Sambhal Poultry Farm Fire: नफरत की आग में खाक हुए 3500 मुर्गे, रंजिश ने उजाड़ा फार्म
उत्तर प्रदेश के संभल में एक मामूली विवाद के बाद रंजिश में दो युवकों ने मुर्गी फार्म में आग लगा दी. इस दर्दनाक हादसे में 3500 मुर्गियां, 700 अंडे और दो कुत्ते जिंदा जल गए. फार्म में सो रहे बुजुर्ग ने बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई. पीड़ित परिवार का करीब 16 लाख का नुकसान हुआ है.
Sambhal Poultry Farm Fire: कहते हैं कि गुस्सा इंसान को अंधा बना देता है, लेकिन कोई इतना क्रूर कैसे हो सकता है कि अपनी आपसी खुन्नस निकालने के लिए हजारों बेजुबान जिंदगियों को मौत के घाट उतार दे? उत्तर प्रदेश के संभल से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां महज एक मामूली कहासुनी का बदला लेने के लिए दो युवकों ने एक मुर्गी फार्म को आग के हवाले कर दिया. इस खौफनाक आग में न केवल हजारों मुर्गियां राख हो गईं, बल्कि वफादार कुत्ते और सैकड़ों अंडे भी जलकर खाक हो गए. जिस बुजुर्ग ने अपनी मेहनत से इस कारोबार को खड़ा किया था, उन्होंने जलती लपटों के बीच मौत को करीब से देखा और बमुश्किल अपनी जान बचाई.
खौफनाक मंजर- जब चीखों से गूंज उठा पूरा इलाका
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुर्गी फार्म में रोजाना की तरह कामकाज समेटकर बुजुर्ग अंदर सो रहे थे. तभी रात के सन्नाटे में अचानक आग की लपटें उठने लगीं. देखते ही देखते आग ने पूरे फार्म को अपनी चपेट में ले लिया. अंदर फंसे हजारों मुर्गों और कुत्तों की तड़प और चीखें रोंगटे खड़े कर देने वाली थीं. बुजुर्ग ने जब खुद को आग से घिरा पाया, तो उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा था. उन्होंने पूरी ताकत लगाकर फार्म का दरवाजा तोड़ा और जलती लपटों से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, हालांकि इस कोशिश में वे भी झुलस गए.
15 दिन पुरानी रंजिश और बदले की आग
इस तबाही के पीछे कोई हादसा नहीं, बल्कि गहरी साजिश बताई जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 15 दिन पहले मुर्गी फार्म के मालिकों की गांव के ही दो युवकों के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी. आरोप है कि उसी झगड़े का बदला लेने के लिए उन युवकों ने रात के अंधेरे में फार्म में आग लगा दी. एक छोटी सी बहस का अंत इतना खौफनाक होगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी. नफरत की इस चिंगारी ने एक हंसते-खेलते व्यवसाय को मलबे के ढेर में बदल दिया.
16 लाख का नुकसान और बेजुबानों की मौत
जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचते और सबमर्सिबल चलाकर आग पर काबू पाते, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था. इस अग्निकांड का मंजर इतना दर्दनाक था कि देखने वालों की आंखों में आंसू आ गए. आग में 3500 छोटे-बड़े मुर्गे-मुर्गियां, 700 अंडे और रखवाली के लिए तैनात दो वफादार कुत्ते जिंदा जल गए. पीड़ित परिवार का कहना है कि उनकी सालों की मेहनत और करीब 16 लाख रुपये की संपत्ति कुछ ही मिनटों में धुआं हो गई. अब उनके पास सिर्फ राख बची है और भविष्य को लेकर गहरी चिंता.
पुलिस की जांच और इंसाफ की गुहार
घटना के बाद गांव में तनाव और मातम का माहौल है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित परिवार ने दो युवकों को नामजद करते हुए पुलिस में तहरीर दी है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है और दोषियों की तलाश की जा रही है. हालांकि, ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी रोष है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचे. अब सबकी नजरें पुलिसिया कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि उन बेजुबानों की मौत और एक गरीब परिवार की बर्बादी के गुनहगारों को सख्त से सख्त सजा मिल सके.