर असर डालती है.

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