मॉडर्न फार्मिंग में पुरुषों से आगे महिलाएं.. खुद किसानों को दे रहीं ट्रेनिंग, 5 साल में 2 करोड़ ने सीखी आधुनिक खेती

Kisan Pathshala Uttar Pradesh: किसान पाठशाला के तहत 2017-18 से अब तक दो करोड़ से अधिक किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है. किसान पाठशाला का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती के लिए शिक्षित करना और उनकी आय दोगुनी करना है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 8 Jan, 2026 | 10:43 AM

Women Farmers Trainers: हमेशा से खेती में महिलाओं की अहम भूमिका रही है. पंजाब और हरियाणा में तो महिलाओं के कंधे पर खेती और पशुपालन की ज्यादा जिम्मेदारी होती है. इसी तरह अन्य राज्यों में भी महिलाएं खेती में बढ़-चढ़ कर अपना योगदान दे रही हैं. यूपी में महिलाएं पुरुष किसानों को आधुनिक खेती करने के तरीके भी सिखा रही हैं. यूपी में बीते 5 सालों के दौरान 2 करोड़ से ज्यादा महिला और पुरुष किसानों को खेती की नई तकनीकें, उन्नत पद्धतियां और तरीके सिखाये गए हैं. वहीं, यूपी में बीते एक माह में 20 लाख से ज्यादा किसानों को कृषि पाठशाला के जरिए खेती में नवाचार अपनाने और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल करके खेती करने के तरीके सिखाए गए हैं.

30 दिन में 20.15 लाख किसानों को सिखाए खेती के तरीके

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर किसान पाठशाला लगाकर किसानों को आधुनिक खेती, सरकार की योजनाओं व खेती में नवाचार के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षित किया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 दिसंबर को पद्मश्री किसान रामसरन वर्मा के गांव दौलतपुर बाराबंकी से किसान पाठशाला का शुभारंभ किया था. इसके बाद कृषि विभाग ने जिलावार किसानों को प्रशिक्षण दिया गया. ‘खेती की बात खेत पर’ थीम के साथ किसान पाठशाला 2025-26 का आयोजन संपन्न हुआ. इस दौरान 20.15 लाख किसानों को ट्रेनिंग दी गई.

12.62 लाख पुरुष और 7.53 लाख महिला किसानों को खेती की ट्रेनिंग

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि रबी सीजन में कृषि विज्ञान केंद्र, पैक्स सोसाइटी, ग्राम पंचायत सचिवालय, प्रगतिशील किसानों के साथ ही प्रदेश के 21 हजार ग्राम पंचायतों में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया. इसमें प्रदेश के कुल 20.15 लाख किसानों ने हिस्सा लिया. इसमें 12.62 लाख पुरुष व 7.53 लाख महिला किसानों को कृषि व अन्य विभागों की योजनाओं के साथ ही कृषि विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों व कृषि विज्ञान केंद्रों में किए जा रहे नवाचारों से प्रशिक्षित किया गया.

5 साल में दो करोड़ से अधिक किसान पा चुके खेती की ट्रेनिंग

कृषि विभाग के मुताबिक किसान पाठशाला के तहत 2017-18 से अब तक दो करोड़ से अधिक किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है. किसान पाठशाला का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती के लिए शिक्षित करना और उनकी आय दोगुनी करना है. योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती की तकनीक, प्राकृतिक खेती, फसल प्रबंधन, सरकारी योजनाओं और आय बढ़ाने के तरीकों की व्यावहारिक ट्रेनिंग देना है, जिससे वे कम लागत में बेहतर पैदावार कर सकें और आत्मनिर्भर बनें. इसमें फसल सुरक्षा, मृदा स्वास्थ्य, बागवानी, नई तकनीक समेत विभिन्न पहलुओं पर जानकारी भी दी जाती है.

कृषि सखियां पुरुषों को सिखा रहीं मॉडर्न खेती

उत्तर प्रदेश में कृषि सखियां (Krishi Sakhis) किसानों को मॉडर्न फार्मिंग के तरीके सिखा रही हैं. वर्तमान में लगभग 26,373 महिलाओं को कृषि आजीविका सखियां बनाया गया है जो राज्य के 75 जिलों में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. ये महिलाएं किसानों को गांव-गांव में आधुनिक खेती, जैविक खेती, मिट्टी जांच, कीट नियंत्रण, उन्नत बीज चयन जैसे कृषि तकनीकों पर ट्रेनिंग दे रही हैं और ग्रामीण कृषि विस्तार में योगदान कर रही हैं.

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Published: 8 Jan, 2026 | 10:42 AM

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