Tip Of The Day: बछिया बड़ी हो गई, फिर भी नहीं दे रही बच्चा? किसानों की ये बड़ी गलती हो सकती है वजह!

Infertility In Dairy Animals: कई बार गाय और भैंस उम्र पूरी करने के बाद भी गर्भधारण नहीं कर पातीं, जिसे बांझपन कहा जाता है. इसका मुख्य कारण कम वजन, पोषण की कमी और हार्मोनल गड़बड़ी हो सकता है. संतुलित आहार, मिनरल मिक्सचर, सही समय पर गर्भाधान और पशु चिकित्सक की सलाह से इस समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है. सही देखभाल से पशु स्वस्थ रहते हैं और दूध उत्पादन भी बढ़ता है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 15 Feb, 2026 | 11:23 AM

Gay-Bhains Me Banjhpan: गांवों में बहुत से किसान गाय और भैंस पालते हैं. इन पशुओं से दूध मिलता है और घर की आमदनी बढ़ती है. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि बछिया या पड़िया बड़ी होने के बाद भी गर्भ धारण नहीं कर पाती. इस परेशानी को बांझपन कहा जाता है. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो इससे किसान को नुकसान हो सकता है.

बांझपन क्या होता है?

जब कोई गाय या भैंस उम्र पूरी करने के बाद भी बच्चा नहीं देती, तो उसे बांझपन की समस्या कहते हैं. कई बार पशु बाहर से बिल्कुल ठीक दिखता है, लेकिन अंदर से शरीर पूरी तरह तैयार नहीं होता. कुछ मामलों में कृत्रिम गर्भाधान कराने के बाद भी गर्भ नहीं ठहरता.

कम वजन भी हो सकता है कारण

अक्सर देखा गया है कि पशु की उम्र तो तीन से चार साल हो जाती है, लेकिन उसका वजन कम रहता है. अगर वजन लगभग 260 किलो से कम है, तो गर्भ ठहरने में दिक्कत आ सकती है. इसका मतलब है कि पशु को सही और पूरा पोषण नहीं मिल रहा. अगर चारा और दाना संतुलित नहीं होगा, तो शरीर कमजोर रहेगा और गर्भधारण मुश्किल हो जाएगा.

पोषण का रखें खास ध्यान

गाय-भैंस को रोज हरा चारा, सूखा चारा, दाना और खली संतुलित मात्रा में देना जरूरी है. साथ ही मिनरल मिक्सचर और नमक भी नियमित रूप से खिलाना चाहिए, ताकि शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी न हो. साफ और ताजा पानी हमेशा उपलब्ध होना चाहिए. अगर पशु को पूरा और सही पोषण मिलेगा, तो उसका शरीर मजबूत रहेगा और गर्भ ठहरने की संभावना बढ़ जाएगी.

हार्मोन की गड़बड़ी भी वजह

कभी-कभी शरीर में हार्मोन की गड़बड़ी के कारण भी बांझपन की समस्या हो जाती है. इससे हीट समय पर नहीं आती या सही तरीके से नहीं आती. ऐसी स्थिति में पशु डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर हार्मोन का इंजेक्शन देते हैं, जिससे समस्या में सुधार हो सकता है. लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा नहीं देनी चाहिए.

क्या करें किसान?

  • पशु को संतुलित और पौष्टिक आहार दें.
  • समय-समय पर वजन जांचें.
  • मिनरल मिक्सचर जरूर खिलाएं.
  • साफ-सफाई का ध्यान रखें.
  • हीट आने का सही समय पहचानें और उसी समय गर्भाधान कराएं.
  • किसी भी समस्या में पशु चिकित्सक से सलाह लें.

समय पर देखभाल से मिलेगा फायदा

अगर किसान शुरुआत से ही अपने पशुओं की सही देखभाल करेंगे, तो बांझपन जैसी समस्या से बचा जा सकता है. अच्छी देखभाल और सही खान-पान से पशु स्वस्थ रहेंगे और दूध उत्पादन भी बढ़ेगा. इससे किसान की आय में भी बढ़ोतरी होगी.

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