Crop Insurance Fraud : पीएम फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़े की परतें हर दिन खुलती जा रही हैं. महोबा, ललितपुर, बांदा के बाद अब मथुरा में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. कृषि विभाग ने गलत तरीके से योजना के जरिए कई करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में लेने वाले 29 किसानों से वसूली करने के निर्देश जारी किए हैं. चिह्नित किसानों को रिकवरी नोटिस भी जिला कृषि विभाग की ओर से भेजे गए हैं. वहीं, 13 अन्य किसानों को बीमा कंपनी ने भी रकम रिकवरी के लिए नोटिस भेजे हैं.
29 लोगों से 66 करोड़ रिकवरी के लिए नोटिस भेजे
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के उप कृषि निदेशक वसंत कुमार दुबे ने मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गलत तरीके से रकम लेने वाले 29 किसानों से 66.28 लाख रुपये की बीमा राशि वसूली जाएगी. उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी की रिपोर्ट के बाद यह एक्शन लिया जा रहा है और सभी आरोपी किसानों को रिकवरी नोटिस भेजे गए हैं. वहीं, बीमा कंपनी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ने अन्य 13 लोगों से डिमांड ड्राफ्ट के जरिए रकम वसूल कर रही है.
13 लोगों से रकम वसूल रही बीमा कंपनी
उन्होंने कहा कि इन किसानों ने साल 2021-22 में गलत तरीके से फसल बीमा क्लेम हासिल किया था. पीएम फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़े की सूचनाएं मिलने के बाद बीमा राशि, क्लेम आवेदन और किसानों के दस्तावेजों और नुकसान आकलन रिपोर्ट की जांच की गई तो पाया गया कि मथुरा में बड़ी संख्या में किसानों ने फर्जी तरीके से बीमा राशि उठाई है. कुल 42 किसानों ऐसे पाए गए हैं. बीमा कंपनी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी 13 लोगों को नोटिस भेज चुकी है. जबकि, अन्य 29 किसानों को कृषि विभाग की ओर से रिकवरी नोटिस भेजा गया है.
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42 लोगों ने गलत तरीके से 90 लाख से ज्यादा रकम हड़पी
कृषि विभाग ने जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर इन किसानों के खिलाफ आरसी जारी की है. इन किसानों को पहले भी नोटिस दिए गए थे. उप कृषि निदेशक वसंत कुमार दुबे ने बताया कि जिले में 42 लोगों के 61 आवेदनों के माध्यम से कुल 90.60 लाख रुपये की वसूली की जानी है. इन किसानों को फर्जी बीमा क्लेम की राशि जमा करने के लिए नोटिस भेजे गए हैं.
पहले भेजे गए 110 किसानों को नोटिस
कृषि विभाग ने कहा कि साल 2021-22 के अंतर्गत शिकायतें मिलने के बाद आंतरिक जांच में कुल 732 संदिग्ध फसल बीमा पॉलिसियों की पहचान की गई थी. कृषि विभाग और बीमा कंपनी की संयुक्त जांच के बाद 110 किसान ऐसे पाए गए थे जिनसे क्षतिपूर्ति की धनराशि गलत तरीके से ली थी. इन किसानों से राशि वसूली जानी है. कृषि विभाग ने इन सभी किसानों को वसूली के लिए पहले ही नोटिस भेजे गए थे.