गाय-भैंस की देखभाल के देसी उपाय अपनाएं, सेहत सुधरेगी और दूध उत्पादन तेजी से बढ़ेगा

सर्दियों में गाय-भैंस और बछड़ियों की सेहत कमजोर पड़ सकती है, जिससे दूध उत्पादन प्रभावित होता है. हर्बल लड्डू, चूने का साफ पानी, पेट की सफाई और संतुलित आहार जैसे देसी उपाय अपनाकर पशुओं को स्वस्थ रखा जा सकता है और दुग्ध उत्पादन बढ़ाया जा सकता है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 6 Feb, 2026 | 11:30 PM

Animal Husbandry : सर्दियों का मौसम जहां इंसानों के लिए ठंड और आराम लेकर आता है, वहीं पशुपालकों के लिए जिम्मेदारी बढ़ा देता है. ठंड के कारण गाय-भैंस और बछड़ियों की सेहत जल्दी कमजोर पड़ सकती है. अगर इस समय सही देखभाल और पोषण न मिले, तो दूध उत्पादन कम हो जाता है. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान देसी उपाय अपनाकर पशुओं को स्वस्थ रखा जा सकता है और दूध की मात्रा भी बढ़ाई जा सकती है.

सर्दियों में पशुओं की देखभाल क्यों जरूरी है

ठंड के मौसम में पशुओं की रोग  प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है. खासकर प्रसव के बाद गाय और भैंस को ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है. पोषण की कमी से पशु कमजोर हो जाते हैं और दूध उत्पादन पर असर पड़ता है. ऐसे समय में संतुलित आहार, साफ पानी और नियमित देखभाल बहुत जरूरी होती है. छोटे-छोटे घरेलू उपाय पशुओं को अंदर से मजबूत बनाते हैं और बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं.

हर्बल लड्डू से मिलेगी ताकत और बढ़ेगा दूध

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पशुओं के लिए हर्बल लड्डू एक आसान और असरदार देसी उपाय माना जाता है. इन्हें अजवाइन, मैथी, सौंठ, शतावरी और गुड़ मिलाकर बनाया जाता है. ये लड्डू शरीर में गर्माहट बनाए रखते हैं और पाचन शक्ति को बेहतर करते हैं. गुड़ ऊर्जा देता है, जबकि मैथी और शतावरी दूध बढ़ाने में मदद करती हैं. अजवाइन और सौंठ पेट की दिक्कतों को दूर करती हैं. नियमित मात्रा में यह लड्डू देने से पशु जल्दी स्वस्थ होते हैं और दूध की गुणवत्ता  भी बेहतर होती है.

पेट की सफाई के घरेलू उपाय

पशुओं के पेट की सफाई  भी उतनी ही जरूरी है. इसके लिए पपीते के बीज सुखाकर उनका पाउडर बनाया जा सकता है और गुड़ या पानी के साथ दिया जा सकता है. नीम की कोमल पत्तियों का पेस्ट बनाकर उसमें थोड़ा गुड़ मिलाकर खिलाने से भी फायदा होता है. पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए खट्टी छाछ में सरसों का तेल और काला नमक मिलाकर देना भी कारगर माना जाता है. इन उपायों से पाचन ठीक रहता है और पशु स्वस्थ बने रहते हैं.

चूने का पानी और बछड़ियों का पोषण

पशुओं में कैल्शियम  की कमी पूरी करने के लिए चूने के साफ पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है. मिट्टी के घड़े में पानी और चूना मिलाकर कुछ दिनों तक रखने के बाद ऊपर का साफ पानी ही पशु को दिया जाता है. यह हड्डियों को मजबूत बनाता है और दूध उत्पादन में मदद करता है. बछड़ियों के अच्छे विकास के लिए तिल की खली और मिनरल मिक्सचर देना फायदेमंद होता है. अंकुरित जौ, गुड़ और थोड़ा तेल मिलाकर खिलाने से उनकी ताकत बढ़ती है और भविष्य में उत्पादन बेहतर होता है.

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Published: 6 Feb, 2026 | 11:30 PM

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