नौकरी छोड़ शुरू करें गधा पालन! सरकार दे रही 50 लाख तक की मदद, जानिए कैसे उठाएं योजना का फायदा
अगर आप पशुपालन से नया कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो गधा पालन अच्छा विकल्प बन सकता है. सरकार राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना के तहत इस काम को बढ़ावा दे रही है. इसके तहत गधा पालन प्रोजेक्ट पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल सकती है, जिससे पशुपालकों को कारोबार शुरू करने में मदद मिलती है.
Donkey Farming: आज के समय में बहुत से लोग नौकरी के बजाय अपना खुद का काम शुरू करना चाहते हैं. अगर आप भी खेती या पशुपालन से कमाई करने की सोच रहे हैं तो गधा पालन एक अच्छा विकल्प बन सकता है. सरकार भी इस काम को बढ़ावा देने के लिए खास योजना चला रही है. इसके तहत गधा पालन का प्रोजेक्ट शुरू करने पर करीब 50 लाख रुपये तक की मदद मिल सकती है.
देश में तेजी से कम हो रही है गधों की संख्या
डेयरी एंव पशुपालन मंत्रालय के डेटा के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में देश में गधों की संख्या तेजी से घट रही है. 2019 की पशुगणना के अनुसार भारत में लगभग 1.23 लाख गधे ही बचे थे, जबकि 2012 के बाद से इनकी संख्या में करीब 60 प्रतिशत की कमी आई है. वर्ष 2025-26 की पशुगणना का डेटा अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन अनुमान है कि संख्या में और गिरावट आई होगी. पहले गधों का उपयोग सामान ढोने और निर्माण कार्यों में होता था, पर मशीनों के बढ़ते इस्तेमाल से यह काम कम हो गया है.
राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना से गधा पालन को मिल रहा बढ़ावा.
इन राज्यों में सबसे ज्यादा पाए जाते हैं गधे
देश के कई राज्यों में गधा पालन ज्यादा किया जाता है. खासकर राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात और बिहार जैसे राज्यों में इनकी संख्या ज्यादा है. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी गधे पाए जाते हैं. हालांकि कुछ राज्यों में इनकी संख्या बहुत कम रह गई है. कहीं-कहीं तो सिर्फ 2 से 10 गधे ही बचे हैं. ऐसे में सरकार चाहती है कि गधा पालन को बढ़ावा देकर इनकी संख्या बढ़ाई जाए और पशुपालकों को कमाई का नया जरिया मिले.
- पशुपालकों के लिए रोजगार का नया मौका, केवल दूध ही नहीं ऊंट के आंसुओं से भी होगी कमाई
- बरसात में खतरनाक बीमारी का कहर, नहीं कराया टीकाकरण तो खत्म हो जाएगा सब
- पशुपालक इन दवाओं का ना करें इस्तेमाल, नहीं तो देना पड़ सकता है भारी जुर्माना
- 2000 रुपये किलो बिकती है यह मछली, तालाब में करें पालन और पाएं भारी लाभ
राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना से मिल रही मदद
गधा पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार राष्ट्रीय पशुधन मिशन (National Livestock Mission) योजना चला रही है. यह योजना साल 2014-15 में शुरू हुई थी. इस योजना का मुख्य उद्देश्य पशुपालन को बढ़ावा देना, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाना और पशुओं से मिलने वाले उत्पादों का उत्पादन बढ़ाना है. इसके तहत गधा, घोड़ा और ऊंट जैसे पशुओं के पालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. सरकार चाहती है कि लोग इन पशुओं को पालकर अच्छी कमाई करें और पशुपालन के नए अवसर पैदा हों.
गधा पालन
प्रोजेक्ट पर मिल सकती है 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें पशुपालकों को अच्छी आर्थिक मदद मिलती है. अगर कोई व्यक्ति गधा पालन का बड़ा प्रोजेक्ट शुरू करता है, तो सरकार कुल लागत का 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देती है. उदाहरण के तौर पर अगर किसी प्रोजेक्ट की लागत 1 करोड़ रुपये है, तो सरकार करीब 50 लाख रुपये तक की मदद कर सकती है. इससे पशुपालकों को कारोबार शुरू करने में काफी सहूलियत मिलती है और उन्हें पूरी राशि खुद नहीं लगानी पड़ती.
इस तरह कर सकते हैं योजना के लिए आवेदन
अगर आप इस योजना का फायदा उठाना चाहते हैं तो इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा. इसके लिए आपको nlm.udyamimitra.in वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा. आवेदन के दौरान आपको अपने प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी देनी होती है. जिसमें आपको आपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक और जमीन से जुड़े दस्तावेज अपलोड़ करना होता है. अपलोडिंग के बाद बैंक से लोन लेकर प्रोजेक्ट शुरू किया जाता है. जब प्रोजेक्ट शुरू हो जाता है, तब सरकार की ओर से सब्सिडी की राशि दी जाती है.
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद योजना का लाभ मिल सकता है. ध्यान रखें कि आवेदन की अंतिम तिथि 26 अप्रैल 2026 है. इस योजना का लाभ लेने के लिए इन बोतों का जरूर ध्यान दें- भारत का नागरिक होना चाहिए पशुपालन के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए कम से कम 50 गधों का पालन करना होगा गधों को उचित चारा और पानी देना होगा व्यवसाय को कम से कम 6 महीने तक संचालित करना होगा.