फसल बीमा योजना से 60 हजार रुपये पाने का आज अंतिम मौका, किसान ऐसे करें आवेदन

हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने किसानों को पीएम फसल बीमा योजना का लाभ लेने की अपील की है. दोनों राज्यों में पहले फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि को बढ़ा जिसे बढ़ाकर 15 जनवरी 2026 किया गया है. अब फिर से अंतिम तारीख आगे बढ़ना मुश्किल है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 15 Jan, 2026 | 12:52 PM

हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में फसलों का बीमा कराने के लिए आज अंतिम तारीख है. किसानों से अपील की गई है कि वे रबी सीजन की जिन फसलों का बीमा कराना चाहते हैं वे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. वहीं, ऑफलाइन आवेदन के लिए शाम 5 बजे तक नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय या उद्यान विभाग के कार्यालय में फॉर्म जमा करा सकते हैं. पीएम फसल बीमा योजना के तहत किसानों को प्राकृतिक तरीके से फसलों को नुकसान होने पर भरपाई के लिए राशि दी जाती है.

हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने किसानों को पीएम फसल बीमा योजना का लाभ लेने की अपील की है. दोनों राज्यों में पहले फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसबंर 2025 थी, जिसे बढ़ाकर 15 जनवरी 2026 किया गया है. अब फिर से अंतिम तारीख आगे बढ़ना मुश्किल है. ऐसे में किसान योजना का लाभ लेने से कहीं वंचित न रह जाएं. इसलिए दोनों राज्यों ने किसानों को आवेदन करने की अपील की है.

सूखा-बाढ़ समेत प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर पैसा मिलेगा

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के उप निदेशक कृषि राजकुमार ने मीडिया से कहा कि किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत रबी मौसम में गेहूं और जौ की फसलों का बीमा अब 15 जनवरी 2026 तक करवा सकते हैं. उन्होंने कहा कि इन फसलों का बीमा करवा कर किसान फसलों की बुआई से लेकर कटाई तक, प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा, बाढ़, सैलाब, प्राकृतिक आग, भूमि कटाव आदि के जोखिम से फसलों को सुरक्षित कर सकते है. इसके अतिरिक्त फसल कटाई के उपरांत दो सप्ताह तक होने वाले नुकसान तथा स्थानीयकृत आपदाओं से होने वाले नुकसानों की भी भरपाई की जा सकती है.

गेहूं फसल को नुकसान होने पर 60 हजार रुपये मिलेंगे

उन्होंने कहा कि गेहूं और जौ फसलों के लिए बीमित राशि 60 हजार और 50  हजार रुपये प्रति हेक्टेयर है, जिसमें किसानों को बीमित राशि का मात्र 1.5 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा. जबकि शेष प्रीमियम राशि का भुगतान केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा. उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने बैंक से ऋण लिया है, ऐसे ऋणी किसानों की फसलों का बीमा स्वतः ही हो जाएगा. यदि ऋणी किसान बीमा नहीं करवाना चाहते हैं तो उन्हें बैंक में बीमा न करने का घोषणा पत्र देना होगा.

फसल बीमा कराने के लिए अधिकारियों के नंबर जारी

कृषि अधिकारी ने कहा कि जिला में कृषि बीमा कंपनी एआईसी फसलों के बीमे के लिए चयनित की गई है. फसल बीमा से संबन्धित कोई भी जानकारी प्राप्त करनी हो तो नजदीकी कृषि कार्यालय अथवा कृषि बीमा कंपनी एआईसी के प्रतिनिधि से संपर्क कर सकते हैं. नाहन खंड के किसान 98166-40065, पच्छाद में 94598-15765, रेणुका और शिलाई में 86298-08485 तथा पांवटा साहिब में 82192-82290 पर जानकारी ले सकते हैं.

छत्तीसगढ़ में उद्यानिकी फसलों के लिए बीमा पंजीयन कराने का आज अंतिम दिन

उद्यानिकी फसलों के लिए बीमा पंजीकरण की कल पंद्रह जनवरी अंतिम तिथि है. अधिक जानकारी के लिए किसान अपने नजदीकी उद्यानिकी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं. बीमा हेतु आवश्यक दस्तावेज आधार नंबर, भू अभिलेखों के आवश्यक दस्तावेजी साक्ष्य, फसल बुआई प्रमाण पत्र, फसल बोने के आशय का स्वघोषणा पत्र शामिल है, अधिक जानकारी के लिए किसान अपने नजदीकी उद्यानिकी कार्यालय अथवा बीमा कंपनी का टोल फ्री नंबर 1800-209-5959 पर संपर्क कर सकते हैं.

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