राम कृपाल यादव का ऐलान, बिहार के किसानों को मिलेगा फसल नुकसान का मुआवजा.. यहां करें आवदेन

अक्टूबर 2025 की भारी बारिश और तूफान से बिहार के 12 जिलों में भारी फसल नुकसान हुआ. सरकार ने सर्वे पूरा कर कृषि इनपुट अनुदान प्रक्रिया तेज की है. 33 फीसदी से अधिक क्षति वाले किसान ऑनलाइन आवेदन कर DBT के जरिए अनुदान पा सकेंगे. सहायता 2 हेक्टेयर तक तय दरों पर दी जाएगी.

Kisan India
नोएडा | Published: 27 Nov, 2025 | 06:00 AM

Agriculture News: बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि अक्टूबर 2025 में हुई भारी बारिश, बाढ़ और मोन्था तूफान से बिहार के 12 जिलों के 39 प्रखंडों और 397 पंचायतों में फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है. सरकार ने इन क्षेत्रों का सर्वे पूरा कर लिया है और अब कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत किसानों को जल्दी राहत देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को तुरंत आर्थिक मदद देना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

कृषि मंत्री ने बताया कि इस योजना का लाभ उन सभी रैयत और गैर-रैयत किसानों को मिलेगा जिनकी फसलें 33 फीसदी से ज्यादा खराब हुई हैं. किसान आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. कृषि विभाग ने कहा है कि सभी पात्र किसानों को अनुदान की राशि सीधे उनके बैंक खातों में DBT के जरिए भेजी जाएगी, ताकि भुगतान समय पर और पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हो सके. मंत्री ने बताया कि अनुदान की तय दरें असिंचित फसलों के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित फसलों के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और बहुवर्षीय/शाश्वत फसलों (गन्ना सहित) के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर हैं. यह सहायता अधिकतम 2 हेक्टेयर तक दी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि असिंचित फसल  के लिए न्यूनतम 1,000 रुपये, सिंचित के लिए 2,000 रुपये और बहुवर्षीय फसलों के लिए 2,500 रुपये की राशि तय की गई है, ताकि छोटे और सीमांत किसानों को भी पर्याप्त मदद मिल सके.

इस वेबसाइट पर करें आवेदन

मंत्री ने बताया कि किसान https://dbtagriculture-bihar-gov-in या कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए लिंक से अपनी 13 अंकों की पंजीकरण संख्या का उपयोग कर आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. बेगूसराय, पूर्वी चंपारण, कैमूर, मधुबनी, किशनगंज, गया, भोजपुर, मधेपुरा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, शिवहर और सुपौल इन 12 जिलों के सभी पात्र किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं. कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे 2 दिसंबर 2025 तक अपना आवेदन जरूर जमा करें.

किसानों को जल्द मिलेगा मुआवजा

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि भारी बारिश, बाढ़ और मोन्था तूफान से प्रभावित किसानों को जल्द राहत देना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. कृषि इनपुट अनुदान योजना का मकसद किसानों की तुरंत आर्थिक जरूरत पूरी करना और उन्हें दोबारा खेती के लायक बनाना है. सरकार पारदर्शी और समय पर सहायता पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. मंत्री ने प्रभावित किसानों से तय समय सीमा तक ऑनलाइन आवेदन  करने की अपील की और भरोसा दिलाया कि सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है.

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Published: 27 Nov, 2025 | 06:00 AM
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