Bihar Budget 2026: मखाना को मिलेगी ग्लोबल पहचान, किसानों की होगी बंपर कमाई.. सरकार ने की बड़ी घोषणा

वित्त मंत्री बिजेंद्र कुमार यादव ने बजट पेश करते हुए कहा है कि कृषि सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए मखाना बोर्ड का गठन किया जा है. इससे माखाना उत्पादन में बढ़ोतरी होगी. साथ ही मखाने की प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग भी होगी. इससे मखाना किसानों को उनके उत्पाद की बेहतर कीमत मिल पाएगी.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 3 Feb, 2026 | 05:14 PM

Makhana Board Announcement: बिहार सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है. यह राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है. खास बात यह है कि इस बार राज्य सरकार ने कृषि के ऊपर भी जमकर पैसे खर्च किए हैं. कृषि क्षेत्र को मजबूत और समृद्ध बनाने के लिए मखाना बोर्ड बनाने का फैसला लिया गया है. सरकार को उम्मीद है कि उसके इस फैसले से मखाना किसानों की कमाई में इजाफा होगा. साथ ही मखाने के रकबे में भी बढ़ोतरी होगी.

वित्त मंत्री बिजेंद्र कुमार यादव ने बजट पेश करते हुए कहा है कि कृषि सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए मखाना बोर्ड  का गठन किया जा रहा है. इससे माखाना उत्पादन में बढ़ोतरी होगी. साथ ही मखाने की प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग भी होगी. इससे मखाना किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर कीमत मिल पाएगी. बता दें कि बिहार सरकार ने मखाना बोर्ड बनाने का फैसला केंद्र के ऐलान के एक साल बाद लिया है.

केंद्र सरकार ने भी किया था ऐलान

दरअसल, पिछले साल यानी बजट 2025 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों के लिए कई घोषणाएं की थीं. बिहार में मखाने की खेती को बढ़ावा देने के लिए मखाना बोर्ड का गठन का ऐलान किया गया था, जिसके लिए 476.03 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था. सीतारमण ने कहा था यह बोर्ड उत्पादन, प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग को बेहतर करेगा. इसके तहत मखाना किसानों के लिए FPO बनाए जाएंगे, उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाया जाएगा.

15,000 हेक्टेयर में होती है मखाने की खेती

मखाना बिहार का विश्व मशहूर सुपर फूड है. इसकी सबसे अधिक खेती मिथलांचल में होती है. यही वजह है कि देश में मखाना उत्पादन  में बिहार का योगदान 85 फीसदी से अधिक है. मधुबनी, कटिहार, सहरसा, दरभंगा और पूर्णिया जिले में किसान सबसे अधिक मखाने की खेती करते हैं. ऐसे बिहार में मखाने का रकबा करबी 15,000 हेक्टेयर है और सलाना उत्पादन 75,000 टन से अधिक है.

मखाना को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान

वहीं, बिहार सरकार ने बजट 2026 में कृषि के साथ-साथ डेयरी और पशुपालन  पर भी फोक किया है. इन सेक्टर के किसानों की आय बढ़ाने के लिए 50,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है. साथ ही सिंचाई, बीज, फसल बीमा और कृषि तकनीक पर भी आवंटन खर्च बढ़ाया गया. सरकार का मानना है कि कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था समृद्ध किया जाएगा. वहीं, मखाना को बिहार की पहचान के रूप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग करने की योजना बनाई गई है.

 

 

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Published: 3 Feb, 2026 | 04:31 PM

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