2 करोड़ पशुओं के लिए FMD टीका लगाने की शुरुआत, पशुपालन मंत्री बोले- बीमारी से गायों-भैसों को बचाना जरूरी

Foot and Mouth Disease Vaccination Drive: पशुपालन विभाग के अनुसार 2 करोड़ से ज्यादा पशुओं को खुरपका और मुंहपाक रोग से बचाने के लिए टीका लगाने का अभियान चलाया जा रहा है. फुट-एंड-माउथ बीमारी नियंत्रण कार्यक्रम के सातवें चरण के तहत राज्यव्यापी अभियान में गाय-भैंसों के साथ ही छोटे पशुओं को भी कवर किया जा रहा है.

नोएडा | Updated On: 17 Mar, 2026 | 02:48 PM

Rajasthan to vaccinate 20 million cattles to save from FMD : खुरपका-मुंहपका (FMD) रोग से पशुओं को बचाना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह संक्रामक बीमारी कुछ दिनों में ही पशु की जान ले लेती है. इस बीमारी से बचाव के लिए राजस्थान सरकार मुफ्त टीकाकरण अभियान का 7वां चरण चला रही है. अभियान के तहत 2 करोड़ से ज्यादा पशुओं को टीका लगाने का टारगेट तय किया गया है. राजस्थान के पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि जानलेवा बीमारी से गाय-भैंस के साथ छोटे पशुओं को बचाने के लिए मुफ्त टीका लगाया जा रहा है, पशुपालक इस सुविधा का लाभ उठाएं और पशुधन को सेहतमंद रखें.

राजस्थान सरकार के पशुपालन मंत्रालय के अनुसार राज्य में 2 करोड़ से ज्यादा पशुओं को फुट एंड माउथ बीमारी यानी खुरपका और मुंहपका रोग से बचाने के लिए टीका लगाया जा रहा है. आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सरकार अपने फुट-एंड-माउथ बीमारी नियंत्रण कार्यक्रम के सातवें चरण के तहत दो करोड़ से अधिक पशुओं को टीका लगाएगी. राज्यव्यापी अभियान का सातवां चरण, जिसे पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने जयपुर के पास बगरू स्थित रामदेव गौशाला से शुरू किया है.

2.32 करोड़ पशुओं को टीकाकरण कराने का टारगेट

पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कार्यक्रम में कहा कि टीकाकरण अभियान का उद्देश्य सभी जिलों में 2.32 करोड़ गायों और भैंसों को टीका लगाना है. इसके साथ ही छोटे पशुओं का भी टीकाकरण करना है. उन्होंने पशु मालिकों से अपील की कि वे अपने सभी पशुओं को इस संक्रामक बीमारी से बचाने के लिए उनका टीकाकरण जरूर कराएं. उन्होंने कहा कि इससे पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.

पशुओं के मुंह में और खुरों में फफोले हो जाते हैं और बुखार आता है

पशुपालन मंत्री ने कहा कि फुट एंड माउथ (FMD) एक संक्रामक वायरल बीमारी है जो पशुधन को प्रभावित करती है, जिसमें गाय, सूअर, भेड़ और बकरियां शामिल हैं. इस बीमारी के लक्षणों में बुखार और मुंह, जीभ तथा खुरों पर फफोले जैसे घाव होना शामिल है. इसकी चपेट में आकर पशु चारा नहीं खा पाता है और चल-फिर भी नहीं पाता है. चारा नहीं खा पाने की वजह से उसका वजन तेजी से घटता है, जिससे उसकी मौत होने का खतरा बढ़ जाता है.

समय पर टीकाकरण से पशु की सेहत दुरुस्त रहेगी.

आधिकारिक बयान में पशुपालन मंत्री ने संबंधित अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को निर्देश दिया कि वे टीकाकरण अभियान को समयबद्ध तरीके से पूरा करें, ताकि 2030 तक राज्य को इस बीमारी से मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके.

गांव-गांव टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा

पशुपालन विभाग के निदेशक सुरेश मीणा ने मीडिया से कहा कि FMD एक अत्यंत संक्रामक बीमारी है, जो पशुधन की उत्पादकता को प्रभावित करती है और किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाती है. पशुपालन विभाग की टीमें गांवों में घर-घर जाकर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है और अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए इस प्रक्रिया की लगातार निगरानी करेंगी.

Published: 17 Mar, 2026 | 02:20 PM

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