गायों का दूध निकाल रहे रोबोट..सेहत देख रही AI, स्मार्ट डेयरी देखकर हैरान हुए ऋषि सुनक

ब्रिटेन के नॉर्थ यॉर्कशायर में एक डेयरी फार्म पर रोबोट गायों का दूध निकाल रहे हैं और AI उनकी सेहत पर नजर रख रहा है. तकनीक से प्रति गाय सालाना करीब 300 लीटर दूध बढ़ा और कुल उत्पादन में 15 फीसदी का इजाफा हुआ.

नोएडा | Published: 8 Sep, 2026 | 02:43 PM

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने उत्तरी यॉर्कशायर स्थित एक आधुनिक डेयरी फार्म का दौरा किया. यहां दूध उत्पादन और पशुपालन के लिए रोबोट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. यह तकनीक गायों का दूध निकालने के साथ-साथ उनकी सेहत, व्यवहार और शारीरिक स्थिति पर भी लगातार नजर रखती है. सुनक ने लो व्हिनहोम फार्म पर जॉनसन परिवार के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम पारिवारिक फार्मों में भी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल रोजमर्रा के काम को आसान बनाने और लंबे समय में कमाई बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

तीन रोबोट खुद निकालते हैं गायों का दूध

लो व्हिनहोम फार्म पर दूध निकालने के लिए तीन स्वचालित दुग्ध निकालने वाली मशीनें  लगाई गई हैं. इनकी मदद से गायों का दूध निकालने का काम काफी हद तक अपने आप हो जाता है. फार्म पर मोंटबेलियर्ड, फ्राइजियन, ब्रिटिश फ्राइजियन और होल्स्टीन नस्लों से तैयार मिश्रित नस्ल की गायें हैं. आधुनिक तकनीक अपनाने के बाद हर गाय से सालाना करीब 300 लीटर अतिरिक्त दूध मिलने लगा है. इससे फार्म के कुल दूध उत्पादन में करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

320 संकेतों से गायों की सेहत पर नजर

फार्म पर लगी आधुनिक निगरानी व्यवस्था गायों की सेहत  और व्यवहार से जुड़े 320 तक अलग-अलग संकेतों पर नजर रखती है. इससे किसी गाय के बीमार होने या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के शुरुआती संकेतों का पता लगाने में मदद मिलती है. फार्म में लगे कैमरों के जरिए गायों की शारीरिक स्थिति पर भी नजर रखी जाती है. इस व्यवस्था से पशुपालकों को यह समझने में मदद मिलती है कि किसी गाय की सेहत में कोई बदलाव तो नहीं हो रहा है.

थनैला रोग घटा, गायों के आराम का भी ख्याल

आधुनिक तकनीक का फायदा केवल दूध उत्पादन बढ़ने तक सीमित  नहीं है. लगातार निगरानी के कारण फार्म पर थनैला रोग के मामलों में भी कमी आई है. गायों की सेहत में होने वाले छोटे बदलावों का समय रहते पता चल जाता है, जिससे जरूरी कदम उठाने में आसानी होती है. इसके साथ ही गायों के आराम और बेहतर जीवन पर भी ध्यान दिया जा रहा है. गर्मियों के मौसम में गायों को खुले मैदान में चरने की सुविधा भी दी जाती है.

40 प्रतिशत सरकारी सहायता से हुआ निवेश

ऋषि सुनक ने जॉनसन परिवार के आधुनिक तकनीक अपनाने के तरीके की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम पारिवारिक फार्मों  को आमतौर पर आधुनिक तकनीक से नहीं जोड़ा जाता, लेकिन यह फार्म साबित करता है कि तकनीक रोज के काम को आसान करने के साथ लंबे समय में कमाई बढ़ाने में भी मदद कर सकती है. जॉनसन परिवार ने इस आधुनिक व्यवस्था में निवेश के लिए खेती निवेश कोष की मदद ली. इसके तहत परिवार को कुल निवेश का 40 प्रतिशत अनुदान मिला.

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