Andhra Pradesh News: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने शनिवार को कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 53,752.12 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. इसमें से 14,276.89 करोड़ रुपये सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण और रखरखाव के लिए रखे गए हैं, जिससे किसानों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. इसके अलावा 13,722 करोड़ रुपये बिजली क्षेत्र के लिए और 12,152 करोड़ रुपये कृषि विभाग के लिए रखे गए हैं.
अमरावती में विधानसभा में यह विशेष कृषि बजट पेश करते हुए कृषि मंत्री किंजरापु अच्चन्नायडू ने कहा कि राज्य के 17.62 लाख करोड़ रुपये के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 33.20 प्रतिशत है. मंत्री ने कहा कि जहां देश में कृषि क्षेत्र की विकास दर 0.80 प्रतिशत रही, वहीं राज्य ने 7.83 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कृषि उत्पादन में राज्य की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत है. बजट में किसानों की आर्थिक सहायता योजना ‘अन्नदाता सुखीभाव – पीएम किसान’ के लिए 6,600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि तेलुगु देशम सरकार ने 5.5 लाख एकड़ अतिरिक्त भूमि को माइक्रो इरिगेशन के तहत जोड़ा है और इस साल 3.75 लाख एकड़ और भूमि को इस जल-संरक्षण आधारित खेती पद्धति से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है.
11 फसलों को ग्रोथ इंजन के रूप में चिन्हित किया है
विधानसभा में कृषि बजट पेश करते हुए कृषि मंत्री के. अच्चन्नायडू ने कहा कि राज्य की आर्थिक समृद्धि तभी संभव है जब ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. उन्होंने कहा कि कृषि लाभदायक बनेगी तो गांवों की तरक्की होगी और इससे राज्य का विकास भी तेज होगा. उन्होंने कहा कि ‘स्वर्णांध्र-2047’ विजन के तहत सरकार ने 15 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर हासिल करने के लक्ष्य के साथ 11 फसलों को ग्रोथ इंजन के रूप में चिन्हित किया है.
लंबित बकाए का भुगतान कर दिया गया है
किसानों को राहत देने के लिए अनाज खरीद से जुड़े लंबित बकाए का भुगतान कर दिया गया है. सरकार ने किसानों की शिकायतों का सीधे समाधान करने और समय पर मदद पहुंचाने के लिए ‘रायतन्ना मीकॉसम’ पहल शुरू की है. ‘स्वर्णांध्र-2047’ लक्ष्य को हासिल करने के लिए ‘फार्मर एग्रीटेक’ को अहम आधार बनाया गया है. इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, IoT, ड्रोन और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों को खेती में शामिल किया जा रहा है, ताकि उत्पादन बढ़े और लागत घटे. सरकार हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए भी कदम उठा रही है और युवाओं से खेती को लाभकारी करियर के रूप में अपनाने की अपील की गई है.
पाम ऑयल की खेती के लिए 204 करोड़ रुपये रखे गए
बजट में किसानों को मुफ्त बिजली के लिए 13,722 करोड़ रुपये , अन्नदाता सुखीभाव फसल बीमा योजना के लिए 6,600 करोड़ रुपये, ऑयल पाम खेती के लिए 204 करोड़ रुपये, माइक्रो इरिगेशन के लिए 475 करोड़ रुपये और एकीकृत बागवानी विकास के लिए 175 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. वहीं, सरकार की किसान कल्याण योजनाओं को रेखांकित करते हुए अच्चन्नायडू ने बताया कि ‘अन्नदाता सुखीभाव’ और ‘पीएम किसान’ योजनाओं के तहत हर किसान परिवार को सालाना ₹20,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है।