Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है कि कृषि से जुड़ा शोध सिर्फ प्रयोगशालाओं तक सीमित न रहे, बल्कि सीधे किसानों के खेत तक पहुंचे. उन्होंने ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान’ का संदेश देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज खाद्यान्न उत्पादन में देश का नेतृत्व कर रहा है और अकेले करीब 30 प्रतिशत गेहूं का उत्पादन कर रहा है. उन्होंने किसानों से फसल चक्र अपनाने, बीज उपचार करने और नई तकनीकों का उपयोग करने पर जोर दिया, ताकि आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सके. मंत्री ने बताया कि मौजूदा सरकार ने कृषि बजट में कई गुना बढ़ोतरी की है. साथ ही बुंदेलखंड के सात जिलों के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अलावा मुफ्त मिनी किट, सोलर पंप और बेहतर सिंचाई सुविधाएं भी दी जा रही हैं.
दरअसल, सूर्य प्रताप शाही ने शनिवार को झांसी स्थित रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में ‘विकसित कृष-विकसित भारत-2047’ अभियान के तहत तीन दिवसीय अखिल भारतीय किसान मेला और कृषि प्रदर्शनी-2026 का उद्घाटन करने के दौरान ये बातें कहीं. 14 से 16 फरवरी तक चलने वाले इस मेले का मकसद आधुनिक कृषि तकनीक, नवाचार और मशीनीकरण को किसानों तक सीधे पहुंचाना है. इस मौके पर मंत्री ने ‘श्री अन्न उत्कृष्टता केंद्र’ और ‘खाद्य परीक्षण एवं प्रसंस्करण केंद्र’ का उद्घाटन किया. साथ ही 20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ‘प्राकृतिक एवं जैविक खेती उत्कृष्टता केंद्र’ और 11 करोड़ रुपये की ‘प्राकृतिक कृषि उत्पाद परीक्षण प्रयोगशाला’ की आधारशिला रखी. इन परियोजनाओं से बुंदेलखंड की कृषि व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
बुंदेलखंड में पलायन रोकने में मदद मिलेगी
कृषि मंत्री ने कार्यक्रम में ‘सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मेकेनाइजेशन’ के तहत लाभार्थियों को फार्म मशीनरी बैंक का सांकेतिक वितरण किया. इस योजना में किसानों को 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया गया है. उन्होंने एआई आधारित तीन आधुनिक मोबाइल ऐप- ‘DraQ’, ‘Aqua Scan’ और ‘पशु आहार मित्र’ भी लॉन्च किए, जो बागवानी, मत्स्य पालन और पशुपालन को बेहतर बनाने में मदद करेंगे. मंत्री ने विश्वविद्यालय के 200 एकड़ में विकसित मॉडल फार्म की सराहना करते हुए कहा कि चिया सीड, दलहन, तिलहन और मक्का जैसी फसलों को बढ़ावा देने से बुंदेलखंड में पलायन रोकने में मदद मिलेगी.
कार्यक्रम में ये लोग थे मौजूद
इस मौके पर सांसद अनुराग शर्मा, नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चन्द, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह और कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने अलग-अलग फसलों में उत्कृष्ट काम करने वाले 12 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया और वैज्ञानिकों द्वारा तैयार तकनीकी पुस्तकों और प्रकाशनों का विमोचन भी किया.