चूहे, पक्षी और कीट बन सकते हैं बीमारी का कारण, पशुपालन विभाग ने बताया फार्म सुरक्षित रखने का तरीका

पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अनुसार पशुशाला में चूहे, पक्षी और दूसरे बाहरी जीव संक्रमण फैलाने का बड़ा कारण बन सकते हैं. इसलिए किसानों को फार्म की चारदीवारी मजबूत रखने, चारे को सुरक्षित रखने और समय-समय पर कीट नियंत्रण करने की सलाह दी गई है. पशुओं के इलाज और टीकाकरण के लिए पशु डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी बताया गया है.

नोएडा | Published: 9 Mar, 2026 | 11:24 AM

Animal Husbandry: पशुपालन आज किसानों की आमदनी बढ़ाने का बड़ा जरिया बन चुका है. लेकिन कई बार छोटी-छोटी लापरवाहियां पशुओं में बड़ी बीमारियों की वजह बन जाती हैं. पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अनुसार चूहे, पक्षी और दूसरे बाहरी जीव कई तरह के संक्रमण फैला सकते हैं. अगर पशुशाला में साफ-सफाई और सुरक्षा का ध्यान न रखा जाए तो ये जीव चारे को खराब कर देते हैं और बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं. इसलिए जरूरी है कि किसान अपने फार्म को सुरक्षित रखें और समय-समय पर जरूरी सावधानियां अपनाएं.

फार्म की चारदीवारी और सुरक्षा जरूरी

सबसे पहले पशुपालन करने वाले किसानों को अपने फार्म की सुरक्षा  पर ध्यान देना चाहिए. पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अनुसार फार्म के चारों तरफ मजबूत चारदीवारी या बाड़ लगाना बहुत जरूरी है. इससे अनावश्यक लोगों और बाहरी पशुओं का आना-जाना बंद हो जाता है. कई बार आसपास के आवारा पशु या जंगली जानवर फार्म में घुस जाते हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए फार्म को सुरक्षित बनाना पशुओं की सेहत के लिए पहला कदम माना जाता है. किसान अगर शुरुआत से ही इस बात का ध्यान रखें तो कई समस्याओं से बचा जा सकता है.

फार्म के आसपास साफ और खुला क्षेत्र रखें

पशुपालन विशेषज्ञों का कहना है कि फार्म के आसपास का वातावरण भी बहुत मायने रखता है. अगर पशुशाला के आसपास  बहुत ज्यादा पेड़-पौधे या घनी झाड़ियां हों तो वहां चूहे, सांप और दूसरे कीट आसानी से छिप सकते हैं. इसी वजह से सलाह दी जाती है कि फार्म के आसपास खुला और साफ क्षेत्र रखा जाए. कम पेड़ हों और झाड़ियां ज्यादा न हों, ताकि जंगली जानवरों और कीटों के छिपने की जगह न मिले. साफ वातावरण रहने से पशुशाला में रोशनी और हवा भी अच्छी तरह आती है, जो पशुओं के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद मानी जाती है.

चारे को हमेशा सुरक्षित रखें

पशुओं का चारा उनकी सेहत से सीधे जुड़ा होता है. अगर चारा खराब हो जाए या उसमें संक्रमण पहुंच जाए तो पशु जल्दी बीमार पड़ सकते हैं. पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अनुसार चारे को हमेशा ढककर या बंद जगह पर ही रखना चाहिए. खुले में रखा चारा चूहे, पक्षी या अन्य जीव  आसानी से खराब कर सकते हैं. कई बार ये जीव चारे में गंदगी कर देते हैं, जिससे पशुओं को संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए चारे का भंडारण सुरक्षित जगह पर करना जरूरी है. साफ और सूखी जगह पर रखा चारा पशुओं के लिए ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.

समय-समय पर कीट नियंत्रण जरूरी

पशुशाला में कीट नियंत्रण भी बहुत जरूरी होता है. कई बार चूहे, मक्खियां और दूसरे कीट पशुओं में बीमारियां फैलाने का काम करते हैं. इसलिए किसानों को समय-समय पर कीट नियंत्रण करवाना चाहिए. फार्म में नियमित सफाई, दवाई का छिड़काव और आसपास की जगह को साफ रखना भी जरूरी है. इससे कीटों की संख्या कम रहती है और संक्रमण फैलने की संभावना भी घट जाती है. अगर किसान इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें तो पशुओं को कई गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है.

इलाज और टीकाकरण के लिए पशु डॉक्टर से लें सलाह

पशुओं को स्वस्थ  रखने के लिए समय पर इलाज और टीकाकरण भी बहुत जरूरी है. पशुपालन विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पशु बीमार दिखाई दे तो तुरंत पशु डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. इसके अलावा पशुओं का नियमित टीकाकरण भी करवाना चाहिए, ताकि गंभीर बीमारियों से बचाव हो सके.

याद रखें कि बाहर से आने वाला कोई भी जीव बीमारी का संभावित स्रोत हो सकता है. इसलिए सावधानी और सही देखभाल ही पशुओं को स्वस्थ रखने का सबसे अच्छा तरीका है. पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय का भी यही कहना है कि अगर किसान फार्म की साफ-सफाई, सुरक्षा और नियमित देखभाल पर ध्यान दें तो पशुओं में बीमारी का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है. सही जानकारी और जागरूकता के साथ पशुपालन को और भी सुरक्षित और लाभदायक बनाया जा सकता है.

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